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Showing posts from 2021

शब्द नहीं साथ दे रहे | shabd nahi saath de rahe.

  शब्द नहीं साथ दे रहे | shabd nahi saath de rahe. बहुत दिनों से कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हूँ। लेकिन ना ही जज्बातों को महसूस कर पा रहा हूँ, ना ही शब्द साथ दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि सब कुछ शून्य हो गया है। वर्तमान बुरा है और भविष्य बदत्तर। चारों तरफ निराशा है, लोग मर रहे हैं, फिर भी जीवन में एक आशा है। एक उम्मीद कि ये कठिन दौर गुजर जाएगा, एक उम्मीद कि वही सवेरा फिर से आएगा। पर वर्तमान अंधेरे ने कई जिंदगियाँ तबाह कर दीं। आज के इस दौर में कब किसके साथ क्या हो जाये, कोई नहीं जानता।  विनाश की इस घड़ी में, कौन कैसे जीवन ढूँढे, धागे इतने उलझ गए हैं, अब बस ये जल्दी सुलझें। महादेव सबकी रक्षा करें! ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए:  

Kya soch rahi ho weerane mein | क्या सोच रही हो वीराने में?

  Pic credit: pixabay Kya soch rahi ho weerane mein | क्या सोच रही हो वीराने में? क्या सोच रही हो वीराने में? किसी का दिल तोड़ दिया क्या अनजाने में? इश्क़ में अब तकलीफ़ क्यों हो रही है? तुम्हारी तो जान बसती थी उस दीवाने में? मुरझाने के डर से तुमने, कागज़ के फूल दिए थे। खो गया वो किसी तहख़ाने में। सच्चे आशिक़ का दिल नहीं तोड़ना चाहिए, बरसों लगे थे तुम्हें समझाने में। ©नीतिश तिवारी। Ye bhi dekhiye :

Main teri khoobsurti par gurur karunga.

  कलम कहे कुछ लिख डालो, दिल कहे पहले धोखा खाओ, वो कहे मैं प्यार करूँगी, मैं कहूँ अब आ भी जाओ। Kalam kahe kuch likh dalo, Dil kahe pahle dhokha khao, Woh kahe main pyar karungi, Main kahu ab aa bhi jaao. दीवाने तुम हुए, पागल मैं हो गया, श्रृंगार तुमने किया, घायल मैं हो गया, दीदार-ए-हुस्न ऐसा, एक भी अमावश ना हुई, बरसते रहे तुम हरदम, बादल मैं हो गया। Deewane tum huye, pagal main ho gaya, Srinagar tumne kiya, ghayal main ho gaya, Deedar-e-husn aisa, ek bhi amawas na hui, Baraste rahe tum hardam, badal main ho gaya. पंक्षी, नदियाँ, भँवरे, सावन, सबकी गवाही मंजूर करूँगा, इस बार तुम मिलना हमसे, इश्क़ तुमसे मैं भरपूर करूँगा। ना कोई शिकवा रहेगी, और ना ही कोई शिकायत, साथ रखूँगा तुम्हे हमेशा, ना कभी खुद से दूर करूँगा। कायनात ने तुम्हें इतना खूबसूरत बनाया, मैं तेरी खूबसूरती पर गुरुर करूँगा। Pankshi, nadiyan, bhanwre, sawan, Sabki gawahi manjoor karunga, Iss baar tum milna humse, Ishq tumhe main bharpoor karunga. Naa koi shikwa rahegi, Aur naa hi koi shikayat, Saath rakhunga tumhe humesha, Naa kabhi

Dard bhari bewafa shayari | दर्द भरी बेवफ़ा शायरी।

  Dard bhari bewafa shayari | दर्द भरी बेवफ़ा शायरी। बेवफ़ा ने जो सितम किया वो भुलाया ना जाएगा, किसी और से दिल अब कभी लगाया ना जाएगा, ग़म की चादर पर आँसुओं की बरसात हो रही है, महफ़िल कोई भी हो, अब हमसे मुस्कुराया ना जाएगा। Bewafa ne jo sitam kiya wo bhulaya naa jayega, Kisi aur se dil ab kabhi lagaya na jayega, Gham ki chadar par aansuon ki barsaat ho rahi hai, Mehfil koi bhi ho, ab humse muskuraya naa jayega. कह दो चाँद से कि वो अपनी रौशनी मद्धम कर ले, सूरज से गुजारिश करो कि कल से वो ना निकले, उजालों से दोस्ती थी, मैं अंधेरों का तलबगार हो गया, मेरे हिस्से का इश्क़ वो ले गए और मैं बीमार हो गया। Keh do chand se ki wo apni raushni madham kar le, Sooraj se gujarish karo ki kal se wo na nikle, Ujalon se dosti thi, main andheron ka talabgaar ho gaya, Mere hisse ka ishq wo le gaye aur main beemar ho gaya. इश्क़ में ग़लतफ़हमी से गुजारा नहीं होता, एक ही शख्स से इश्क़ दुबारा नहीं होता, तुम जिसे चाहते हो उससे नजदीकियाँ बढ़ाओ, दूर रहने वाला कभी हमारा नहीं होता। Ishq mein galatfahmi se gujara nahi hota, Ek

Aur phir Log Waah Waah Karte Hain!

  शीशे का दिल था, धोखा मिला और टूट गए, न जाने कौन सी ख़ता हुई जो वो हमसे रूठ गए, किस्से, कहानी, शायरी, ग़ज़ल ये सब दिल बहलाने को अच्छा है, मुझसे दूर होकर, वो मेरी खुशियों का खजाना लूट गए। Sheeshe ka dil tha, dhokha mila aur tut gaye, Na jane kaun si khata huyi jo wo humse rooth gaye, Kisse, kahani, shayari, ghazal, ye sab dil bahlane ko achchha hai, Mujhse door hokar wo meri khushiyon ka khajana loot gaye. दिल टूटता है आवाज नहीं आती, लोगों को खबर भी नहीं रहती। फिर मैं कविता लिखता हूँ, कुछ शेर कहता हूँ, एक ग़ज़ल बन जाती है, कुछ नज़्म गुनगुनाता हूँ, अपने आँसू पोछता हूँ, उनके  दिए दर्द  समेटता हूँ, और फिर... लोग वाह-वाह करते हैं! Dil Tutta Hai, Awaaz nahin aati. Logon ko khabar bhi nahin rahti. Phir main Kavita likhta hun, Kuchh sher Kahta hun. Ek Ghazal Ban Jaati Hai, Kuchh nazm gungunata hun, Apne Aanshu pochhta hun, Unke diye Dard sametta hun, Aur phir Log Waah Waah Karte Hain! तुम रही थी कभी मेरी प्रेमिका, आज हो तुम किसी की अर्धांगिनी, तुम देना उसको खूब संजीव

Kudrat karishma jarur karegi | क़ुदरत करिश्मा जरूर करेगी।

  Kudrat karishma jarur karegi | क़ुदरत करिश्मा जरूर करेगी। ये वक़्त कठिन है, गुजर जाएगा। खुशियाँ जब आएँगी, तो तेरा दामन भर जाएगा। कुदरत एक दिन, करिश्मा जरूर करेगी, गाँव में रहने वाला लड़का, एक दिन बड़े शहर जाएगा। Ye waqt kathin hai, Gujar jayega. Khushiya jab aayengi, Toh tera daman bhar jayega. Kudrat ek din, karishma jarur karegi, Gaanw mein rahne wala ladka, Ek din bade shahar jayega. ©नीतिश तिवारी।

Salute to pulwama attack martyrs || पुलवामा हमले के शहीदों को नमन।

  picture credit: outlook India website. Salute to Pulwama attack martyrs || पुलवामा हमले के शहीदों को  पुलवामा हमले के शहीदों को नमन। आज ही के दिन 2019 में CRPF के काफिले पर कायराना तरीके से हमला किया गया था जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गये थे। देश ने इसका बदला ज़रूर लिया लेकिन वीर जवानों की शहादत को कोई भुला नहीं सकता। मेरी तरफ़ से शहीद जवानों को सलाम और उनके सम्मान में कुछ पंक्तियाँ प्रेषित करता हूँ। देश के मेरे वीर जवानों, देशभक्ति के सच्चे दीवानों, कैसे चुकाएँगे हम तेरा क़र्ज़, जान देकर निभा गये  तुम  अपना फ़र्ज़। वीरों की वो टोली थी, जिसने हर बाधा को झेली थी, कायर दुश्मन ने किया पीछे से वार, बस यही मलाल रहेगा हर बार। बहुत मुश्किल है उस दर्दनाक तस्वीर को देखकर और शहीदों को सोचकर कुछ लिख पाना, यहीं अपनी लेखनी को विराम देता हूँ। जय हिन्द! भारत माता की जय! ©नीतिश तिवारी। ये भी सुनिए।

bachpan se hi bewafa ho ya..

बारिश का शौक है तो मेरे आँसुओं की हिफ़ाज़त करना, अब किसी और को दिल में बसाए हो तो उसकी ठीक से निज़ामत करना, साँसें रुक रुक कर चल रही है, पता नहीं कब वक़्त आ जाए, मेरे मरने के बाद अपने यार के साथ तुम दावत करना. barish ka shauk hai toh mere aansuon ki hifazat karna, ab kisi aur ko dil mein basaye ho toh uski thik se nizamat karna, saansen ruk ruk kar chal rahi hai, pata nahi kab waqt aa jaye, mere marne ke baad tum apne yaar ke saath dawat karna. दिल तोड़ने का हुनर तुमने कहाँ से सीखा है, बचपन से ही बेवफा हो या ये जवानी का हिस्सा है, सारी शर्तें क़बूल की फिर भी छोड़कर जा रहे हो, बस इतना तो बता दो कि किस बात का गुस्सा है. dil todne ka hunar tumne kahan se seekha hai, bachpan se hi bewafa ho ya ye jawani ka hissa hai, saari sharten qabool ki phir bhi chhodkar ja rahe ho, bas itna toh bata do ki kis baat ka gussa hai. ©नीतिश तिवारी। Ye bhi dekhiye:  

Taaron wali raat hai, jugnuon ki barat hai.

Photo by AMISH THAKKAR on Unsplash तारों वाली रात है. जुगनूओं की बारात है, साथी तुम सज धज कर रहना, होने वाली मुलाक़ात है. बिंदी की चमक बनाए रखना, आँखों में काजल सजाए रखना, होठों की लाली तो सुंदर है ही, थोड़ा सा घूँघट उठाए रखना. रूप तुम्हारा लाजवाब है, जैसे कोई खिलता गुलाब है, बरसों से कई सवाल थे मेरे, आज मिल गया जवाब है. धड़कन पर मेरे अब काबू नहीं है, हक़ीक़त है ये कोई जादू नहीं है, मोहब्बत की महक चारों तरफ है, कैसे कह दूँ तुझमें खुश्बू नहीं है. ©नीतिश तिवारी। ye bhi dekhiye

Do lamha pyar ka ek pal intzaar ka.

दो लम्हा प्यार का, एक पल इंतज़ार का, थोड़ी बेकरारी इकरार का, मौसम है ये बहार का। साथी मेरे पास तो आओ, मेरे जिया को भी धड़काओ, तुम मुझे अपना बनाओ, सूखी बगिया को महकाओ। मिलन की हसरत अधूरी है, आज तो मिलना जरूरी है, कहने का मौका मत दो कि, हमारे दरमियाँ कोई दूरी है। रास्ते बदल गए थे तो क्या, मंज़िल तो बस मोहब्बत है, साथ में वक़्त गुजारने की, चाहत है, जरूरत है। ©नीतिश तिवारी।  

खुद को मोहब्बत का ज्ञाता समझा था।

तुमने कभी सुनने की कोशिश ही नहीं की, ना ही मेरे किसी बात को तवज़्ज़ो दिया, अब दूर हो मुझसे बरसों से, और कहते हो कि मुझे दूर क्यों किया? कितनी चालक हो तुम, थोड़े बदमाश भी हो तुम, मेरे पास तो ऐसी नहीं थी, अब किस गैर के पास हो तुम? फूलों के बीच मुझे काँटा समझा था, तुमने मुझे धन का दाता समझा था, कितने खुदगर्ज खयालात थे तुम्हारे, सिर्फ़ अपने को मोहब्बत का ज्ञाता समझा था। ©नीतिश तिवारी।  

My personal quotes.

1.  "Hell is curse,heaven is boon but humanity is great"      "नर्क अभिशाप है,स्वर्ग वरदान है लेकिन इंसानियत महान है."      2."WRITING IS MY PASSION AND I WILL MAKE IT MY PROFESSION VERY SOON." 3. "जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं तो बदले में कुछ उम्मीद करना आपका स्वार्थ नही बल्कि आपका अधिकार  है. पर अफ़सोस कुछ लोग इस बात को नही समझते." 4. "M y dreams are sometimes not allowing me to sleep.I don't know that what GOD has written in my destiny but  I know that HE has graced me with full of wisdom,sincerity happiness and love ." 5. "I want lots of Love from people as I afraid of being alone.". 6. "Success is defined by your values, not by your money because you may have not your money one day but your values will remain forever". 7. "If you want to know the definition of life, leave your home and stay somewhere else". 8."I was being treated like a PRINCE in my childhood, I became wounded WARRIOR in my

गुनाह-ए-इश्क़ की सजा मिलेगी या रिहाई होगी?

Pic credit: pinterest.  Art work: self.   उसकी ख़्वाहिश मक़बूल की थी, उसे हार था पहनाया, मेरी इस दिलदारी का उसने खूब था फायदा उठाया, मेरे क़त्ल की तारीख़ उसने कुछ यूँ मुक़र्रर कर दी, उसने शादी का न्योता अपने यार से था भेजवाया। Uski khwahish maqbool ki thi, use haar tha pahnaya, Meri iss dildaari ka usne khoob tha fayada uthaya, Mere qatl ki tareekh usne kuch yun mukarrar kar di, Usne shadi ka nyota apne yaar se tha bhejwaya. इश्क़ की अदालत में हूँ, आज मेरे मोहब्बत की सुनवाई होगी, गुनाह-ए-इश्क़ की सजा मिलेगी या आज मेरी रिहाई होगी, मुक़दमा हो गया तो क्या मुझे आज भी भरोसा है उस पर, जरा पता तो करो यारों, वो ये सब देखने जरूर आई होगी। Ishq ki adalat mein hu, aaj mere mohabbat ki sunwai hogi, Gunaah-e-ishq ki saja milegi ya aaj meri rihai hogi, Muqadama ho gaya toh kya, mujhe aaj bhi bharosa hai uss par, Jara pata toh karo yaaron, wo ye sab dekhne jarur aayi hogi. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए:

और फिर दिल को बड़ा आराम था।

तेरी मोहब्बत के कर्ज को अदा कर देता, मैं तेरी ख़ातिर दूर से ही सजदा कर लेता, जो तुमने अपनी मजबूरियाँ बताई होती तो, मैं खुद को तुझसे जुदा भी कर लेता। Teri mohbbat ke karz ko ada kar deta, Main teri khatir door se hi sajda kar leta, Jo tumne apni majbooriyan batai hoti toh, Main khud ko tujhse juda bhi kar leta. तुझसे किए वादे का एहतराम था, इसलिए मेरे हाथ में जाम था, सारे आशिक़ बुलाये थे महफ़िल में और पूरा सब इंतज़ाम था, सबने तफ़सील से सुनाई अपने हिज़्र-ए-मोहब्बत की दास्तान, तेरी ग़ैरहाज़री में तेरा भी ज़िक्र हुआ, और फिर दिल को बड़ा आराम था। Tujhse kiye wade ka ehtaraam tha, isliye mere haath mein jaam tha, Saare aashiq bulaye the mehfil mein aur poora sab intzaam tha, Sabne tafseel se sunai apne hizr-e-mohbbat ki dastaan, Teri gair hazaro mein tera bhi zikar hua, Aur phir dil ko bada aaram tha. ©नीतिश तिवारी। मेरी शायरी परफॉर्मेंस जरूर देखें।

पहले इश्क़ का आख़िरी अंज़ाम।

  तुम चार दिन के इश्क़ में ही बेवफ़ा हो गए। और एक हम जो बरसों तक तुमसे कभी खफ़ा ना हुए। पहले इश्क़ का आख़िरी अंज़ाम शायद यही होना था। Tum chaar din  Ke ishq mein hi Bewafa ho gaye. Aur ek hum jo Barson tak tumse Kabhi khafa na huye. Pahle ishq ka Akhiri anzaam Shayad yahi hona tha. भ्रम ये कि  तुम मेरे हो, सत्य ये कि ये सत्य नहीं है। Bhram ye ki Tum mere ho, Satya ye ki ye Satya nahi hai. ©नीतिश तिवारी।

लघुकथा-घर की पंचायत।

बेनीवाल जी अपने पंचायत के सरपंच रह चुके थे। अपने चार बच्चों में से तीन की शादी करने के बाद छोटी लड़की की शादी के लिए योग्य वर की तलाश में थे।  "आजकल अच्छे लड़के मिलते कहाँ हैं हजारी जी" बेनीवाल जी ने अपने बचपन के साथी और सुख दुख के सहयोगी हजारी जी के साथ अपनी चिंता ज़ाहिर किया। "अरे मिलेंगे कैसे नहीं, आप प्रयास ही नहीं कर रहे हैं। मैंने बोला था आपसे कि अपने फौजी बेटे से बात करो। वो भी तो सरकारी नौकरी में है। कोई ना कोई उसका यार दोस्त होगा सर्विस में, बात बन जाएगी। आखिर सरकारी नौकरी की बात कुछ और ही होती है। बिटिया का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।" हजारी जी ने अपने बहुमूल्य सलाह से अवगत कराया। कुछ दिन बाद ही बेनीवाल जी का फौजी लड़का छुटियों में घर आया तो उन्होंने बेटी की शादी की बात छेड़ दी।  "बेटा, हम कह रहे थे कि बड़े वाले दामाद जी सरकारी नौकरी में हैं, सुमन के लिए भी कोई सर्विस वाला लड़का मिल जाता तो अच्छा होता। तुम्हारे नजर में कोई ऐसा लड़का है?" "अरे बाबूजी, कहाँ सरकारी के चक्कर में पड़े हैं। कई लाख देने होंगे। इतने में कई काम हो जाएँगे।" "लेकिन बेटा

Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho.

  दुश्मनी की चाहत और दोस्ती से तुम परहेज़ रखते हो, मेरे लिए काँटे और अपने लिए फूलों की सेज रखते हो, तुम्हारी ख़्वाहिश कि मैं ख़ाक हो जाऊँ दर्द-ए-तन्हाई में, शायद इसलिए तुम चराग़-ए-नफ़रत बड़ी तेज़ रखते हो। Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho, Mere liye kaanten aur apne liye phoolon ki sej rakhte ho, Tumhari khwahish ki main khaak ho jaun dard-e-tanhai mein, Shayad isliye tum charag-e-nafrat badi tez rakhte ho. मेरे आँसुओं के खरीदार तो बहुत मिले पर क़ीमत कोई लगा ना सका, मैं बोली लगा रहा था अपने जज्बातों की, पर वो बेग़ैरत बाज़ार आ ना सका, दावत-ए-सुख़न मिला था मुझे उसके सालगिरह की, वो अपने यार के साथ पहली सफ़ में थे, मैं गीत कोई गा ना सका। Mere aansuon ke khareedar toh bahut mile par keemat koi lagaa naa saka, Main boli laga raha tha apne jajbaaton ki par wo begairat bazaar aa naa saka, Dawat-e-sukhan mila tha mujhe uske saalgirah ki, Wo apne yaar ke saath pahli saf mein the, main geet koi gaa naa saka. ©नीतिश तिवारी। वीडियो भी देखिए:

Ishq phir se dubaara kar liya.

  Photo credit: Unspoken voice. लब खामोश हैं, दिल पर भी दस्तक ना हुआ, हीर-राँझा वाला प्यार मुझे अब तक ना हुआ, कोई आए और मुझे घायल करे अपनी अदाओं से, बरसों बीत गए पर कभी ऐसा हरकत ना हुआ। Lab khamosh hain, dil par bhi dastak na hua, Heer- ranjha wala pyar mujhe ab tak naa hua, Koi aaye aur mujhe ghayal kare apni adaon se, Barson beet gaye par kabhi aisa harkat na hua. मेरी मोहब्बत से उसने किनारा कर लिया, मेरे बिना कैसे उसने अपना गुजारा कर लिया, कल देखा मैंने उसे अपने रक़ीब की गली में, लगता है उसने इश्क़ फिर से दुबारा कर लिया। Meri mohabbat se usne kinara kar liya, Mere bina kaise usne apna gujara kar liya, Kal dekha maine use apne raqeeb ki gali mein, Lagta hai usne ishq phir se dubaara kar liya. आँधी भी है, बारिश भी है और मोहब्बत भी, लफ्ज़ भी हैं, लहज़ा भी है और कड़वाहट भी, कशमकश में है मंज़िल, रास्ता कैसे ढूँढ लूँ, सजा भी है, साजिश भी है और शोहरत भी। Aandhi bhi hai, barish bhi hai aur mohbbat bhi, Lafz bhi hain, lahza bhi hai aur kadwahat bhi, Kashmkash mein hai manzil, raasta kaise dhoond

Two line romantic mohabbat shayari || दो लाइन की रोमांटिक मोहब्बत शायरी।

Pic credit: unsplash.   Two line romantic mohabbat shayari. दो लाइन की रोमांटिक मोहब्बत शायरी। तेरा यूँ मुस्कुरा कर देखना हमें अच्छा लगता है, तुम जब साथ होती हो तो प्यार सच्चा लगता है। Tera yu muskura kar dekhna humen achcha lagta hai, Tum jab saath hoti ho to pyar sachcha lagta hai. कागज़ों पर उतर गए हैं जज़्बात हमारे, तुमसे मिलकर अच्छे हुए हालात हमारे। Kagazon par utar gaye hain jazbaat humare, Tumse milkar achche huye halaat humare. ख़्वाबों में दीदार हुआ था, हक़ीक़त में तुम समाई हो, ऐसा लगता है कि तुम परियों के शहर से आई हो। Khwabon mein deedar hua tha, haqeeqat mein tum samayi ho, Aisa lagta hai ki tum pariyon ke shahar se aayi ho. एक ख़त लिखा और लिफ़ाफे में बंद करके भेज दिया, अपने दिल के जज़्बात मैंने उस ख़त में सहेज दिया। Ek khat likha aur lifafe mein band karke bhej diya, Apne dil ke jazbaat maine us khat mein sahej diya. तारीफ़ कैसे करूँ जो खुद चाँद की मूरत है, चाँद भी अब पूछ रहा, कैसी तेरी चाँद की सूरत है। Tareef kaise karun jo khud chand ki murat hai, Chand bhi ab pooch raha, kai

Book review- Ibnebatuti by Divya Prakash Dubey.

  फ़ोटो: लेखक महोदय के फेसबुक से। "पूरी दुनिया में एक भी डॉक्टर ऐसा नहीं है जो दवा के साथ दिन में दो बार प्रेमपत्र लिखने के लिए कहे।  सब बीमारियाँ केवल दवा से कहाँ ठीक होती हैं!" ऊपर लिखी हुई ये पंक्तियाँ, दिव्य प्रकाश दुबे जी की किताब इब्नेबतूती से हैं। इन्होंने चार और किताबें लिखी हैं और इब्नेबतूती इनकी पाँचवीं किताब है। आप सोंच रहे होंगे कि मैं किताब का review क्यों लिख रहा हूँ? तो बात ऐसी ही कि जब अल्लू- गल्लू लोग किसी भी फ़िल्म का review कर सकते हैं तो मैं तो साहित्यकार हूँ। (अभी कोई मानता नहीं है इसलिए खुद ही उपाधि दे रहा हूँ), मैं तो किताब के बारे में लिख ही सकता हूँ। अब दूसरा प्रश्न ये है कि क्या ये Sponsored post है? उत्तर है- बिल्कुल नहीं। दुबे सर ने इसके लिए एक रुपया भी नहीं दिया है और ना ही प्रकाशक Hind Yugm ने ये review लिखने के लिए कहा है।  दुबे सर ने अगर कुछ दिया है तो अपनी बहुमूल्य सलाह, आशीर्वाद और बेहतरीन साहित्य। हिन्दी को हिंदी भाषी ( बाकी भाषा वालों से तो तब उम्मीद करेंगे जब अपने हिंदी वाले ही हिंदी को पढ़ लें।) तक  पहुँचाने के लिए बस यही प्रेरणा काफी है। इब

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