Posts

Showing posts from 2013

अलविदा 2013

Image
अब भी आरजू है तुझे सँवरने  की, पर वक़्त को आदत नही है ठहरने की , अब भी चाहत  है मेरी तड़पने  की , तेरी हर एक साँसों में महकने की, पलकों के साये में बिछड़ने की  उस हसीन दारिया में उतरने की, खूबसूरत लम्हों को क़ैद करने की,  और फिर से हद से गुजरने की. अलविदा 2013....

Bye Bye To Student Life...Welcome To Professional.

Image
This month was so hectic and stressful because I was busy in semester examination ...thank God its ended today. Now, no more classes and no more assignments because fifth semester has ended and now we have project training in last sem. I am feeling happy as examination finished and also feeling sad as student life is come to an end. From last 20 years the journey of my student life has been wonderful. I would like to share some memorable moments of my student life with you. The journey started twenty year back wen I got enrolled in first standard in primary school which was situated in my village. As a child and as a student I used to be  very shy but an intelligent boy. My grandfather used to be a teacher and my father is also a teacher and let me tell you one interesting fact that in my village, there is at least one teacher in every family. So you can say that education is in my blood and I have learnt  a lot throughout my life by living in such an educational so

आज फिर खयाल आया।

Image
आज फिर खयाल आया कि कुछ पैगाम लिखूँ , लब पर तेरा नाम लिखूँ  या तुझे अपनी जान लिखूँ।  आज फिर खयाल आया कि कुछ सौगात लिखूँ , नींदों में बसे ख्वाब लिखूँ या तेरी कही हर बात लिखूँ।  आज फिर खयाल आया कि कुछ तहरीर  लिखूँ , परदे के पीछे कि तस्वीर लिखूँ  या अपनी रूठी तकदीर लिखूँ।  आज फिर खयाल आया कि कुछ अंज़ाम  लिखूँ , उस महफ़िल की वो ज़ाम लिखूँ  या दुनिया का इल्ज़ाम लिखूँ। 

मोहब्बत हुए ज़माना गुज़र गया .

Image
                                            काबिल-ए-तारीफ थी तेरी वफ़ा-ए-मोहब्बत,                       सबको आबाद करके हमे बर्बाद किया.                      मत पूछो मुझसे तरकीब आज़माने की,                      उनसे मोहब्बत हुए ज़माना गुज़र गया .                     उस बरसात की रात का भी क्या सुरूर था,                     वो लिपटे जिस्म से थे और मेरा रूह उनसे दूर था.                    बरसों से निगाह थी उसकी मेरे दिल के खजाने पर,                    वो लूटता चला गया और मैं तन्हा खड़ा रहा.

कश्मकश ज़िंदगी की।

Image
कोई रूठे कैसे , कोई मनाए कैसे , कोई बिछड़े कैसे , कोई भुलाए कैसे।  एक प्यारी सी हँसी , एक नाज़ुक सी अदा , एक भोला सा चेहरा , एक चाँद सा मुखड़ा।  कोई छुपाए कैसे , कोई दिखाए कैसे , तेरे गीत ग़ज़ल के , कोई गुनगुनाए कैसे।  एक माटी कि मूरत , एक भोली सी सूरत , एक नन्ही सी गुड़िया , एक सोने कि चिड़िया।  कोई आजमाए कैसे , कोई सताए कैसे , अपने दिल कि बात , कोई  बताए कैसे। 

फिर तेरी याद आई.

Image
पहले हिमाकत की थी, अब फरियाद करता हूँ, जा तुझे मैं अब इस, पिंजरे से आज़ाद करता हूँ, उन आँखों में मत बसना , जो गंगा यमुना बहाती हैं, उन साँसों में मत घुलना, जो तेरी आहट से डर जाती है. जब दीप जला अंधकार मिटा, फिर भी ना गया तेरा साया, जब सावन की हरियाली आई, तब कोई अपना हुआ पराया. ये मेरी बेबसी है या कमज़ोरी, मिलन की चाहत अब भी है अधूरी, आरज़ू दिल की दिल में दबने लगी, अश्कों की धुन्ध फिर से सजने लगी. ©नीतिश तिवारी।

कुछ डायरी के पन्नों से

Image
मत छीन सुकून मेरा इन आँखों से, तेरे दीदार का सिर्फ़ ये ही एक सहारा है . अगर अंज़ाम की फ़िक्र होती तो मोहब्बत ना करते, हमें तो तेरे आगाज़ ने ही तन्हा बना दिया . उलफत के वादों को तुमने निभाया ही नही, और कहते हो की तेरा ज़िक्र आया ही नही, गैरों का दामन थामते रहे ज़िंदगी भर, और शिकायत है कि तुमने अपनाया ही नही. तेरी आशिकी ने मेरी तबीयत बिगाड़ दी है , किससे दवा लूँ या किसकी दुआ लूँ पता नही.

एक बरसात साथ रहती है।

Image
भटकते राहों में भी मंज़िल की तलाश रहती है. सूखे दरिया में भी एक पानी की प्यास रहती है. सूनी गलियों में भी उसके आने की आस रहती है. भीगी पलकों में भी मुस्कुराने की चाह रहती है. तूफ़ानों में भी चिरागों के जलने की आस रहती है. इस तन्हाई में भी एक महफ़िल की तलाश रहती है. होठों से कही तेरी हर बात याद रहती है. इन आँसूओं की एक बरसात साथ रहती है.

तुम जो बसे परदेश पिया.

Image
तुम जो बसे परदेश पिया, मैं हूँ अपने देश पिया, जब याद तुम्हारी आती है, मेरे जिया को तड़पाती है . तेरे नाम की खुश्बू जब-जब, मेरे साँसों को महकाती है, रोम -रोम पुलकित हो जाता , जब याद तुम्हारी आती है. मेरे आँखों के काजल में तुम, मेरे बातों के हलचल में तुम, पर हर बार मैं यही सोचती हूँ, क्यूँ साथ नही अब मेरे तुम. अपनी खामोशी को क़ैद किए,    तुम्हारे आगोश में लिपट जाती हूँ, मैं कैसे बताऊँ तुम्हे साँवरिया, तुम बिन कैसे मैं जी पाती हूँ.

तेरी मोहब्बत ने शायर बना दिया।

Image
Pic credit: Google.      हमें आदत थी पत्थर के मकानों में ठहरने की, कभी एहसास ही नहीं हुआ कि दिल सीसे का बना है।       हमारी मोहब्बत का बस इतना सा पैगाम था,      वक़्त -बे -वक़्त उसका मुझ पर ही इलज़ाम था।    ज़माना यूँ तो नाराज़ नहीं था मुझसे पहले कभी,  एक तेरी मोहब्बत के खातिर आज सबके बैरी हो गए।       न जाने  कौन सी दवा दे गया था वो हक़ीम,    न ही वो पास आती है, न ही ये मर्ज़  दूर जाता है।      अब मेरे कलम कि दिवानगी रोके नहीं रुकती,         इस मोहब्बत ने हमें भी शायर बना दिया।  ©नीतिश तिवारी।

एक चाँद नज़र आता है।

Image
जब चाँद छुप जाता है बादल  में , तब तेरे चहरे की चमक देती  है रौशनी।  जब रात गुजरती है तेरी बाँहों में , तब तेरे बदन कि खुशबू देती है ज़िंदगी।  जब शोर होता है सन्नाटों में , तब तेरी हर एक धड़कन देती है राहत।  जब कोई नहीं होता है कमरे में , तब तेरी हर एक साँस कि होती है आहट।  जब इतने सारे रंग यहाँ , तब चैन कहाँ मिल पाता है।  तेरी भुली बिसरी बातों से अब , वक़्त कहाँ गुजर पाता है।  जब जज्बातों का सैलाब उमड़ कर आता है , तब तेरा हर वो ख्वाब नज़र आता है।  जब सजती है तन्हाई कि वो महफ़िल , तब फिर से मुझे एक चाँद नज़र आता है। 

मोहब्बत साथ रहता है।

Image
तूफानों में भी एक मंज़र याद रहता है, इन आँसूओं का समंदर साथ रहता है।  उभरते हुए इन ज़ख्मों के  साथ , तेरा दिया हुआ हर सितम याद रहता है।  कोशिश तो कि थी हमने तुझे भुलाने कि , पर हर जाम में तेरा अक्स  साथ रहता है।  हर बार पूछते हैं लोग इस तन्हा दिल से, कौन है वो खुशनसीब जो तेरे साथ रहता है।  इस ज़िंदगी और ज़माने से कोई शिकायत नहीं , सुकून तो है कि तेरा मोहब्बत साथ रहता है।  प्यार के साथ  आपका नीतिश।  

हम भी हैं शायर

Image
मचलता है जिस्म तो मिलता है रूह को  सुकून , इश्क़ वो दरिया है जिसमे गोते लगाते  हैं सभी।  हर बार चला देता है वो अपने तरकश का तीर , कम्बख्त मेरा ही दिल होता है उसके निशाने पर।  आ जाना मेरे ख्वाबों में आज भी , दीदार कि तलब एक बार फिर जगी है।  अपनी आँसुओं से मिटा देते तेरी तस्वीर को , पर कम्बख्त निकलता भी नहीं तेरी याद के बिना। 

Happy Diwali

Image
  कल मैं दीवाली की छुट्टी में अपने घर daltonganj (jharkhand)जा रहा हूँ इसलिए आप सभी से कुछ दिनो तक मुखातिब नही हो पाऊँगा. काफ़ी लंबे अंतराल के बाद घर जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. आप सभी के प्यार और आशीर्वाद के लिए आपका आभारी हूँ. ऐसे ही अपना प्यार बनाए रखिए.  मेरे सभी दोस्तों और ब्लॉग रीडर्स को दीपावली की हार्दिक शुभकामना. HAPPY DIWALI

शराब शबाब और तेरी याद.

Image
देना चाहता था मैं तुझे एक गुलाब, किया तूने इनकार और हुए हम बेनकाब, चाहत थी मेरी ओढ़ लेता मैं तेरा शबाब, पर अब मयखाने में बैठकर पी रहे हैं शराब. मेरे दिल के कोने से एक आवाज़ आती है, कहाँ  गयी वो ज़ालिम जो तुझे तड़पाती है, जिस्म से रूह तक उतरने की थी ख्वाहिश तेरी, और अब एक शराब है जो तेरा साथ निभाती है. ना थी उम्मीद ना वादे पर ऐतबार किया, ग़ज़ब है तेरा फिर भी हमने इंतज़ार किया, तेरे उस कातिल अदाओं को भूलने की खातिर, हर रोज़ हर वक़्त हमने शराब पिया. मैं तो पहले भी था महफ़िल में, मैं तो अब भी हूँ महफ़िल में, फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि, पहले तुम थी,अब ये शराब है महफ़िल में.

एक शाम बेवफाई के नाम।

Image
मेरे दिल की तिजोरी में बैठकर वो, चुरा लेता है मेरी साँसों को हर रोज़. कभी सुर्ख आँखों में पानी देते हैं, कभी अपने प्यार में नीलामी देते है, रज़ा पूछकर सज़ा देने वाले, ज़िंदगी भर की बदनामी देते हैं. इससे पहले की हम गुमनाम हो जाते, उस बेवफा ने सरेआम बदनाम कर दिया. तेरी मोहब्बत तो एक तिजारत थी, पर तुमने इसे एक गैरत बना दिया, दिल की बात लफ़्ज़ों तक आने से पहले, बेवफ़ाई को तुमने एक हक़ीकत बना दिया.

चाँदनी रात,सर्द मौसम और तुम।

Image
याद आती है मुझे  वो पूस की रात , जो गवाह थी , हम दोनों के मिलन की।  मैं था ,तुम थी , और फलक पे था चाँद , अपनी गरिमा बिखेरे हूए, अपनी लालिमा समेटे हूए । सुनायी देती है मुझे , तुम्हारे दिल कि धड़कन , जो हर पल जुड़ रही थी , सिर्फ मेरे धड़कन से।  महसूस होती है मुझे , वो हर एक साँस , जिसमे गरमी थी सिर्फ , तुम्हारे साँसों की।  तेरे चेहरे का आकर्षण , तेरे बदन कि खुशबू , खींच रहा था मुझे , एक अटूट बंधन कि ओर।   तुम्हारा स्नेह ही तो था, जो मेरे साथ था, एक तुम ही तो थी, जिसे अपना कहा था।   पर टूट गया वो बंधन , किसी नाजुक धागे  की  तरह , अब नहीं रहा वो  संगम, सच्चे वादों की तरह।  पर फिर आयेगा वो मौसम , नए अफ़साने की तरह , और फिर होगा पुनर्मिलन , नए फ़साने की तरह।  प्यार के साथ  आपका नीतीश। 

मेरी मोहब्बत--उनकी बेवफ़ाई

Image
अश्क के हर एक बूँद को मोती बनाना चाहता हूँ, दर्द भरे अपने ज़ख़्मों को अब हटाना चाहता हूँ. ये जानते हैं हम की पास नही कोई दरिया, इस रूह के प्यास को फिर भी बुझाना चाहता हूँ. महलों में रहने वाले हमारे दर्द को क्या जाने, इस झोपड़ी में रहकर ज़िंदगी गुज़रना चाहता हूँ. शायद हमारे प्यार पर उनको ना कुछ यकीन था, फिर भी उनका हरेक नगमा अब गुनगुनाना चाहता हूँ. इस बेदर्द सी दुनिया में एक उनका ही तो साथ था, जब तोड़ दिया दिल मेरा अब भूल जाना चाहता हूँ. मुद्दतो से देखा नही चेहरा किसी हसीन का, अब पास तेरे आकर तुम्हे निहारना चाहता हूँ. दिल पर ज़ख़्म ऐसे मिले रहकर साथ उनके, इन ज़ख़्मो पर अब मैं मरहम लगाना चाहता हूँ. रंगों की इस बाहर में अदाएँ तेरी अजीब है, अपनी जीत को भी अब मैं हार बनाना चाहता हूँ. एक रात उनसे बात हुई कुछ हमारे प्यार की, उस रात भर रोने के बाद अब मुस्कुराना चाहता हूँ. भूल कर उनके दर्द हो हमने तुम्हारा रुख़ किया, इस बेवफ़ाई के गम को हर पल मिटाना चाहता हूँ. मेरी ज़िंदगी के हर एक ज़ख़्म अब भरने लगे हैं, आ तुझे ओ द

शुभकामना -करवाचौथ की .

Image
Pic credit: Google.  आज फिर आया है मौसम प्यार का, ना जाने कब होगा दीदार चाँद का, पिया मिलन की रात है ऐसी आयी , आज फिर से निखरेगा रूप मेरे यार का।  दिल मेरा फिर से तेरा प्यार माँगे , प्यासे नयना फिर से तेरा दीदार माँगे , प्रेम,स्नेह से प्रकाशित हो दुनिया मेरी , ऐसा साथी पूरा जग संसार माँगे।  ©नीतिश तिवारी।

ना जाने क्या लिखूँ।

Image
कुछ अल्फ़ाज़ लिखूँ,  कुछ ज़ज़्बात लिखूँ, ना जाने क्या ख्वाब लिखूँ।  अपने आँसू लिखूँ, अपनी खुशी लिखूँ,  ना जाने क्या हालात लिखूँ।  तेरी वफ़ा लिखूँ , तेरी जफ़ा लिखूँ , ना जाने क्या सौगात लिखूँ।  कभी पतझड़ लिखूँ , कभी सावन लिखूँ , ना जाने क्या मौसम लिखूँ।  कभी तुझे लिखूँ , कभी उसे लिखूँ , न जाने मैं किस  किसको लिखूँ।  ©नीतिश तिवारी।

एक अंज़ाम

Image
बिखर रहा है ज़माना, रो रहा है मेरा प्यार, उजड़ रही है खुशियाँ, हँस रहा है अंधकार. हर तस्वीर हुई धुँधली, हर तकदीर हुई पुरानी, दास्तान हुई और लंबी, अब नही बची मेरी कहानी. भटक रहा हूँ राहों मे, ना जाने कैसा अंज़ाम था, तड़प रहा हूँ हर साँसों मे, ना जाने ये किसका गुलाम था. सुलग उठी है चिंगारी, मचल रहे हैं अरमान, कह रही है धड़कन, ये तो बस है इम्तिहान. प्यार के साथ  आपका नीतीश

शायरी संग्रह

Image
हर शाख पे बैठी थी उम्मीदें पैर पसार, कब टूट गयी वो डाली पता ही ना चला. ना खुद पर यकीन है ना तुझ पर ऐतबार है, इस मोहब्बत ने कर दिया जीना दूस्वार है, कशमकश मे है हालत अब मेरे, ना तुम ही गैर हो ना अपनों से ही प्यार है. राही को मंज़िल नही,कश्ती को साहिल नही, किसी के तुम नही, किसी के हम नही, अजीब दास्तान है ,इस बेदर्द जमाने का, कोई दिल में नही, कोई दिल से नही. ना देखा ऐसा रूप ना देखी ऐसी श्रिगार, तेरे चेहरे की हँसी मे है खुशियाँ अपार, सच हो गये मेरे सपने अब तुम पर है ऐतबार, लोग कहते हैं की यही है सच्चा प्यार. अगर तेरी नज़र है कातिल, तो शिकार हम होंगे, अगर तेरा बदन है संगमरमर, तो खरीदार हम होंगे, अगर तू है कोई शहज़ादी, तो पहरेदार हम होंगे, अगर तेरी मोहब्बत मे है धोखा,तो तेरा प्यार हम होंगे. ©नीतिश तिवारी।

भजन-ओ कान्हा रे.

Image
 ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे,  ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे,  कोई नही है अपना मेरा, कोई नही पराया,  कोई नही है सपना मेरा, कोई नही है साया.  चाहे गम हो या खुशी हो, तुझको अपना माना,  अब तो बस है तेरे ही, चरणो मे मेरा मेरा ठिकाना.  ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे,  ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे, सेवक मैं हूँ स्वामी तू है,यही है अपनी कहानी, दर्शन जो गर तेरे हो जाए,मिल जाए प्यासे को पानी. भक्ति तेरी, शक्ति तेरी, यही है सच्ची आस, मिलेगी मुक्ति सभी दुखों से, यही है मेरा विश्‍वास. ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे, ओ कान्हा रे, मन तुझे ही पुकारे. ©नीतिश तिवारी। अगर आपको ये भजन पसंद आई हो तो फ़ेसबुक पर शेर करना ना भूलें  धन्यवाद.

बिछोह।

Image
ये कैसा प्रेम है, जिसे है बिछोह की तलाश. आख़िर आज ये कैसा क्षण है, जिसमे रूह को रूह से, अलग होने का हो रहा आभास. कुछ विस्मृत यादें, कुछ अधूरे एहसास, चंद खुशी के पल, समेटे हुए है प्रेम. नज़रों के साथ नज़राने, यादों के साथ तराने, कभी रूठने के, तो कभी मनाने के बहाने. दूर जाती वो किरण, आसमान से छटते  वो बादल, सर्द हवा का झोंका, ये सब मैने देखा. द्वंद है ये प्रेम की, खुद से ही बिछड़ने की, खुद से ही अलग होकर, खुद मे ही सिमटने की. ©नीतिश तिवारी।

जीवन- एक रहस्य

Image
                               ये जीवन एक रहस्य है,                                जिसमे नया रोमांच है,                                नये संवाद हैं, नये विवाद हैं.                               कहीं प्रेम है, कहीं छल है,                               कहीं रोशनी है तो कहीं अंधियारा है,                               नयी सोच है, नयी उमंग है,                               कभी कांटों  भरी मंज़िल  है,                               कभी फूलों की सेज़ है.                               पर इन सबसे परे,                               सत्य यही है,                               ये जीवन एक रहस्य है.

Direct Dil Se..

Image
                      गरजते हुए बादल से है धरती को एक आस,                      कि कब जाकर बुझेगी एक दिन मेरी प्यास,                      हर किसी के लिए वो लम्हा बन जाता है ख़ास,                      जब प्यार से कोई गले लगता है आकर पास,                      यही तो है आख़िर जीवन का सच्चा विश्वास,                      जब कोई हमसफ़र हो हर पल साथ साथ.                       छूटी दिल की लगी बिछड़ा मेरा यार,                       उम्मीद के दामन से दूर हुआ मेरा प्यार,                       ना जाने क्या खता थी किया उसने इनकार,                       फ़ना हो जाते प्यार में अगर वो कर देते इज़हार.                       उसकी खामोशी ने इज़हार ना करने दिया,                      और लोग हमें आज भी बेवफा समझते हैं.                       इनकार करते या इज़हार करते,                       ना जाने हम तुमसे कैसे प्यार करते,                       चाँद को देखते या सितारों की बात करते,                       ना जाने हम कैसे कैसे ख्वाब देखते.                       आँखे मिलाके पलकें झुकना इश्

I WANT TO FALL IN LOVE WITH YOU AGAIN.......

Image
Oh my darling how you feel in rain, I want to fall in love with you again. As you walk, as you talk, As you dance, as you do romance, As you feel me,as you heal me, As you care me,as you stare me. I want that again, I want that again. I want to fall in love with you again, I want to fall in love with you again.

अभी मुमकिन नही...

Image
                                         अभी मुमकिन नही है मुहब्बत में बेवफ़ाई,                      अभी तो मेरे दिल ने ली  है अंगड़ाई.                      अभी मुमकिन नही है मुझसे तेरी रुसवाई                      अभी तो नज़र आई है मुझे तेरी परछाई.                      अभी मुमकिन नही है इन साँसों की जुदाई,                      अभी तो मेरी धड़कन पे तुमने है हलचल मचाई.                      अभी मुमकिन नही है मेरे घर से तेरी बिदाई,                      अभी तो मैने तेरे लिए सेहरा है सजाई .

hope,hope and hope...

Image
Well the word hope is something that always relates to something new in our life's.We always think about new hope to be fulfilled,sometimes our hopes are fulfilled sometimes not and if it is not fulfilled we again ready for new hope. So basically point is that our hopes in life never ends.And this is good because at least it leads us towards an optimistic approach and that approach inspire us to achieve something in life. So keep hoping new things in life... till then bye bye...

Is Narendra Modi is solution of all problems in country?

Image
पिछले दिनो  एक खबर आई जिसका पूरे भारत के लोगों के साथ-साथ मुझे भी इंतज़ार था-नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मेदवारी का.भाजपा ने आगामी चुनाव मे मोदी जी को अपना प्रधानमंत्री के रूप मे प्रॉजेक्ट किया है.निजी  रूप से मैं भी मोदी समर्थक हूँ. जिस तरह से उन्होने पूरे गुजरात का विकास किया है,उससे उनसे पूरे देश के विकास की उम्मीद की जा रही है,और भाजपा के सत्ता मे आने के बाद वो विकास करने मे सफल भी हो जाएँ. पर क्या वाकई नरेंद्र मोदी सभी समस्याओं का समाधान करने मे सफल रहेंगे?आज पूरा देश विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा हुआ है.महगाई से लेकर भ्रस्टाचार तक, ग़रीबी से लेकर बेरोज़गारी तक,हर तरफ देश मे हमे समस्या ही नज़र आती है.क्या कारण है की आज़ादी के इतने वर्ष बाद भी विदेशी भारत मे आकर केवल स्लम्डॉग मिलेनियर जैसी फ़िल्मे बनाने के लिए प्रेरित होते हैं.उन्हे भारत की तरक्की कम और ग़रीबी ज़्यादा नज़र आती हैं,मैं समझता हूँ की इसका सबसे बड़ा कारण है असमानता.हमारे देश मे एक ओर जहाँ ट्रेनो मे wi fi लगाए जा रहे है,वहीं दूसरी ओर आज भी ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ लोग ट्रेन देखने तक के लिए तरसते हैं. 

आज भी याद है..

Image
आज भी याद है वो लम्हा, जब तेरी आँचल को सँभाला था मैने, आज भी याद है वो चेहरा, जब तेरी ज़ुल्फो को सँवारा था मैने, आज भी याद है वो काजल, जो तेरी नयनो में देखा था मैने, आज भी याद है वो  पल, जो तेरे साथ बिताया था मैने.

शायरी....फ़ुर्सत में..

Image
                मैं तो सम्भ्ल जाऊँगा, तेरी बेवफ़ाई के बाद,                 पर हैरान हूँ ,तेरा क्या होगा मुझसे जुदाई के बाद.                 मेरी आँखों से मेरे ख्वाब चुराने वाले,                 अब आ भी जाओ मुझे सताने वाले,                     इनकार की बात नही,हम तो इकरार कर लेंगे,                 अब आ भी जाओ मुझे तड़पाने वाले.                                तुझे ख्वाबों मे ढूँढने की आदत थी ऐसी,               कि आज तक हम नींद से जाग ना पाए.                 नीतीश.