Saturday, November 28, 2020

तूफ़ानों का रुख़ मोड़ देता हूँ।

 





लोग जब ख़ैरियत तक नहीं पूछते मेरी,
खुद से ही मोहब्बत कर लेता हूँ।
जलते दीये को जब आँधियों का डर होता है,
मैं तूफ़ानों का रुख मोड़ देता हूँ।

Log jab khairiyat tak nahi poochhte meri,
Khud se hi mohabbat kar leta hoon,
Jalte diye ko jab aandhiyon se dar hota hai,
Main toofan ka rukh mod deta hoon.

©नीतिश तिवारी।



Wednesday, November 25, 2020

साहिल कर दिया।








तुम्हारे श्रृंगार के ओज ने 
मेरे अस्तित्व को
धूमिल कर दिया।

प्रेम के सागर में डूबने
की तमन्ना थी मेरी
तुमने तो मुझे साहिल कर दिया।

Tumhare shringaar ke ooj ne
Mere astitwa ko
Dhoomil kar diya.

Prem ke sagar mein doobne
Ki tamanna thi meri
Tumne toh mujhe shahil kar diya.

©नीतिश तिवारी।

ये भी सुनिए।




 

Thursday, November 19, 2020

इश्क़ करने की औकात नहीं होती।

 





ज़ख्म-ए-ग़म ना मिले तो आँसुओं की बरसात नहीं होती,
भटकते हैं उसकी गलियों में फिर भी मुलाक़ात नहीं होती,
इश्क़ से परहेज़ करने को वही लोग कहते हैं,
जिनकी इश्क़ करने की कभी औकात नहीं होती।

Zakhm-e-gham na mile toh ansuon ki barsaat nahi hoti,
Bhatakte hain uski galiyon mein phir bhi mulaqat nahi hoti,
Ishq se parhez karne ko wahi log kahte hain,
Jinki ishq karne ki kabhi aukaat nahi hoti.

©नीतिश तिवारी।



Wednesday, November 11, 2020

हर रोज वो नज़र रखते हैं।

फ़ोटो: गूगल से साभार।






लहज़े में मोहब्बत और दिल में ज़हर रखते हैं,
कुछ लोग दर्द देने का कमाल का हुनर रखते हैं,
हमारे पुराने ज़ख्म को वो भरने भी नहीं देते,
हमारी नयी मोहब्बत पर हर रोज वो नज़र रखते हैं।

Lahze mein mohabbat aur dil mein zehar rakhte hain,
Kuch log dard dene ka kamaal ka hunar rakhte hain,
Humare purane zakhm ko wo bharne bhi nahi dete,
Humari nayi mohabbat par har roj wo nazar rakhte hain.

© नीतिश तिवारी।


 

Monday, November 9, 2020

WhiteHat Jr में पैसा देकर अपने बच्चे का बचपन बर्बाद मत करिए।

 





आप सभी ने पिछले कई महीनों से और खासकर जब से lockdown हुआ है tv पर और सोशल मीडिया में एक ad जरूर देखा होगा। वो है वाइट हैट जूनियर का। White hat का हिंदी मतलब होता है सफेद टोपी और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सच में ये लोग इंडियन पेरेंट्स को टोपी ही पहना रहे हैं। 

छोटे से जीव को जावा में उलझा रहे हैं जबकि इनके टीचर्स को जावा और जावा स्क्रिप्ट का बेसिक difference  नहीं पता। 
चिंटू वाला एड तो आपने देखा ही होगा कि कैसे चिंटू ने एक app बनाया और उसके घर उस app को खरीदने के लिय इन्वेस्टर्स में लड़ाई होने लगी। 
एक छोटी बच्ची बोल रही थी कि उसने एक app बनाया है जिससे कि गरीबी हट जाएगी। like seriously? White hat jr की उस बच्ची से सादर अनुरोध है कि उस app को भारत के सभी नेताओं के मोबाइल में इनस्टॉल करवाये और झारखंड और उड़ीसा लेकर जाए। 

ऐसा नहीं है कि बच्चे सीख नहीं सकते या app नहीं बना सकते लेकिन जिस तरीके से इसका प्रचार किया जा रहा है वो समझ से परे है। मतलब मैंने mca किया है और मैं आपको बता सकता हूँ कि coding के लिए reasoning , logical ability और मैथ्स का आना बेहद जरूरी है। programming lanaguge तो बाद की चीज है। 

किसी ने मेरे से पूछा कि बच्चे को वाइट हैट जूनियर में कोडिंग सीखाना है, क्या देना होगा। 
मैन कहा, बच्चे का बचपन। 
तो अगर आप अपने बच्चे का बचपन नहीं छीनना चाहते हैं तो हजारों लाखों रुपये देकर उसके बचपन को बर्बाद मत होने दीजिए। बेसिक कोर्स पढ़ने दीजिए। 
खेलने कूदने दीजिए। 

आप यूट्यूब पर भी सर्च करके देख सकते हैं।

ये स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया से मिला है। ध्यान से पढिए।





©नीतिश तिवारी।

Saturday, November 7, 2020

नया नया आशिक़ हुआ है।

 

Pic credit: Google.




उसकी यादों का ज़ख्म हर रोज चुभता है,
इश्क़ का मरहम अब कहीं नहीं मिलता है,
मेरा दोस्त आजकल नया नया आशिक़ हुआ है,
वो भी अब मेरे साथ ही रहता है। 

Uski yadon ka zakhm har roj chubhta hai,
Ishq ka marham ab kahi nahi milta hai,
Mera dost aajkal naya naya ashiq hua hai,
Wo bhi ab mere saath hi rahta hai.

©नीतिश तिवारी।


Wednesday, October 28, 2020

हमरा पर भरोसा काहे नइखे।




हमरा पर भरोसा काहे नइखे।

सुना ऐ माई,
हमरा पर भरोसा काहे नइखे,
तोहार बेटा हउवे क़ाबिल, क़ाबिल,
मत तू समझ एकरा जाहिल, जाहिल।

सुना ऐ माई
हमरा पे भरोसा काहे नइखे।

साहित्य बा एकरा ख़ातिर वंदन, वंदन।
करेला सबके मनोरंजन, मनोरंजन
एक दिन कमाई खूब पईसा, पईसा,
रही स्टार के जईसा जईसा।

©नीतिश तिवारी।


 

Wednesday, October 21, 2020

तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया।

 

Pic credit : Twitter.





बात करने से ही तो बात होती है,
तुम आना इधर फिर मुलाक़ात होती है,
इंतज़ार करते करते एक अरसा बीत गया,
क्या ऐसी ही मोहब्बत की सौगात होती है।

Baat karne se hi toh baat hoti hai,
Tum aana idhar phir mulaqat hoti hai,
Intzaar karte karte ek arsa beet gaya,
Kya aisi hi mohbbat ki saugaat hoti hai.

दर्द के बिस्तर पर,
गम की चादर ओढ़कर,
तुम्हारे बेवफ़ाई के तेवर को सुला दिया,
कल चाँदनी रात में,
चाँद का दीदार करके,
तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया।

Dard ke bistar par,
Gham ki chadar odhkar,
Tumhre bewfai ke tewar ko sula diya,
Kal chandni raat mein,
Chaand ka didaar karke,
Tumhen humesha ke liye bhulaa diya.

©नीतिश तिवारी।


Sunday, October 18, 2020

मुफ़्त की सलाह देने वालों के लिए एक सलाह।







आपके भी लाइफ में मुफ़्त की सलाह देने वाले लोग आपसे टकरा ही जाते होंगे। 
जैसे मैं आपको बताता हूँ । 
बचपन में: 
आंटी जी- "बेटा जब देखो तब तुम लड्डू ही खाते रहते हो, बड़े होने पर डॉयबिटीज हो जाएगा।"
मैंने कहा, " आँटीजी सुनिए, हमारे पिताजी ला रहे हैं तो हम लड्डू खा रहे हैं।  अब आप चिंटू को लड्डू नहीं खिला रहीं और अभी से डायबिटीज के दवाई का खर्चा बचा रही हैं तो हम क्या करें।"

वही आँटीजी कुछ दिन बाद:
"बेटा घर में चीनी है? लाओ एक ग्लास दे दो जरा, चिंटू के पापा के लिए चाय बनानी है।"
हमने भी तपाक से जवाब दे दिया, "क्यों आँटीजी, उस दिन तो आप मुझे लड्डू खाने पर बहुत ज्ञान दे रहीं थी। अब कहाँ चला गया आपका डायबिटीज?"
"अरे बेटा चाय तो बनानी ही पड़ेगी नहीं तो चिंटू के पापा को डायबिटीज तो बाद में होगा, उससे पहले उनके चिल्लाने से हार्ट अटैक मुझे जरूर हो जाएगा।"

बचपन खत्म होने के बाद कॉलेज में :
दोस्त: "यार, तेरी कोई गर्लफ्रैंड भी नहीं है, मैं तो खूब  मस्ती करता हूँ। लड़कियों को घुमाना, पिक्चर दिखाना और..."
मैंने कहा, " अबे कौन से शास्त्र में लिखा है कि कॉलेज में गर्लफ्रैंड होनी जरूरी है और तू क्या हार्दिक पांड्या का छोटा भाई है जो इतनी सारी लड़कियाँ घुमाता है।"

कुछ साल बाद:
दोस्त- "तिवारी जी, अपनी शादी में नहीं बुलाये हमें?"
"अबे हम खुदे घर से बाहर रहते हैं, घरवालों ने हमें हमारी शादी में बुलाया था, हम तुम्हें कैसे बुलाते।
रिसेप्शन में तो बुलाये थे तुमको, तुम आये ही नहीं बहाना बना दिया कि कुछ शांतिदूतों ने ट्रेन की पटरी उखाड़ दी है। वो तो मैंने बाद में न्यूज़ देखा तो पता चला कि तुम सही कह रहे थे।"

कुछ साल बाद वही दोस्त:
"तिवारी जी, शादी के दो साल हो गए कहीं हनीमून पर नहीं गए?"
"काहे जाएँ बे, तुमने 5 लाख गूगल पे कर दिया है क्या? और बोल तो ऐसे रहे हो जैसे कि तुम अपने हनीमून पर स्विट्जरलैंड गए थे। गाँव के ट्यूबवेल के फोटो को एडिट करके स्वीमिंग पूल लिखने वाले ,तुम तो चुप ही रहो।"

बचपन से जवानी तक के कुछ मुफ़्त की सलाह देने वालों का जिक्र मैंने किया। अभी बुढापा आया नहीं है , जब बुढापा आएगा तो उसकी भी बात कहूँगा। बाकी एक बात कहना है कि " बचपन में एकांत से प्रेम था, जवानी में तन्हाई से मोहब्बत हो गयी, कहीं ऐसा ना हो कि बुढापा अज्ञातवास में गुजर जाए।"

धन्यवाद!!!

©नीतिश तिवारी।





 

Friday, October 16, 2020

तुम आग नहीं बनना अबकी बार, मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा।

Pic credit: Google.




तुमने खामोशी इख़्तियार करने को कहा था, 
मैं गीत नहीं गाऊँगा,
तुम्हारी यादें सिरहाने पर दस्तक देती हैं, 
मैं तुम बिन नहीं सो पाऊँगा,

मोम का दिल था मेरा, 
 इसलिए ये जलकर पिघल गया ,

  तुम आग नहीं बनना अबकी बार,
 मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा। 

Tumne khamoshi ikhtiyaar karne ko kaha tha, main geet nahi gaunga,
Tumahri yaden sirhane par dastak deti hain, main tum bin nahi so paunga,
Mom ka dil tha mera, isliye ye jalkar pighal gaya,
Tum aag nahi banna abki baar, main pathar dil ban jaunga.

©नीतिश तिवारी।


 

Sunday, October 11, 2020

शाम को सहर कर गयी है।

                        Pic credit: Google.




जहरीले इश्क़ की दवा थोड़ी असर कर गयी है,

अजीब दुआ थी उसकी जो शाम को सहर कर गयी है,

रात भर करती रही वो सज़दा मुझसे बिछड़ने की,

सुबह खबर आई कि मेरी फाँसी मुकर्रर हो गयी है।


Zahreele ishq ki dawa thodi asar kar gayi hai,

Ajeeb duwa thi uski jo shaam ko sahar kar gayi hai,

Raat bhar karti rahi wo sazda mujhse bichchdne ki,

Subah khabar aayi ki meri fansi mukarr ho gayi hai.


©नीतिश तिवारी।




 

Thursday, October 8, 2020

बेटा या बेटी --समाज की सच्चाई।

Pic credit : pinterest.




घरवाले परेशान हैं उनकी तबियत देखकर,
लोग मिलने आ रहे हैं उनकी हैसियत देखकर,
बेटी होती तो आज रोने लगती बाप के हश्र पर,
बेटे ने आने से मना कर दिया वसीयत देखकर।

Gharwale pareshaan hain unki tabiyat dekhkar,
Log milne aa rahe hain unki haisiyat dekhkar,
Beti hoti toh aaj rone lagti baap ke hasrr par,
Bete ne aane se mana kar diya wasiyat dekhkar.

©नीतिश तिवारी।


 

Saturday, October 3, 2020

गाँव की लड़कियों में भी अजीब चलन का दौर है।

Pic credit: pinterest.




सुनहरी यादें दिल में बसर कर जाती हैं,
महबूब शायराना हो तो शायरी असर कर जाती है,
गाँव की लड़कियों में अजीब चलन का दौर है,
पानी भरने भी वो खूब  सँवर कर जाती हैं।

Sunahari yaden dil mein basar kar jaati hain,
Mehboob shayarana ho toh shayari asar kar jaati hai,
Gaon ki ladkiyon mein bhi ajeeb chalan ka daur hai,
Paani bharne bhi wo khoob sanwar kar jaati hai.

©नीतिश तिवारी।



 

Wednesday, September 30, 2020

मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

 






दिल को फिर से तोड़ने का हौसला कर लिया है,
रोजाना मोहब्बत करने का फैसला कर लिया है,
तुम कहते हो इश्क़ के समंदर में मैं डूब जाऊँगा,
किनारों से कह दो, मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

Dil ko phir se todne ka hausla kar liya hai,
Rojana mohabbat karne ka faisla kar liya hai,
Tum kahte ho ishq ke samandar mein main doob jaunga,
Kinaron se kah do, maine unse fasla kar liya hai.

©नीतिश तिवारी।




Tuesday, September 29, 2020

ख़त में महकते हुए फूल मज़ार तक पहुँच गए।

 

Pic credit: Google.



अरमानों की अर्थी को ख्वाबों की चिता पर सुलाती है,
ज़िन्दगी कुछ नहीं कर पाती जब मौत बेवक़्त आती है।

टूटे नाव की सवारी करके  दरिया पार करने से,
ज़िन्दगी दूर चली जाती है, मौत अपने पास बुलाती है।

हिज़्र की फिक्र तब नहीं थी जब वस्ल ने दामन थामा था,
अब जो कारवाँ उजड़ गया तो ज़िन्दगी कहाँ रह जाती है।

बाग से फूल निकले, ख़त में महकते हुए मज़ार तक पहुँच गए,
पर अब भी उसके यादों की खुशबू इस दिल को बहुत सताती है।

©नीतिश तिवारी।



Monday, September 28, 2020

अपने दूर हो रहे हैं।









अतीत के जख्म, 

भविष्य के सुनहरे ख़्वाब,

ज़िन्दगी में हैं कई सवाल,

जिसके ढूँढने हैं हमें जवाब।


उम्र लंबी होती जा रही,

परछाईं छोटे हो रहे हैं,

सौतेला व्यवहार है ये किसका,

अपने दूर हो रहे हैं।


©नीतिश तिवारी।






Friday, September 25, 2020

वस्ल का इंतज़ार मत कर।






अंधेरों का बोलबाला है, रौशनी का इंतज़ार मत कर,
तू टूटी हुई नाव में कभी दरिया पार मत कर,
जिसके हिज़्र में तुमने तमाम गज़लें लिख डालीं,
ऐसे शख्स से कभी वस्ल का इंतज़ार मत कर।

Andheron ka bolbala hai, raushni ka intzaar mat kar,
Tu tooti huyi naaw mein kabhi dariya paar mat kar,
Jiske hizr mein tumne tamaam gazalen likh dali,
Aise shaksh se kabhi wasl ka intzaar mat kar.

©नीतिश तिवारी।






 

Wednesday, September 23, 2020

इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो...


Pic credit: Google.





सिर्फ़ पा लेना ही प्यार नहीं, उसे मरते दम तक चाहना भी प्यार है। ये बात कहने वाले ये नहीं समझ पाते कि उस चाहत में तड़प ज्यादा होती है। तड़प होती है किसी और के लिए उसे मुस्कुराते देखते हुए। तड़प होती है जब वो किसी और की बाहों से लिपटकर उससे मोहब्बत करती है। चाहत और मोहब्बत के बीच के फर्क को सिर्फ़ वो आशिक़ बयाँ कर सकता है जिसने आठों पहर, बारह मास, अब भी उसे पाने के ख़्वाब देखता है। आशिक़ को फर्क ही नहीं पड़ता कि वो किसी और की हो चुकी है। शायद इसलिए कि उसने
उसे तन से तो जुदा हो जाने दिया लेकिन अपने मन से कभी निकाल नहीं पाया। भूलकर करता भी तो क्या? इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो इश्क़ की दास्तानें ना होतीं। वफ़ा अगर इतना खुदगर्ज़ होता तो आशिक़ इतने दिवाने ना होते।

©नीतिश तिवारी।
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Friday, September 18, 2020

वक़्त का हिसाब देखो।

 




सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो,
नींद में भी खिलता गुलाब देखो,
मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या,
वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो।

So jao aur tum khwab dekho,
Neend mein bhi khilta gulab dekho,
Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya,
Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho.

©नीतिश तिवारी।

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Monday, September 14, 2020

जब सीख लेना इश्क़।

 

Hindi diwas
Pic credit: Google .







जब देखना मुझे तो किसी और को ना देखना,
जब चाहना मुझे तो सिर्फ मुझे ही चाहना,
इस उम्र में अक्सर हो जाया करती हैं नादानियाँ,
जब सीख लेना इश्क़ तो किसी और से मत करना।

Jab dekhna mujhe toh kisi aur ko na dekhna,
Jab chahna mujhe toh sirf mujhe hi chahna,
Iss umr mein aksar ho jaya karti hain nadani ham,
Jab seekh lena ishq toh kisi aur se mat karna.

आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

©नीतिश तिवारी।


Sunday, September 13, 2020

तुझमें मेरा कुछ नहीं।

Kavita

                                             Pic credit : pinterest.




     तुझमें मेरा कुछ नहीं तो
       बस इतना ही एहसान कर दे,
    जो इश्क़ किया था तुझसे
     उसको अब वापस कर दे।

       मैं सहेज लूँगा तेरी यादों को,
      दिल में रखूँगा तेरी बातों को
       नींद आये मुझे या ना आये,
       मैं रोज देखूँगा उन ख्वाबों को।

       ©नीतिश तिवारी।

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Friday, September 4, 2020

उसको तुम बता देना...

dard shayai




निभा सको तो मेरा किरदार निभा देना,
जता सको तो तोड़ा प्यार जता देना,
इस नाउम्मीद जिंदगी में तुमसे है उम्मीद ज़रा,
तड़पू जो किसी की ख़ातिर तो उसको तुम बता देना.


©नीतिश तिवारी।

Ye bhi padhiye: My letter to Dhoni







 

Wednesday, August 26, 2020

आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Romantic shayari
 























Pic credit: Google.



कुछ हमारे लिए सोचना चाहिए,
अपने दिल में जगह रखना चाहिए,
तुमको खुद पर यकीं होता नहीं,
आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Kuchh humare liye sochna chahiye,
Apne dil mein jagah rakhna chahiye,
Tumko khud par yakin hota nahin,
Aaiyene ko tumhen dekhna chahiye.

©नीतिश तिवारी।






Monday, August 24, 2020

अब घर में रहेंगे सोनू भईया के बहन और भाई।

 

Sonu sood
Pic credit Twitter/SonuSood




बस से शुरू हुआ सफर,
ट्रेन की मदद से,
हवाई जहाज तक पहुँचा।

खेत जोतने को ट्रैक्टर,
पढ़ने को किताब, 
ऑपरेशन और दवाई।
सबको मिला है रोजगार,
होगी खूब कमाई।

अब घर में रहेंगे,
सोनू भईया के
बहन और भाई। 

©नीतिश तिवारी।


Saturday, August 22, 2020

भोजपुरी गाना-- गाँव जवार हमरा भूलल ना भुलावे ला।

 

Village
Pic credit: Pinterest.




Bhojpuri Song.

गाँव जवार हमरा भूलल ना भुलावे ला,
गऊवें के हावा पानी शहर तक आवे ला,- 2
सभे लोगन कहत बाड़े लौट के आ जा,
गाँव के साँझ और भोर बुलावे ला। - 2

बचपन में बाबूजी देवत रहन पईसा,
मेलवा से लान के खाईत रही अरिसा।
घरवा के हालत ख़ातिर छूट गईल गाँव हो,
गाँव के छोरा होइलक शहर के जईसा।

गाँव जवार हमारा....

सरसो के खेत और नदिया के पानी,
करत रही हम रोजे बागवानी ( gardening)
गेहूँ कटा गईल रहरो (अरहर) बा आईल,
सभे बोलावत बाड़े करे के खलिहानी।

गाँव जवार हमारा.....

©नीतिश तिवारी। 

कविता सुनिए।

क्यों गाँव मेरा वीरान हो गया?


Tuesday, August 18, 2020

आशिक़ बनके निकला है...

Pic credit: pinterest.




लड़ने को तैयार है, पूरे जग संसार से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।
धड़कन उसकी चलती है, महबूबा के प्यार से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।

चेहरे पर रौनक है आती, उसके ही दीदार से,
आँखों को ठंढक है आती, उसके ही सृंगार से,
सुबहो से भी रौनक है, रौनक है हर शाम से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।

©नीतिश तिवारी।

 

Sunday, August 16, 2020

A heart touching letter to Mahendra Singh Dhoni on his retirement from International cricket .

Dhoni














Pic credit : Google.





हम सभी के प्यारे,

   महेन्द्र सिंह धोनी जी।


सादर प्रणाम।

     

   कल स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 के मौके पर आपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करके दुनिया में आपके करोड़ों चाहने वालों को स्तब्ध कर दिया। आप लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, शायद इससे अच्छा दिन हो भी नहीं सकता था। लेकिन मेरा ही नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की दिली ख्वाहिश है कि कमसे कम एक भव्य विदाई मैच तो बनता था। हालांकि बिना किसी शोर शराबे के आपने सिर्फ़ एक इंस्टाग्राम पोस्ट से सन्यास की घोषणा करके एक बार फिर से साबित कर दिया है कि आप कितने महान हैं। 


आपके चाहने वाले करोड़ों फैन्स की तरह मैं भी गौरवान्वित महसूस करता हूँ कि मैंने धोनी युग देखा है। 

वैसे तो धोनी युग की शुरूआत 2004 में ही हो चुकी थी लेकिन तब शायद आपके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का दौर था, उस वक़्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि आने वाले समय में आप भारत के सबसे सफल कप्तान ही नहीं बल्कि अब तक के बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज भी साबित होंगे। किसी ने नहीं सोचा होगा कि सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड कप जीतने का सपना आप अपनी कप्तानी में पूरा करेंगे। खैर, आपके क्रिकेट करियर की दास्तान लिखने बैठूँगा तो शायद शब्द कम पड़ जाएँगे। 

ये भी पढ़िए: Letter to Narendra Modi

बात करूँगा कि कैसे अपने विलक्षण प्रतिभा के दम पर आपने मेरे दिल में जगह बनाई है। 2004-05 का वो दौर जब पहली बार 148 रन करने पर लोगों ने आपका नाम जानना शुरू किया था। जब आपने 148 रन किया उस समय मैं 11th में था। रोज की तरह दोपहर में स्कूल से लौट कर आया तो पता चला कि कोई झारखंड का खिलाड़ी धोनी है जिसने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी किया है। कसम से सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। मेरठ में रह रहे अपने दोस्तों से मैं गर्व से कहने लगा कि देखो , हमारे झरखण्ड में भी टैलेंट है। 148 वाला मैच मैं लाइव नहीं देख पाया था लेकिन हाइलाइट्स देखा और उसके बाद आपके चौकों और छक्कों की ऐसी लत लगी कि जहाँ भी टीवी पर आप बल्लेबाजी करते दिखते, मैं वहीं रुककर देखने लगता था। श्रीलंका के खिलाफ 183 की आपकी पारी खड़े खड़े चाय की दुकान पर लगे टीवी में देखकर जो आनंद आया, वो अविस्मरणीय है। फिर 2007 का T20 वर्ल्ड कप और उसके बाद सब इतिहास है। 


अगर दादा ने टीम को लड़ना सिखाया तो आपने टीम को जीतना। खिलाड़ी कई आये और कई गए लेकिन आपके टैलेंट, लीडरशिप और निर्णय क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता। आपके जाने के बाद टीम को सिर्फ़ फिनिशर की कमी नहीं खलेगी बल्कि एक ऐसे कप्तान की कमी खलेगी जो मुश्किल से मुश्किल वक़्त में भी अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रख पाता था। 


एक बार आपके मैनेजर और दोस्त श्री अरुण पांडेय जी को सुन रहा था। वो बता रहे थे कि मैदान पर आपके दिमाग में सिर्फ क्रिकेट रहता है और मैदान से बाहर क्रिकेट की कोई चर्चा नहीं करते। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में सामंजस्य बैठाने का इससे बेहतरीन उदाहरण कुछ नहीं हो सकता। क्रिकेट की आपकी समझ से हम सभी वाकिफ़ तो हैं ही, इतने दिनों में हमने ये भी जाना है कि कैसे आपने अपने जीवन में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद  मुक़ाम को हासिल किया। छोटे शहरों से बड़े स्टार निकल सकते हैं, इसका श्रीगणेश करने वाले आप ही हैं। 


हर बार ट्रॉफी लेते समय आप युवाओं को आगे कर देते थे। अपनी मर्जी से आपने कप्तानी छोड़ी और अब संन्यास भी ले लिया। अपने वीडियो में जिस तरह से आपने अपने करियर के अहम पड़ाव को अपने साथी खिलाड़ियों के तस्वीर के साथ जगह दिया है वो ये दर्शाता है कि आप सच्चे लीडर है और रहेंगे। 

लम्बे अंतराल के बाद IPL 2020 में आपको देखना एक सुखद अनुभव होगा।


आपकी आगामी योजनाओं के लिए शुभकामनाएँ।


जोहार!!!


नीतिश तिवारी।

Read Also :

My letter for Mr. Shah Rukh Khan.



 

Saturday, August 15, 2020

क्यों गलतफ़हमी में हो कि आज़ादी दिलाने वाले गाँधी हैं।

Happy Independence day





 लिख रहा हूँ आज मैं वो,
इंकलाब की आँधी है।

क्यों गलतफ़हमी में हो कि
आज़ादी दिलाने वाले गाँधी हैं।

बरसों का संघर्ष रहा,
कितनों ने है लाठियाँ खाई।
भगत सिंह फाँसी पर चढ़े,
तब जाकर है आज़ादी आई।

सुभाष बाबू के विचारों को,
युवाओं ने है खूब अपनाया।
लहू के एक एक कतरों से,
देश को है आज़ाद कराया।

हर शहीद का सम्मान करो,
राष्ट्रभक्ति का गुणगान करो।
युवा शक्ति का नया भारत है,
भारत माँ को तुम प्रणाम करो।

जय हिन्द।
भारत माता की जय।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

©नीतिश तिवारी।






Sunday, August 9, 2020

पिया मन भाया।

पिया मन भाया



















सावन बीता भादो आया,
हमको बस पिया मन भाया,
लाल बिंदी और हरी चूड़ियाँ,
हमने खुद को खूब सजाया।

Sawan beeta bhado aaya,
Humko bas piya man bhaya
Laal bindi aur hari choodiyan,
Humne khud ko khoob sajaya.

©नीतिश तिवारी।




Friday, July 31, 2020

मोहब्बत में तुम कुछ यूँ भीग जाना।


Romantic hindi poetry
Pic credit: Pinterest.







सुलझाना उसकी
जुल्फ़ों को
और बगिया से
फूल भी ले आना

गजरे की महक
साँसों में समाएगी
और याद आएगा
उसका मुस्कुराना

कोयल की कू कू
और उसके होठों
की हलचल
शोर मचाएगी तो 
अपने दिल 
को संभालना

भीगे बदन में 
ठिठुरन जो होगी
मीठा सा दर्द होगा
उसे तुम सह जाना

ये सावन का मौसम
और बारिश की बूँदें
मोहब्बत में तुम
कुछ यूँ भींग जाना

©नीतिश तिवारी।