Tuesday, 21 January 2020

प्यार की खुशबू।

Delhi election 2020
Photo credit: Google.








वो दरख्तों से आती थी हवा के झोंके,
तुम्हारी खुशबू अब उनमें आती नहीं,
वो यादें जो दिल में बसेरा कर गयी हैं,
मेरे दिल से कभी अब वो जाती नहीं।

वो फूलों का खिलना भौरों का मचलना,
वो बगीचे की मिट्टी की सौंधी सी खुशबू,
जब से गयी हो तुम  ऐसा हुआ है,
वो कोयल भी अब गीत गाती नहीं।

©नीतिश तिवारी।

Friday, 17 January 2020

मुफ़लिसी के दौर ने।

Hindi shayari
Pic credit: Pinterest.







मेरी हर आरज़ू को तिश्नगी बनाकर रख दिया,
गिरने का डर ऐसा कि पत्थर हटाकर रख दिया,
लब तो आज़ाद थे फिर क्यों उन पर ताले पड़ गए,
मुफ़लिसी के दौर ने मेरी हस्ती मिटाकर रख दिया।

Meri har aarzoo ko tishnagi banaakar rakh diya,
Girne ka darr aisa ki pathar hatakar rakh diya,
Lab to aazad the phir kyun un par tale pad gaye,
Muflisi ke daur ne meri hasti mitakar rakh diya.

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 16 January 2020

कैसे करुँ इज़हार-ए-मोहब्बत!

Latest hindi romantic poem
Photo courtesy: Google.







कैसे करुँ इज़हार-ए-मोहब्बत,
जरा तुम ये बतलाओ हमें,
दुनिया जहाँ को भूल बैठे हैं,
अब यूँ ना तड़पाओ हमें।

साथ रहो तो सब मुमकिन है,
दूर रहकर क्या हासिल हुआ,
दिन के आठ पहर में से,
एक पहर गर भूल भी जाऊँ,

मैं प्यार नहीं करता तुमसे,
ये कहकर ना झूठलाओ हमें,
कैसे करूँ इज़हार-ए-मोहब्बत,
जरा तुम ये बतलाओ हमें।

©नीतिश तिवारी।

Monday, 6 January 2020

साथी कभी साथ ना छूटे।

Pic credit: Google.







तेरी राहें देखते देखते,
कितनी सदियाँ गुजारी मैंने।
सूनी गलियों में जाकर,
सिर्फ ख़ाक ही छानी मैंने।
अब देर ना कर मेरे पास तू आ,
बिंदिया काजल चूड़ी कंगन,
तेरे लिए मँगा ली मैंने।
साथी अब कभी साथ ना छूटे,
रब से यही दुआ माँगी मैंने।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 5 January 2020

ऐसे मौसम में।

फोटो : गूगल से साभार।







फूलों का रंग
गुलाबी और
तुम्हारे होठों
का भी
धूप की चादर
बिखरी है और 
सर्द हवाएँ भी
कौन होश में 
रह पाएगा
ऐसे मौसम में
जाम छलक ही
जाएगा ऐसे
मौसम में

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 2 January 2020

कुछ बाकी है तो।

shayari

photo credit : unsplash










कुछ बाकी है तो बोल दो,
दिल के दरवाजे खोल दो,

बाद में कुछ नहीं रह जाएगा,
पंछी पिंजरा से उड़ जाएगा।

सात सुरों की सरगम में से,
एक भी सुर ना लग पाएगा।

कुछ बाकी है तो बोल दो,
बातों में मिसरी घोल दो।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 1 January 2020

Happy New Year 2020


Photo credit: Google.







आज इस ब्लॉग की सातवीं वर्षगाँठ के साथ साथ नया साल भी है। पिछला वर्ष इस ब्लॉग के लिए बहुत अच्छा रहा। मैंने ज्यादा से ज्यादा रचनाएँ लिखने की कोशिश की। इस वर्ष भी प्रयास रहेगा कि बेहतर रचनाओं के साथ आप सभी से संवाद कर सकूँ। 
इस वर्ष मैंने अपनी एक किताब "फिर तेरी याद आई" भी प्रकाशित की। 
आप इस लिंक पर क्लिक करके किताब खरीद सकते हैं।

फिर तेरी याद आई

नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ ये रचना।



मैं चुप हूँ, 
खामोश हूँ,
पर नाराज़ नहीं हूँ,

मैं कल भी था, 
कल भी रहूँगा,
पर आज नहीं हूँ।

धड़कन हूँ,
संगीत हूँ,
पर दिल का 
साज़ नहीं हूँ।

धरना हूँ
प्रदर्शन हूँ
पर सच्ची 
आवाज़ नहीं हूँ।

बंजारा हूँ,
आवारा हूँ
पर परवाज़
नहीं हूँ।

मैं चुप हूँ, 
खामोश हूँ,
पर नाराज़ नहीं हूँ,

©नीतिश तिवारी।