Sunday, October 18, 2020

मुफ़्त की सलाह देने वालों के लिए एक सलाह।







आपके भी लाइफ में मुफ़्त की सलाह देने वाले लोग आपसे टकरा ही जाते होंगे। 
जैसे मैं आपको बताता हूँ । 
बचपन में: 
आंटी जी- "बेटा जब देखो तब तुम लड्डू ही खाते रहते हो, बड़े होने पर डॉयबिटीज हो जाएगा।"
मैंने कहा, " आँटीजी सुनिए, हमारे पिताजी ला रहे हैं तो हम लड्डू खा रहे हैं।  अब आप चिंटू को लड्डू नहीं खिला रहीं और अभी से डायबिटीज के दवाई का खर्चा बचा रही हैं तो हम क्या करें।"

वही आँटीजी कुछ दिन बाद:
"बेटा घर में चीनी है? लाओ एक ग्लास दे दो जरा, चिंटू के पापा के लिए चाय बनानी है।"
हमने भी तपाक से जवाब दे दिया, "क्यों आँटीजी, उस दिन तो आप मुझे लड्डू खाने पर बहुत ज्ञान दे रहीं थी। अब कहाँ चला गया आपका डायबिटीज?"
"अरे बेटा चाय तो बनानी ही पड़ेगी नहीं तो चिंटू के पापा को डायबिटीज तो बाद में होगा, उससे पहले उनके चिल्लाने से हार्ट अटैक मुझे जरूर हो जाएगा।"

बचपन खत्म होने के बाद कॉलेज में :
दोस्त: "यार, तेरी कोई गर्लफ्रैंड भी नहीं है, मैं तो खूब  मस्ती करता हूँ। लड़कियों को घुमाना, पिक्चर दिखाना और..."
मैंने कहा, " अबे कौन से शास्त्र में लिखा है कि कॉलेज में गर्लफ्रैंड होनी जरूरी है और तू क्या हार्दिक पांड्या का छोटा भाई है जो इतनी सारी लड़कियाँ घुमाता है।"

कुछ साल बाद:
दोस्त- "तिवारी जी, अपनी शादी में नहीं बुलाये हमें?"
"अबे हम खुदे घर से बाहर रहते हैं, घरवालों ने हमें हमारी शादी में बुलाया था, हम तुम्हें कैसे बुलाते।
रिसेप्शन में तो बुलाये थे तुमको, तुम आये ही नहीं बहाना बना दिया कि कुछ शांतिदूतों ने ट्रेन की पटरी उखाड़ दी है। वो तो मैंने बाद में न्यूज़ देखा तो पता चला कि तुम सही कह रहे थे।"

कुछ साल बाद वही दोस्त:
"तिवारी जी, शादी के दो साल हो गए कहीं हनीमून पर नहीं गए?"
"काहे जाएँ बे, तुमने 5 लाख गूगल पे कर दिया है क्या? और बोल तो ऐसे रहे हो जैसे कि तुम अपने हनीमून पर स्विट्जरलैंड गए थे। गाँव के ट्यूबवेल के फोटो को एडिट करके स्वीमिंग पूल लिखने वाले ,तुम तो चुप ही रहो।"

बचपन से जवानी तक के कुछ मुफ़्त की सलाह देने वालों का जिक्र मैंने किया। अभी बुढापा आया नहीं है , जब बुढापा आएगा तो उसकी भी बात कहूँगा। बाकी एक बात कहना है कि " बचपन में एकांत से प्रेम था, जवानी में तन्हाई से मोहब्बत हो गयी, कहीं ऐसा ना हो कि बुढापा अज्ञातवास में गुजर जाए।"

धन्यवाद!!!

©नीतिश तिवारी।





 

Friday, October 16, 2020

तुम आग नहीं बनना अबकी बार, मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा।

Pic credit: Google.




तुमने खामोशी इख़्तियार करने को कहा था, 
मैं गीत नहीं गाऊँगा,
तुम्हारी यादें सिरहाने पर दस्तक देती हैं, 
मैं तुम बिन नहीं सो पाऊँगा,

मोम का दिल था मेरा, 
 इसलिए ये जलकर पिघल गया ,

  तुम आग नहीं बनना अबकी बार,
 मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा। 

Tumne khamoshi ikhtiyaar karne ko kaha tha, main geet nahi gaunga,
Tumahri yaden sirhane par dastak deti hain, main tum bin nahi so paunga,
Mom ka dil tha mera, isliye ye jalkar pighal gaya,
Tum aag nahi banna abki baar, main pathar dil ban jaunga.

©नीतिश तिवारी।


 

Sunday, October 11, 2020

शाम को सहर कर गयी है।

                        Pic credit: Google.




जहरीले इश्क़ की दवा थोड़ी असर कर गयी है,

अजीब दुआ थी उसकी जो शाम को सहर कर गयी है,

रात भर करती रही वो सज़दा मुझसे बिछड़ने की,

सुबह खबर आई कि मेरी फाँसी मुकर्रर हो गयी है।


Zahreele ishq ki dawa thodi asar kar gayi hai,

Ajeeb duwa thi uski jo shaam ko sahar kar gayi hai,

Raat bhar karti rahi wo sazda mujhse bichchdne ki,

Subah khabar aayi ki meri fansi mukarr ho gayi hai.


©नीतिश तिवारी।




 

Thursday, October 8, 2020

बेटा या बेटी --समाज की सच्चाई।

Pic credit : pinterest.




घरवाले परेशान हैं उनकी तबियत देखकर,
लोग मिलने आ रहे हैं उनकी हैसियत देखकर,
बेटी होती तो आज रोने लगती बाप के हश्र पर,
बेटे ने आने से मना कर दिया वसीयत देखकर।

Gharwale pareshaan hain unki tabiyat dekhkar,
Log milne aa rahe hain unki haisiyat dekhkar,
Beti hoti toh aaj rone lagti baap ke hasrr par,
Bete ne aane se mana kar diya wasiyat dekhkar.

©नीतिश तिवारी।


 

Saturday, October 3, 2020

गाँव की लड़कियों में भी अजीब चलन का दौर है।

Pic credit: pinterest.




सुनहरी यादें दिल में बसर कर जाती हैं,
महबूब शायराना हो तो शायरी असर कर जाती है,
गाँव की लड़कियों में अजीब चलन का दौर है,
पानी भरने भी वो खूब  सँवर कर जाती हैं।

Sunahari yaden dil mein basar kar jaati hain,
Mehboob shayarana ho toh shayari asar kar jaati hai,
Gaon ki ladkiyon mein bhi ajeeb chalan ka daur hai,
Paani bharne bhi wo khoob sanwar kar jaati hai.

©नीतिश तिवारी।



 

Wednesday, September 30, 2020

मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

 






दिल को फिर से तोड़ने का हौसला कर लिया है,
रोजाना मोहब्बत करने का फैसला कर लिया है,
तुम कहते हो इश्क़ के समंदर में मैं डूब जाऊँगा,
किनारों से कह दो, मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

Dil ko phir se todne ka hausla kar liya hai,
Rojana mohabbat karne ka faisla kar liya hai,
Tum kahte ho ishq ke samandar mein main doob jaunga,
Kinaron se kah do, maine unse fasla kar liya hai.

©नीतिश तिवारी।




Tuesday, September 29, 2020

ख़त में महकते हुए फूल मज़ार तक पहुँच गए।

 

Pic credit: Google.



अरमानों की अर्थी को ख्वाबों की चिता पर सुलाती है,
ज़िन्दगी कुछ नहीं कर पाती जब मौत बेवक़्त आती है।

टूटे नाव की सवारी करके  दरिया पार करने से,
ज़िन्दगी दूर चली जाती है, मौत अपने पास बुलाती है।

हिज़्र की फिक्र तब नहीं थी जब वस्ल ने दामन थामा था,
अब जो कारवाँ उजड़ गया तो ज़िन्दगी कहाँ रह जाती है।

बाग से फूल निकले, ख़त में महकते हुए मज़ार तक पहुँच गए,
पर अब भी उसके यादों की खुशबू इस दिल को बहुत सताती है।

©नीतिश तिवारी।



Monday, September 28, 2020

अपने दूर हो रहे हैं।









अतीत के जख्म, 

भविष्य के सुनहरे ख़्वाब,

ज़िन्दगी में हैं कई सवाल,

जिसके ढूँढने हैं हमें जवाब।


उम्र लंबी होती जा रही,

परछाईं छोटे हो रहे हैं,

सौतेला व्यवहार है ये किसका,

अपने दूर हो रहे हैं।


©नीतिश तिवारी।






Friday, September 25, 2020

वस्ल का इंतज़ार मत कर।






अंधेरों का बोलबाला है, रौशनी का इंतज़ार मत कर,
तू टूटी हुई नाव में कभी दरिया पार मत कर,
जिसके हिज़्र में तुमने तमाम गज़लें लिख डालीं,
ऐसे शख्स से कभी वस्ल का इंतज़ार मत कर।

Andheron ka bolbala hai, raushni ka intzaar mat kar,
Tu tooti huyi naaw mein kabhi dariya paar mat kar,
Jiske hizr mein tumne tamaam gazalen likh dali,
Aise shaksh se kabhi wasl ka intzaar mat kar.

©नीतिश तिवारी।






 

Wednesday, September 23, 2020

इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो...


Pic credit: Google.





सिर्फ़ पा लेना ही प्यार नहीं, उसे मरते दम तक चाहना भी प्यार है। ये बात कहने वाले ये नहीं समझ पाते कि उस चाहत में तड़प ज्यादा होती है। तड़प होती है किसी और के लिए उसे मुस्कुराते देखते हुए। तड़प होती है जब वो किसी और की बाहों से लिपटकर उससे मोहब्बत करती है। चाहत और मोहब्बत के बीच के फर्क को सिर्फ़ वो आशिक़ बयाँ कर सकता है जिसने आठों पहर, बारह मास, अब भी उसे पाने के ख़्वाब देखता है। आशिक़ को फर्क ही नहीं पड़ता कि वो किसी और की हो चुकी है। शायद इसलिए कि उसने
उसे तन से तो जुदा हो जाने दिया लेकिन अपने मन से कभी निकाल नहीं पाया। भूलकर करता भी तो क्या? इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो इश्क़ की दास्तानें ना होतीं। वफ़ा अगर इतना खुदगर्ज़ होता तो आशिक़ इतने दिवाने ना होते।

©नीतिश तिवारी।
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Friday, September 18, 2020

वक़्त का हिसाब देखो।

 




सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो,
नींद में भी खिलता गुलाब देखो,
मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या,
वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो।

So jao aur tum khwab dekho,
Neend mein bhi khilta gulab dekho,
Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya,
Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho.

©नीतिश तिवारी।

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Monday, September 14, 2020

जब सीख लेना इश्क़।

 

Hindi diwas
Pic credit: Google .







जब देखना मुझे तो किसी और को ना देखना,
जब चाहना मुझे तो सिर्फ मुझे ही चाहना,
इस उम्र में अक्सर हो जाया करती हैं नादानियाँ,
जब सीख लेना इश्क़ तो किसी और से मत करना।

Jab dekhna mujhe toh kisi aur ko na dekhna,
Jab chahna mujhe toh sirf mujhe hi chahna,
Iss umr mein aksar ho jaya karti hain nadani ham,
Jab seekh lena ishq toh kisi aur se mat karna.

आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

©नीतिश तिवारी।


Sunday, September 13, 2020

तुझमें मेरा कुछ नहीं।

Kavita

                                             Pic credit : pinterest.




     तुझमें मेरा कुछ नहीं तो
       बस इतना ही एहसान कर दे,
    जो इश्क़ किया था तुझसे
     उसको अब वापस कर दे।

       मैं सहेज लूँगा तेरी यादों को,
      दिल में रखूँगा तेरी बातों को
       नींद आये मुझे या ना आये,
       मैं रोज देखूँगा उन ख्वाबों को।

       ©नीतिश तिवारी।

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Friday, September 4, 2020

उसको तुम बता देना...

dard shayai




निभा सको तो मेरा किरदार निभा देना,
जता सको तो तोड़ा प्यार जता देना,
इस नाउम्मीद जिंदगी में तुमसे है उम्मीद ज़रा,
तड़पू जो किसी की ख़ातिर तो उसको तुम बता देना.


©नीतिश तिवारी।

Ye bhi padhiye: My letter to Dhoni







 

Wednesday, August 26, 2020

आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Romantic shayari
 























Pic credit: Google.



कुछ हमारे लिए सोचना चाहिए,
अपने दिल में जगह रखना चाहिए,
तुमको खुद पर यकीं होता नहीं,
आईने को तुम्हें देखना चाहिए।

Kuchh humare liye sochna chahiye,
Apne dil mein jagah rakhna chahiye,
Tumko khud par yakin hota nahin,
Aaiyene ko tumhen dekhna chahiye.

©नीतिश तिवारी।