Posts

Featured post

Who is real jabra Fan? Gavrav or me-My letter to Mr. Shah Rukh Khan.

Image
To, My inspiration Shri  Shah Rukh Khan Ji Namaste I believe you’re enjoying your success as always. Many congratulations for FAN but I’m quite disappointed as far as collection of the movie is concern. Your work in fan is remarkable sir. I’m writing this letter just to express my love for you. You’ve inspired millions of people around the world. I’m one of them too. I love you not because your net worth is $600 M and you are biggest superstar in world, I love you because your life has given a reason to dream for a middle class youth like me. You’ve shown us the path of success with your hard work, commitment and dedication. The way you have achieved success in your life is truly phenomenal and inspirational. Sir, I come from a lower middle class family where talking about your dream is just like building castles in air. But somehow I’ve managed to dream big in my life. And I can say it with full pride that credit goes to you sir. When I was a child,

Kudrat karishma jarur karegi.

Image
  ये वक़्त कठिन है, गुजर जाएगा। खुशियाँ जब आएँगी, तो तेरा दामन भर जाएगा। कुदरत एक दिन, करिश्मा जरूर करेगी, गाँव में रहने वाला लड़का, एक दिन बड़े शहर जाएगा। Ye waqt kathin hai, Gujar jayega. Khushiya jab aayengi, Toh tera daman bhar jayega. Kudrat ek din, karishma jarur karegi, Gaanw mein rahne wala ladka, Ek din bade shahar jayega. ©नीतिश तिवारी।

Salute to pulwama attack martyrs || पुलवामा हमले के शहीदों को नमन।

Image
  picture credit: outlook India website. Salute to Pulwama attack martyrs || पुलवामा हमले के शहीदों को  पुलवामा हमले के शहीदों को नमन। आज ही के दिन 2019 में CRPF के काफिले पर कायराना तरीके से हमला किया गया था जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गये थे। देश ने इसका बदला ज़रूर लिया लेकिन वीर जवानों की शहादत को कोई भुला नहीं सकता। मेरी तरफ़ से शहीद जवानों को सलाम और उनके सम्मान में कुछ पंक्तियाँ प्रेषित करता हूँ। देश के मेरे वीर जवानों, देशभक्ति के सच्चे दीवानों, कैसे चुकाएँगे हम तेरा क़र्ज़, जान देकर निभा गये  तुम  अपना फ़र्ज़। वीरों की वो टोली थी, जिसने हर बाधा को झेली थी, कायर दुश्मन ने किया पीछे से वार, बस यही मलाल रहेगा हर बार। बहुत मुश्किल है उस दर्दनाक तस्वीर को देखकर और शहीदों को सोचकर कुछ लिख पाना, यहीं अपनी लेखनी को विराम देता हूँ। जय हिन्द! भारत माता की जय! ©नीतिश तिवारी। ये भी सुनिए।

bachpan se hi bewafa ho ya..

Image
बारिश का शौक है तो मेरे आँसुओं की हिफ़ाज़त करना, अब किसी और को दिल में बसाए हो तो उसकी ठीक से निज़ामत करना, साँसें रुक रुक कर चल रही है, पता नहीं कब वक़्त आ जाए, मेरे मरने के बाद अपने यार के साथ तुम दावत करना. barish ka shauk hai toh mere aansuon ki hifazat karna, ab kisi aur ko dil mein basaye ho toh uski thik se nizamat karna, saansen ruk ruk kar chal rahi hai, pata nahi kab waqt aa jaye, mere marne ke baad tum apne yaar ke saath dawat karna. दिल तोड़ने का हुनर तुमने कहाँ से सीखा है, बचपन से ही बेवफा हो या ये जवानी का हिस्सा है, सारी शर्तें क़बूल की फिर भी छोड़कर जा रहे हो, बस इतना तो बता दो कि किस बात का गुस्सा है. dil todne ka hunar tumne kahan se seekha hai, bachpan se hi bewafa ho ya ye jawani ka hissa hai, saari sharten qabool ki phir bhi chhodkar ja rahe ho, bas itna toh bata do ki kis baat ka gussa hai. ©नीतिश तिवारी। Ye bhi dekhiye:  

Taaron wali raat hai, jugnuon ki barat hai.

Image
Photo by AMISH THAKKAR on Unsplash तारों वाली रात है. जुगनूओं की बारात है, साथी तुम सज धज कर रहना, होने वाली मुलाक़ात है. बिंदी की चमक बनाए रखना, आँखों में काजल सजाए रखना, होठों की लाली तो सुंदर है ही, थोड़ा सा घूँघट उठाए रखना. रूप तुम्हारा लाजवाब है, जैसे कोई खिलता गुलाब है, बरसों से कई सवाल थे मेरे, आज मिल गया जवाब है. धड़कन पर मेरे अब काबू नहीं है, हक़ीक़त है ये कोई जादू नहीं है, मोहब्बत की महक चारों तरफ है, कैसे कह दूँ तुझमें खुश्बू नहीं है. ©नीतिश तिवारी। ye bhi dekhiye

Do lamha pyar ka ek pal intzaar ka.

Image
दो लम्हा प्यार का, एक पल इंतज़ार का, थोड़ी बेकरारी इकरार का, मौसम है ये बहार का। साथी मेरे पास तो आओ, मेरे जिया को भी धड़काओ, तुम मुझे अपना बनाओ, सूखी बगिया को महकाओ। मिलन की हसरत अधूरी है, आज तो मिलना जरूरी है, कहने का मौका मत दो कि, हमारे दरमियाँ कोई दूरी है। रास्ते बदल गए थे तो क्या, मंज़िल तो बस मोहब्बत है, साथ में वक़्त गुजारने की, चाहत है, जरूरत है। ©नीतिश तिवारी।  

खुद को मोहब्बत का ज्ञाता समझा था।

Image
तुमने कभी सुनने की कोशिश ही नहीं की, ना ही मेरे किसी बात को तवज़्ज़ो दिया, अब दूर हो मुझसे बरसों से, और कहते हो कि मुझे दूर क्यों किया? कितनी चालक हो तुम, थोड़े बदमाश भी हो तुम, मेरे पास तो ऐसी नहीं थी, अब किस गैर के पास हो तुम? फूलों के बीच मुझे काँटा समझा था, तुमने मुझे धन का दाता समझा था, कितने खुदगर्ज खयालात थे तुम्हारे, सिर्फ़ अपने को मोहब्बत का ज्ञाता समझा था। ©नीतिश तिवारी।  

My personal quotes.

Image
1.  "Hell is curse,heaven is boon but humanity is great"      "नर्क अभिशाप है,स्वर्ग वरदान है लेकिन इंसानियत महान है."      2."WRITING IS MY PASSION AND I WILL MAKE IT MY PROFESSION VERY SOON." 3. "जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं तो बदले में कुछ उम्मीद करना आपका स्वार्थ नही बल्कि आपका अधिकार  है. पर अफ़सोस कुछ लोग इस बात को नही समझते." 4. "M y dreams are sometimes not allowing me to sleep.I don't know that what GOD has written in my destiny but  I know that HE has graced me with full of wisdom,sincerity happiness and love ." 5. "I want lots of Love from people as I afraid of being alone.". 6. "Success is defined by your values, not by your money because you may have not your money one day but your values will remain forever". 7. "If you want to know the definition of life, leave your home and stay somewhere else". 8."I was being treated like a PRINCE in my childhood, I became wounded WARRIOR in my

गुनाह-ए-इश्क़ की सजा मिलेगी या रिहाई होगी?

Image
Pic credit: pinterest.  Art work: self.   उसकी ख़्वाहिश मक़बूल की थी, उसे हार था पहनाया, मेरी इस दिलदारी का उसने खूब था फायदा उठाया, मेरे क़त्ल की तारीख़ उसने कुछ यूँ मुक़र्रर कर दी, उसने शादी का न्योता अपने यार से था भेजवाया। Uski khwahish maqbool ki thi, use haar tha pahnaya, Meri iss dildaari ka usne khoob tha fayada uthaya, Mere qatl ki tareekh usne kuch yun mukarrar kar di, Usne shadi ka nyota apne yaar se tha bhejwaya. इश्क़ की अदालत में हूँ, आज मेरे मोहब्बत की सुनवाई होगी, गुनाह-ए-इश्क़ की सजा मिलेगी या आज मेरी रिहाई होगी, मुक़दमा हो गया तो क्या मुझे आज भी भरोसा है उस पर, जरा पता तो करो यारों, वो ये सब देखने जरूर आई होगी। Ishq ki adalat mein hu, aaj mere mohabbat ki sunwai hogi, Gunaah-e-ishq ki saja milegi ya aaj meri rihai hogi, Muqadama ho gaya toh kya, mujhe aaj bhi bharosa hai uss par, Jara pata toh karo yaaron, wo ye sab dekhne jarur aayi hogi. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए:

और फिर दिल को बड़ा आराम था।

Image
तेरी मोहब्बत के कर्ज को अदा कर देता, मैं तेरी ख़ातिर दूर से ही सजदा कर लेता, जो तुमने अपनी मजबूरियाँ बताई होती तो, मैं खुद को तुझसे जुदा भी कर लेता। Teri mohbbat ke karz ko ada kar deta, Main teri khatir door se hi sajda kar leta, Jo tumne apni majbooriyan batai hoti toh, Main khud ko tujhse juda bhi kar leta. तुझसे किए वादे का एहतराम था, इसलिए मेरे हाथ में जाम था, सारे आशिक़ बुलाये थे महफ़िल में और पूरा सब इंतज़ाम था, सबने तफ़सील से सुनाई अपने हिज़्र-ए-मोहब्बत की दास्तान, तेरी ग़ैरहाज़री में तेरा भी ज़िक्र हुआ, और फिर दिल को बड़ा आराम था। Tujhse kiye wade ka ehtaraam tha, isliye mere haath mein jaam tha, Saare aashiq bulaye the mehfil mein aur poora sab intzaam tha, Sabne tafseel se sunai apne hizr-e-mohbbat ki dastaan, Teri gair hazaro mein tera bhi zikar hua, Aur phir dil ko bada aaram tha. ©नीतिश तिवारी। मेरी शायरी परफॉर्मेंस जरूर देखें।

पहले इश्क़ का आख़िरी अंज़ाम।

Image
  तुम चार दिन के इश्क़ में ही बेवफ़ा हो गए। और एक हम जो बरसों तक तुमसे कभी खफ़ा ना हुए। पहले इश्क़ का आख़िरी अंज़ाम शायद यही होना था। Tum chaar din  Ke ishq mein hi Bewafa ho gaye. Aur ek hum jo Barson tak tumse Kabhi khafa na huye. Pahle ishq ka Akhiri anzaam Shayad yahi hona tha. भ्रम ये कि  तुम मेरे हो, सत्य ये कि ये सत्य नहीं है। Bhram ye ki Tum mere ho, Satya ye ki ye Satya nahi hai. ©नीतिश तिवारी।

लघुकथा-घर की पंचायत।

Image
बेनीवाल जी अपने पंचायत के सरपंच रह चुके थे। अपने चार बच्चों में से तीन की शादी करने के बाद छोटी लड़की की शादी के लिए योग्य वर की तलाश में थे।  "आजकल अच्छे लड़के मिलते कहाँ हैं हजारी जी" बेनीवाल जी ने अपने बचपन के साथी और सुख दुख के सहयोगी हजारी जी के साथ अपनी चिंता ज़ाहिर किया। "अरे मिलेंगे कैसे नहीं, आप प्रयास ही नहीं कर रहे हैं। मैंने बोला था आपसे कि अपने फौजी बेटे से बात करो। वो भी तो सरकारी नौकरी में है। कोई ना कोई उसका यार दोस्त होगा सर्विस में, बात बन जाएगी। आखिर सरकारी नौकरी की बात कुछ और ही होती है। बिटिया का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।" हजारी जी ने अपने बहुमूल्य सलाह से अवगत कराया। कुछ दिन बाद ही बेनीवाल जी का फौजी लड़का छुटियों में घर आया तो उन्होंने बेटी की शादी की बात छेड़ दी।  "बेटा, हम कह रहे थे कि बड़े वाले दामाद जी सरकारी नौकरी में हैं, सुमन के लिए भी कोई सर्विस वाला लड़का मिल जाता तो अच्छा होता। तुम्हारे नजर में कोई ऐसा लड़का है?" "अरे बाबूजी, कहाँ सरकारी के चक्कर में पड़े हैं। कई लाख देने होंगे। इतने में कई काम हो जाएँगे।" "लेकिन बेटा

Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho.

Image
  दुश्मनी की चाहत और दोस्ती से तुम परहेज़ रखते हो, मेरे लिए काँटे और अपने लिए फूलों की सेज रखते हो, तुम्हारी ख़्वाहिश कि मैं ख़ाक हो जाऊँ दर्द-ए-तन्हाई में, शायद इसलिए तुम चराग़-ए-नफ़रत बड़ी तेज़ रखते हो। Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho, Mere liye kaanten aur apne liye phoolon ki sej rakhte ho, Tumhari khwahish ki main khaak ho jaun dard-e-tanhai mein, Shayad isliye tum charag-e-nafrat badi tez rakhte ho. मेरे आँसुओं के खरीदार तो बहुत मिले पर क़ीमत कोई लगा ना सका, मैं बोली लगा रहा था अपने जज्बातों की, पर वो बेग़ैरत बाज़ार आ ना सका, दावत-ए-सुख़न मिला था मुझे उसके सालगिरह की, वो अपने यार के साथ पहली सफ़ में थे, मैं गीत कोई गा ना सका। Mere aansuon ke khareedar toh bahut mile par keemat koi lagaa naa saka, Main boli laga raha tha apne jajbaaton ki par wo begairat bazaar aa naa saka, Dawat-e-sukhan mila tha mujhe uske saalgirah ki, Wo apne yaar ke saath pahli saf mein the, main geet koi gaa naa saka. ©नीतिश तिवारी। वीडियो भी देखिए:

Ishq phir se dubaara kar liya.

Image
  Photo credit: Unspoken voice. लब खामोश हैं, दिल पर भी दस्तक ना हुआ, हीर-राँझा वाला प्यार मुझे अब तक ना हुआ, कोई आए और मुझे घायल करे अपनी अदाओं से, बरसों बीत गए पर कभी ऐसा हरकत ना हुआ। Lab khamosh hain, dil par bhi dastak na hua, Heer- ranjha wala pyar mujhe ab tak naa hua, Koi aaye aur mujhe ghayal kare apni adaon se, Barson beet gaye par kabhi aisa harkat na hua. मेरी मोहब्बत से उसने किनारा कर लिया, मेरे बिना कैसे उसने अपना गुजारा कर लिया, कल देखा मैंने उसे अपने रक़ीब की गली में, लगता है उसने इश्क़ फिर से दुबारा कर लिया। Meri mohabbat se usne kinara kar liya, Mere bina kaise usne apna gujara kar liya, Kal dekha maine use apne raqeeb ki gali mein, Lagta hai usne ishq phir se dubaara kar liya. आँधी भी है, बारिश भी है और मोहब्बत भी, लफ्ज़ भी हैं, लहज़ा भी है और कड़वाहट भी, कशमकश में है मंज़िल, रास्ता कैसे ढूँढ लूँ, सजा भी है, साजिश भी है और शोहरत भी। Aandhi bhi hai, barish bhi hai aur mohbbat bhi, Lafz bhi hain, lahza bhi hai aur kadwahat bhi, Kashmkash mein hai manzil, raasta kaise dhoond

Two line romantic mohabbat shayari || दो लाइन की रोमांटिक मोहब्बत शायरी।

Image
Pic credit: unsplash.   Two line romantic mohabbat shayari. दो लाइन की रोमांटिक मोहब्बत शायरी। तेरा यूँ मुस्कुरा कर देखना हमें अच्छा लगता है, तुम जब साथ होती हो तो प्यार सच्चा लगता है। Tera yu muskura kar dekhna humen achcha lagta hai, Tum jab saath hoti ho to pyar sachcha lagta hai. कागज़ों पर उतर गए हैं जज़्बात हमारे, तुमसे मिलकर अच्छे हुए हालात हमारे। Kagazon par utar gaye hain jazbaat humare, Tumse milkar achche huye halaat humare. ख़्वाबों में दीदार हुआ था, हक़ीक़त में तुम समाई हो, ऐसा लगता है कि तुम परियों के शहर से आई हो। Khwabon mein deedar hua tha, haqeeqat mein tum samayi ho, Aisa lagta hai ki tum pariyon ke shahar se aayi ho. एक ख़त लिखा और लिफ़ाफे में बंद करके भेज दिया, अपने दिल के जज़्बात मैंने उस ख़त में सहेज दिया। Ek khat likha aur lifafe mein band karke bhej diya, Apne dil ke jazbaat maine us khat mein sahej diya. तारीफ़ कैसे करूँ जो खुद चाँद की मूरत है, चाँद भी अब पूछ रहा, कैसी तेरी चाँद की सूरत है। Tareef kaise karun jo khud chand ki murat hai, Chand bhi ab pooch raha, kai

Book review- Ibnebatuti by Divya Prakash Dubey.

Image
  फ़ोटो: लेखक महोदय के फेसबुक से। "पूरी दुनिया में एक भी डॉक्टर ऐसा नहीं है जो दवा के साथ दिन में दो बार प्रेमपत्र लिखने के लिए कहे।  सब बीमारियाँ केवल दवा से कहाँ ठीक होती हैं!" ऊपर लिखी हुई ये पंक्तियाँ, दिव्य प्रकाश दुबे जी की किताब इब्नेबतूती से हैं। इन्होंने चार और किताबें लिखी हैं और इब्नेबतूती इनकी पाँचवीं किताब है। आप सोंच रहे होंगे कि मैं किताब का review क्यों लिख रहा हूँ? तो बात ऐसी ही कि जब अल्लू- गल्लू लोग किसी भी फ़िल्म का review कर सकते हैं तो मैं तो साहित्यकार हूँ। (अभी कोई मानता नहीं है इसलिए खुद ही उपाधि दे रहा हूँ), मैं तो किताब के बारे में लिख ही सकता हूँ। अब दूसरा प्रश्न ये है कि क्या ये Sponsored post है? उत्तर है- बिल्कुल नहीं। दुबे सर ने इसके लिए एक रुपया भी नहीं दिया है और ना ही प्रकाशक Hind Yugm ने ये review लिखने के लिए कहा है।  दुबे सर ने अगर कुछ दिया है तो अपनी बहुमूल्य सलाह, आशीर्वाद और बेहतरीन साहित्य। हिन्दी को हिंदी भाषी ( बाकी भाषा वालों से तो तब उम्मीद करेंगे जब अपने हिंदी वाले ही हिंदी को पढ़ लें।) तक  पहुँचाने के लिए बस यही प्रेरणा काफी है। इब

Siyasat-daan ho gaye ho kya!

Image
  Pic credit: Unsplash dot com मेरे ज़ख्मों से तुम अनजान हो गए हो क्या, जहालत की पहचान हो गए हो क्या, मुझसे किए वादे तुम इतनी जल्दी भूल जाते हो, तुम भी आजकल सियासत-दान हो गए हो क्या। Mere zakhmon se tum anjaan ho gaye ho kya, Jahalat ki pahchaan ho gaye ho kya, Mujhse kiye waade tum itni jaldi bhool jate ho, Tum bhi aajkal siyasat-daan ho gaye ho kya. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए:

Dard shayari- मासूम मोहब्बत का क़त्ल किया था उसने।

Image
सिर्फ़ अपनी हिज़्र के ख़ातिर वस्ल किया था उसने, रक़ीब के जीस्त में अपना दख्ल दिया था उसने, तहक़ीकात करने पर बोलने लगे कि यही रिवायत है, मेरी मासूम मोहब्बत का कुछ यूँ क़त्ल किया था उसने। Sirf apani hizr ke khatir wasl kiya tha usne, Raqeeb ke jeest mein apna dakhal diya tha usne, Tahqiqaat karne par bolne lage ki yahi riwayat hai, Meri masoom mohabbat ka kuch yun katl kiya tha usne. ©नीतिश तिवारी।  

How to propose to your first love in new year 2021?

Image
Photo credit: Pinterest. How to propose to your first love in New year 2021 ? नए साल में अपनी पहली मोहब्बत को कैसे प्रोपोज करें? अंग्रेज़ी नववर्ष दस्तक देने को है। साजिशन तैयार किए हुए वुहान वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया त्रस्त है। ऐसे में हो सकता है कि हर साल की भांति इस साल नए साल के स्वागत में उतना Celebration ना हो।  बाहर जाना सबके लिए मुमकिन ना हो और इस वक़्त avoid भी करना चाहिए। लेकिन ज़िंदगी में Celebration होते रहना चाहिए और नए साल के स्वागत में तो जरूर होना चाहिए। लेकिन सवाल तो ये है कि Celebration कैसे करें? अपने साथी, अपने महबूब, अपने दोस्त के साथ कैसे enjoy करें? Lockdown में रोज आपने नए नए पकवान जरूर बनाए होंगे। इस गुलाबी सर्दी में उस पकवान को बनाकर और खाकर अपने रिश्तों में गरमाहट ला सकते हैं। मैंने तो कल ही गाजर का हलवा खाया था। अपने साथी के लिए उसके मनपसंद का भोजन तैयार करिये और बस परोस दीजिए। फिर वो ये कहने से अपने आप को नहीं रोक पाएँगे। "मेरी चाहत को आज पूरी हो जाने दो  इस स्वादिष्ट व्यंजन को जी भर कर खा लेने दो"  प्यार के इज़हार करने का इससे बढिया तरीका नहीं हो

ख़त का जवाब रखा था हमने।

Image
Pic credit: pinterest. मुलाक़ातों के दौर का ख्वाब देखा था हमने, उनके लिए हर रंग का गुलाब रखा था हमने, रश्क इतना कि वो हमारे मैय्यत पर भी ना आए, जनाज़े के बगल में ख़त का जवाब रखा था हमने। Mulaqaton ke daur ka khwab dekha tha humne, Unke liye har rang ka gulaab rakha tha humne, Rashk itna ki wo humare maiyyat par bhi naa aaye, Janaje ke bagal mein khat ka jawab rakha tha humne. उस बेवफ़ा का आज भी मैं एहतराम करता हूँ, अपनी शायरी में 'उसका' नहीं, 'उनका' लिखता हूँ। Us bewfa ka aaj bhi main ehtaraam karta hoon, Apni shayari mein 'uska' nahi, 'unka' likhta hoon. ©नीतिश तिवारी।  

गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत।

Image
  गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत। मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है, रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है। मिलने जुलने की कोशिश में, सदियों मैंने गुजार दिया। 2 बाकी रहा ना अब कुछ मुझमें, दिल तो पहले ही हार दिया। कैसे बताऊँ तुझसे मैं, कितनी मोहब्बत करती हूँ। 2 तुमने भेजे थे ख़त जो, मैं हर रोज वो पड़ती हूँ। अबके सावन भी ना आए, फिर ये बारिश किसके लिए है। 2 मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है, रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है। ©नीतिश तिवारी।                               ये भी देखिए:

मुझे तीन बार इश्क़ हुआ है।

Image
  Pic credit: Google. मुझे तीन बार इश्क़ हुआ है पर हर बार सिर्फ़ धोखा मिला है। पहला इश्क़ दोस्ती दूसरा इश्क़ मोहब्बत और तीसरा इश्क़ तो इश्क़ ही था। अफसोस बस ये रहा कि तीनों इश्क़ ने साथ नहीं निभाया बस किया और छोड़ दिया। ©नीतिश तिवारी। iwillrocknow.com

मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं।

Image
  Pic credit: google. बेबसी का ये आलम, बिन बारिश का ये सावन, हक़ अदा करें भी तो कैसे, रूठ गया है मोरा साजन। Bebasi ka ye aalam, Bin barish ka ye savan, Haq ada karen bhi toh kaise, Rooth gaya hai mora sajan. पिछली दीदार के खूबसूरत लम्हों को आँखों में सजाए रखते हैं, हम उनसे मुलाक़ात के इंतज़ार में अपनी पलकें बिछाए रखते हैं, वो घड़ी मोहब्बत की, वो उनके चेहरे का भोलापन, हर रोज दिल में एक मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं। Pichhli deedar ke khoobsurat lamhon ko aankhon mein sajaye rakhte hain, Hum unse mulaqaat ke intzaar mein apni palken bichhaye rakhte hain, Wo ghadi mohabbat ki, wo unke chehre ka bholapan, Har roj dil mein ek milan ki aarzoo jagaye rakhte hain. ©नीतिश तिवारी।

दिल नादान, परेशान हो जाए तो क्या?

Image
  मुझे नहीं मिलता सुकून, कहाँ गया वो जुनून, हर चीज को पाने की ज़िद। ना कुछ भी खोने  का डर। दिल नादान, परेशान हो जाये तो क्या, सामने वाला हैरान हो जाये तो क्या, अपनी धुन में जो मगन रहा, उसी का मस्त  जीवन रहा। ©नीतिश तिवारी।