Wednesday, September 23, 2020

इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो...


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सिर्फ़ पा लेना ही प्यार नहीं, उसे मरते दम तक चाहना भी प्यार है। ये बात कहने वाले ये नहीं समझ पाते कि उस चाहत में तड़प ज्यादा होती है। तड़प होती है किसी और के लिए उसे मुस्कुराते देखते हुए। तड़प होती है जब वो किसी और की बाहों से लिपटकर उससे मोहब्बत करती है। चाहत और मोहब्बत के बीच के फर्क को सिर्फ़ वो आशिक़ बयाँ कर सकता है जिसने आठों पहर, बारह मास, अब भी उसे पाने के ख़्वाब देखता है। आशिक़ को फर्क ही नहीं पड़ता कि वो किसी और की हो चुकी है। शायद इसलिए कि उसने
उसे तन से तो जुदा हो जाने दिया लेकिन अपने मन से कभी निकाल नहीं पाया। भूलकर करता भी तो क्या? इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो इश्क़ की दास्तानें ना होतीं। वफ़ा अगर इतना खुदगर्ज़ होता तो आशिक़ इतने दिवाने ना होते।

©नीतिश तिवारी।
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Friday, September 18, 2020

वक़्त का हिसाब देखो।

 




सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो,
नींद में भी खिलता गुलाब देखो,
मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या,
वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो।

So jao aur tum khwab dekho,
Neend mein bhi khilta gulab dekho,
Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya,
Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho.

©नीतिश तिवारी।

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Monday, September 14, 2020

जब सीख लेना इश्क़।

 

Hindi diwas
Pic credit: Google .







जब देखना मुझे तो किसी और को ना देखना,
जब चाहना मुझे तो सिर्फ मुझे ही चाहना,
इस उम्र में अक्सर हो जाया करती हैं नादानियाँ,
जब सीख लेना इश्क़ तो किसी और से मत करना।

Jab dekhna mujhe toh kisi aur ko na dekhna,
Jab chahna mujhe toh sirf mujhe hi chahna,
Iss umr mein aksar ho jaya karti hain nadani ham,
Jab seekh lena ishq toh kisi aur se mat karna.

आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

©नीतिश तिवारी।


Sunday, September 13, 2020

तुझमें मेरा कुछ नहीं।

Kavita

                                             Pic credit : pinterest.




     तुझमें मेरा कुछ नहीं तो
       बस इतना ही एहसान कर दे,
    जो इश्क़ किया था तुझसे
     उसको अब वापस कर दे।

       मैं सहेज लूँगा तेरी यादों को,
      दिल में रखूँगा तेरी बातों को
       नींद आये मुझे या ना आये,
       मैं रोज देखूँगा उन ख्वाबों को।

       ©नीतिश तिवारी।

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Friday, September 4, 2020

उसको तुम बता देना...

dard shayai




निभा सको तो मेरा किरदार निभा देना,
जता सको तो तोड़ा प्यार जता देना,
इस नाउम्मीद जिंदगी में तुमसे है उम्मीद ज़रा,
तड़पू जो किसी की ख़ातिर तो उसको तुम बता देना.


©नीतिश तिवारी।

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Wednesday, August 26, 2020

आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Romantic shayari
 























Pic credit: Google.



कुछ हमारे लिए सोचना चाहिए,
अपने दिल में जगह रखना चाहिए,
तुमको खुद पर यकीं होता नहीं,
आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Kuchh humare liye sochna chahiye,
Apne dil mein jagah rakhna chahiye,
Tumko khud par yakin hota nahin,
Aaiyene ko tumhen dekhna chahiye.

©नीतिश तिवारी।






Monday, August 24, 2020

अब घर में रहेंगे सोनू भईया के बहन और भाई।

 

Sonu sood
Pic credit Twitter/SonuSood




बस से शुरू हुआ सफर,
ट्रेन की मदद से,
हवाई जहाज तक पहुँचा।

खेत जोतने को ट्रैक्टर,
पढ़ने को किताब, 
ऑपरेशन और दवाई।
सबको मिला है रोजगार,
होगी खूब कमाई।

अब घर में रहेंगे,
सोनू भईया के
बहन और भाई। 

©नीतिश तिवारी।


Saturday, August 22, 2020

भोजपुरी गाना-- गाँव जवार हमरा भूलल ना भुलावे ला।

 

Village
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Bhojpuri Song.

गाँव जवार हमरा भूलल ना भुलावे ला,
गऊवें के हावा पानी शहर तक आवे ला,- 2
सभे लोगन कहत बाड़े लौट के आ जा,
गाँव के साँझ और भोर बुलावे ला। - 2

बचपन में बाबूजी देवत रहन पईसा,
मेलवा से लान के खाईत रही अरिसा।
घरवा के हालत ख़ातिर छूट गईल गाँव हो,
गाँव के छोरा होइलक शहर के जईसा।

गाँव जवार हमारा....

सरसो के खेत और नदिया के पानी,
करत रही हम रोजे बागवानी ( gardening)
गेहूँ कटा गईल रहरो (अरहर) बा आईल,
सभे बोलावत बाड़े करे के खलिहानी।

गाँव जवार हमारा.....

©नीतिश तिवारी। 

कविता सुनिए।

क्यों गाँव मेरा वीरान हो गया?


Tuesday, August 18, 2020

आशिक़ बनके निकला है...

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लड़ने को तैयार है, पूरे जग संसार से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।
धड़कन उसकी चलती है, महबूबा के प्यार से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।

चेहरे पर रौनक है आती, उसके ही दीदार से,
आँखों को ठंढक है आती, उसके ही सृंगार से,
सुबहो से भी रौनक है, रौनक है हर शाम से,
आशिक़ बनके निकला है, वो अपने घर बार से।

©नीतिश तिवारी।

 

Sunday, August 16, 2020

A heart touching letter to Mahendra Singh Dhoni on his retirement from International cricket .

Dhoni














Pic credit : Google.





हम सभी के प्यारे,

   महेन्द्र सिंह धोनी जी।


सादर प्रणाम।

     

   कल स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 के मौके पर आपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करके दुनिया में आपके करोड़ों चाहने वालों को स्तब्ध कर दिया। आप लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, शायद इससे अच्छा दिन हो भी नहीं सकता था। लेकिन मेरा ही नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की दिली ख्वाहिश है कि कमसे कम एक भव्य विदाई मैच तो बनता था। हालांकि बिना किसी शोर शराबे के आपने सिर्फ़ एक इंस्टाग्राम पोस्ट से सन्यास की घोषणा करके एक बार फिर से साबित कर दिया है कि आप कितने महान हैं। 


आपके चाहने वाले करोड़ों फैन्स की तरह मैं भी गौरवान्वित महसूस करता हूँ कि मैंने धोनी युग देखा है। 

वैसे तो धोनी युग की शुरूआत 2004 में ही हो चुकी थी लेकिन तब शायद आपके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का दौर था, उस वक़्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि आने वाले समय में आप भारत के सबसे सफल कप्तान ही नहीं बल्कि अब तक के बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज भी साबित होंगे। किसी ने नहीं सोचा होगा कि सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड कप जीतने का सपना आप अपनी कप्तानी में पूरा करेंगे। खैर, आपके क्रिकेट करियर की दास्तान लिखने बैठूँगा तो शायद शब्द कम पड़ जाएँगे। 

ये भी पढ़िए: Letter to Narendra Modi

बात करूँगा कि कैसे अपने विलक्षण प्रतिभा के दम पर आपने मेरे दिल में जगह बनाई है। 2004-05 का वो दौर जब पहली बार 148 रन करने पर लोगों ने आपका नाम जानना शुरू किया था। जब आपने 148 रन किया उस समय मैं 11th में था। रोज की तरह दोपहर में स्कूल से लौट कर आया तो पता चला कि कोई झारखंड का खिलाड़ी धोनी है जिसने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी किया है। कसम से सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। मेरठ में रह रहे अपने दोस्तों से मैं गर्व से कहने लगा कि देखो , हमारे झरखण्ड में भी टैलेंट है। 148 वाला मैच मैं लाइव नहीं देख पाया था लेकिन हाइलाइट्स देखा और उसके बाद आपके चौकों और छक्कों की ऐसी लत लगी कि जहाँ भी टीवी पर आप बल्लेबाजी करते दिखते, मैं वहीं रुककर देखने लगता था। श्रीलंका के खिलाफ 183 की आपकी पारी खड़े खड़े चाय की दुकान पर लगे टीवी में देखकर जो आनंद आया, वो अविस्मरणीय है। फिर 2007 का T20 वर्ल्ड कप और उसके बाद सब इतिहास है। 


अगर दादा ने टीम को लड़ना सिखाया तो आपने टीम को जीतना। खिलाड़ी कई आये और कई गए लेकिन आपके टैलेंट, लीडरशिप और निर्णय क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता। आपके जाने के बाद टीम को सिर्फ़ फिनिशर की कमी नहीं खलेगी बल्कि एक ऐसे कप्तान की कमी खलेगी जो मुश्किल से मुश्किल वक़्त में भी अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रख पाता था। 


एक बार आपके मैनेजर और दोस्त श्री अरुण पांडेय जी को सुन रहा था। वो बता रहे थे कि मैदान पर आपके दिमाग में सिर्फ क्रिकेट रहता है और मैदान से बाहर क्रिकेट की कोई चर्चा नहीं करते। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में सामंजस्य बैठाने का इससे बेहतरीन उदाहरण कुछ नहीं हो सकता। क्रिकेट की आपकी समझ से हम सभी वाकिफ़ तो हैं ही, इतने दिनों में हमने ये भी जाना है कि कैसे आपने अपने जीवन में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद  मुक़ाम को हासिल किया। छोटे शहरों से बड़े स्टार निकल सकते हैं, इसका श्रीगणेश करने वाले आप ही हैं। 


हर बार ट्रॉफी लेते समय आप युवाओं को आगे कर देते थे। अपनी मर्जी से आपने कप्तानी छोड़ी और अब संन्यास भी ले लिया। अपने वीडियो में जिस तरह से आपने अपने करियर के अहम पड़ाव को अपने साथी खिलाड़ियों के तस्वीर के साथ जगह दिया है वो ये दर्शाता है कि आप सच्चे लीडर है और रहेंगे। 

लम्बे अंतराल के बाद IPL 2020 में आपको देखना एक सुखद अनुभव होगा।


आपकी आगामी योजनाओं के लिए शुभकामनाएँ।


जोहार!!!


नीतिश तिवारी।

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My letter for Mr. Shah Rukh Khan.



 

Saturday, August 15, 2020

क्यों गलतफ़हमी में हो कि आज़ादी दिलाने वाले गाँधी हैं।

Happy Independence day





 लिख रहा हूँ आज मैं वो,
इंकलाब की आँधी है।

क्यों गलतफ़हमी में हो कि
आज़ादी दिलाने वाले गाँधी हैं।

बरसों का संघर्ष रहा,
कितनों ने है लाठियाँ खाई।
भगत सिंह फाँसी पर चढ़े,
तब जाकर है आज़ादी आई।

सुभाष बाबू के विचारों को,
युवाओं ने है खूब अपनाया।
लहू के एक एक कतरों से,
देश को है आज़ाद कराया।

हर शहीद का सम्मान करो,
राष्ट्रभक्ति का गुणगान करो।
युवा शक्ति का नया भारत है,
भारत माँ को तुम प्रणाम करो।

जय हिन्द।
भारत माता की जय।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

©नीतिश तिवारी।






Sunday, August 9, 2020

पिया मन भाया।

पिया मन भाया



















सावन बीता भादो आया,
हमको बस पिया मन भाया,
लाल बिंदी और हरी चूड़ियाँ,
हमने खुद को खूब सजाया।

Sawan beeta bhado aaya,
Humko bas piya man bhaya
Laal bindi aur hari choodiyan,
Humne khud ko khoob sajaya.

©नीतिश तिवारी।




Friday, July 31, 2020

मोहब्बत में तुम कुछ यूँ भीग जाना।


Romantic hindi poetry
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सुलझाना उसकी
जुल्फ़ों को
और बगिया से
फूल भी ले आना

गजरे की महक
साँसों में समाएगी
और याद आएगा
उसका मुस्कुराना

कोयल की कू कू
और उसके होठों
की हलचल
शोर मचाएगी तो 
अपने दिल 
को संभालना

भीगे बदन में 
ठिठुरन जो होगी
मीठा सा दर्द होगा
उसे तुम सह जाना

ये सावन का मौसम
और बारिश की बूँदें
मोहब्बत में तुम
कुछ यूँ भींग जाना

©नीतिश तिवारी।




Thursday, July 30, 2020

कोई किसी का ना हुआ, कोई सबका हो गया।


Sad dard shayari




खुशियों की आस थी,
गम दरवाजे पर दस्तक दे गया।
हमने किसी का बुरा ना चाहा,
फिर भी हमारे साथ बुरा हो गया।
कहते हैं लोग कि
यही किस्मत का खेल है।
कोई किसी का ना हुआ,
कोई सबका हो गया।

Khushiyun ki aas thi,
Gham darwaje par dastak de gaya.
Humne kisi ka bura na chaha,
Phir bhi humare saath bura ho gaya.
Kahte hain log ki 
yahi kismat ka khel hai.
Koi kisi ka naa hua,
Koi sabka ho gaya.

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, July 28, 2020

आलसी लोग आखिर इतने स्वैग में क्यों रहते हैं?


Types of lazy people
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आलसी लोगों का ना अपना अलग ही स्वैग रहता है। उनके लिए तो ऐसा है कि टेबल पर पानी रखकर दे दो उसमें भी वो लोग straw घुसेड़ कर पीना पसंद करते हैं।

मेरा एक फ्रेंड तो कॉलेज के दिनों में हर एक एग्जाम में दो तीन सवाल तो ऐसे ही छोड़ देता था। भले ही उसका जवाब उसे आता हो और टाइम भी बचा हो। पूछने पर बोलता कि, "यार लिखने को मन ही नहीं कर रहा था और पास होने जितना तो लिख ही दिया है।"

हमारे गाँव में एक जरऊ बाबा हैं। जरऊ नाम उनका बचपन से ही है काहे कि बाबा जी (तब बाबा नहीं थे) बचपन में टायर को जला कर होलिका दहन कर रहे थे।
ज्यादा जोश में आ गए और हाथ जला बैठे। तभी से उनका नाम जरऊ पड़ गया। इनके बारे में फेमस है कि ये इतने आलसी हैं, इतने आलसी हैं कि सिर्फ 14 जनवरी और 14 अप्रैल को ही नहाते हैं। गाँव के आलसी लौंडे जरऊ बाबा को अपना गुरु और आदर्श मानते हैं। ऐसे ही लौंडों के लिए आजकल लूना में भी सेल्फ स्टार्ट आने लग गया है। और यही लौंडे आजकल सिगरेट भी होम डिलीवरी से मँगाने लगे हैं। 

मेरी पुरानी वाली गर्लफ्रेण्ड तो इतनी आलसी थी कि उसे जब भी कोई गिफ़्ट देना होता था तो लिफ़ाफ़े में पैसे ही दे दिया करती थी। बोलती थी कि कौन इतना मेकअप करे, फिर धूप से बचने के लिए छाता ले और फिर तुम्हारे लिए शॉपिंग करने जाए। 

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कुछ लोग तो इतने आलसी थे कि अपने फोन से chinees app डिलीट नहीं कर पा रहे थे जैसे कि app को टच करते ही उनके उंगली में इंफेक्शन हो जाएगा। सरकार ने पूरा राड़ा ही खत्म कर दिया। Bulk में app ban कर दिए।
बोलो भारत माता कि जय।
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©नीतिश तिवारी।