Pic credit: pinterest. मेरी किताब में रखा तेरा खत बोसीदा हो गया है, लिखावट धुँधली हुई तो दिल मेरा संज़ीदा ह…
Read moreउसकी आहट है और उसका दीदार होगा, वो जो आनेवाला है वो मेरा प्यार होगा, तमाशें देखने का शौक है तो रुक जाओ, अभी ये आशिक़ इश्क़ में …
Read morePic credit : Google. इश्क़ की हजार बातें, मोहब्बत के लाखों फ़साने, और तुम पर ये दिल करोड़ों बार हार गया है। मुझको नींद नहीं आ…
Read morePic credit: Google. तेरे उड़ते हुए खयालों का मैं एक परिंदा हूँ, छत पर निकल कर देख, मैं अभी ज़िंदा हूँ। कोई नज़राना तो पेश कर, मै…
Read moreImage source : Google. तेरी इन आँखों की पूरी दुनिया दीवानी है, सब लोग तुमपे मरते हैं ये उनकी नादानी है, इश्क़ तो तुमसे कोई भ…
Read morePic credit : Google. Chaal usne aisi chali ki main shatranj ka nazeer ho gaya, Bachne ki koshish kiya magar ishq mera kashmir …
Read moreImage courtesy: Google. हम तेरे वजूद को ज़िंदा रखेंगे, अमावश में भी एक चंदा रखेंगे। लोग मुझे बहका हुआ आशिक़ समझें, हम अपनी …
Read moreहम सबके हो गए, कोई हमारा ना हुआ, एक बार हुआ इश्क़, फिर दुबारा ना हुआ। दिल को संभालने को शराब पीना था, मयखाना दूर था, जाम हमारा…
Read moreImage courtesy: Google. मेरा होश उड़ाने की तेरी आदत सी हो गयी है, मेरा दिल धड़काने की तेरी आदत सी हो गयी है, इश्क़ करना है तो जर…
Read moreKatil Ada. तेरे रूप की रौशनी से मेरे ख्वाब कामिल होंगे, तेरे जिस्म की खुशबू को सिर्फ हासिल हम होंगे। अपनी कातिल अदा को किसी और के नाम मत करन…
Read moreआँखें ठहरीं तो बस तुम तक, नींदे गहरी तो बस तुम तक, यूँ तो सब कुछ थम सा गया था, हवाएँ गुजरी तो बस तुम तक। Aankhe thahri toh bas tum tak, Ne…
Read moreये रौशनी और उनका दीदार, ये बरसात और मौसम का खुमार, मुझे तड़पाये उनके आने का इंतज़ार, ना जाने कब होगा ये त्योहार। तेरी आ…
Read moreकल रात मैंने सोंचा तुम्हें अपनी शायरी में लिख देता हूँ पर जब लिखने बैठा तुम तो ग़ज़ल बन गयी। अपनी डायरी में तुम्हारा न…
Read moreदिल में जगी कोई उलझन तो तुझे याद किया. बढ़ने लगी जब धड़कन तो तुझे याद किया. यूँ तो हर वक़्त मैं उदास रहता था. अब खुशियों की चाहत ह…
Read moreज़माने को आग लग जाए तेरे हुस्न की आँच से, कोई भी आशिक़ महरूम ना रहे तेरी मुलाक़ात से, मोहब्बत की अदायगी का तो पता नही मगर, हर कोई…
Read moreबैठा रहा मैं एक किरदार सा बनके, उलझी हुई तस्वीर का आकार सा बनके, हमारी इबादत कभी मुकम्मल ना हुई, बीच भवंर मे फंस गये मझधार …
Read moreसारी कारीगरी खुदा ने तुम पर नेमत कर दी, और तुम्हारी शिकायत कि हर कोई तुम्हे देखता है. अपने होठों पर हँसी यू ही बनाए रखना, अपने दिल मे कोई…
Read moreअंज़ाम की फ़िक्र, आगाज़ का डर. कशमकश ज़िंदगी की, न इधर जाए न उधर. © नीतीश तिवारी
Read moreयहाँ हर दिया बुझने पर मजबूर है, और तुम रौशनी की दरकार करते हो, खुदा के कैसे बंदे हो तुम जो, हर सहरी पर इफ्तार करते हो. वो वक़्त भी गु…
Read moreढूँढ रहा था जिस पल को उसमे होकर लौटा हूँ, मैं मुसाफिर हूँ यारो सब कुछ खोकर लौटा हूँ, और तुम क्या जानोगे अदब मेरी दीवानगी का, उसके …
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