Monday, June 1, 2020

खुद को राजा तुम्हें रानी कहूँगा।


खुद को राजा तुम्हें रानी कहूँगा
Pic credit: Google.







प्रेम में साथ दोगी
तो मैं खुद को राजा
और तुम्हें 
अपनी रानी कहूँगा।

अगर जुदा हो गयी
मुझसे तो खुद को
फ़कीर फिर भी
तुम्हें रानी कहूँगा।

मेरा प्रेम इतना कमजोर
नहीं है कि तुम्हें दी हुई
रानी की उपाधि
तुमसे छीन लूँ।

Prem mein saath dogi
Toh main khud ko raja
Aur tumhen
Apni rani kahunga.

Agar juda ho gayi
Mujhse toh khud ko
Fakir phir bhi
Tumhen rani kahunga.

Mera prem itna kamjor
Nahi hai ki tumhen di hui
Rani ki upadhi
Tumse chhin loon.

©नीतिश तिवारी।

Friday, May 29, 2020

मशहूर हूँ तेरे दर्द के कारण।


Dard shayari
Pic credit: pinterest.








नज़रें तुम्हारी, हुस्न तुम्हारा, और हम पर कत्ल का इल्ज़ाम आया,
झुमकों ने तुम्हारी शरारत की, तब जाकर मयख़ाने में
जाम आया।


Nazren tumhari, husn tumhara, aur hum par qatl ka ilzaam aaya,
Jhumkon ne tumhari shararat ki, tab jakar maykhane mein jaam aaya.

मेरे हर शेर से पहले इरशाद करने वाले,
अब आ भी जाओ हमें बर्बाद करने वाले,
मैं मशहूर हूँ आज तो तेरे दर्द के कारण,
मरहम मत लगाओ ज़िन्दगी आबाद करने वाले।

Mere har sher se pahle irshad karne wale,
Ab aa bhi jaao humen barbaad karne wale,
Main mashhoor hoon aaj to tere dard ke karan,
Marham mat lagao zindagi aabad karne wale.

©नीतिश तिवारी।





Monday, May 25, 2020

इफ्तारी में जाकर तुमने चाँद बदल लिया।


Eid shayari
Pic credit: Google.






बिछड़ गए तुमसे तो क्या, फिर भी हम तुम्हारे रहेंगे,
तमाशा देखने वालों की नज़र में सिर्फ एक नज़ारे रहेंगे,
किसी और की इफ्तारी में जाकर तुमने अपना चाँद बदल लिया,
ईद पर मिलना हमसे, तुम्हारे ही चाँद के बगल में एक सितारे रहेंगे।

Bichhad gaye tumse toh kya, phir bhi hum tumhare rahenge,
Tamasha dekhne walon ki nazar mein sirf ek nazare rahenge,
Kisi aur ki iftaari mein jakar tumne apna chand badal liya,
Eid par milna humse, tumhare hi chand ke bagal mein ek sitare rahenge.

©नीतिश तिवारी।

Friday, May 22, 2020

स्त्री के प्रेम का अस्तित्व।


स्त्री के प्रेम का अस्तित्व
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प्रेम की कविताओं
को पढ़ते वक्त तुम
ढूँढ लेते हो श्रृंगार रस 
के दोनों  प्रकार
संयोग श्रृंगार और 
वियोग श्रृंगार।

बस नहीं ढूँढ पाते तो 
उस प्रेम का अस्तित्व 
जो एक स्त्री तुमसे 
करती है निःस्वार्थ
ये जाने बिना कि उसे 
संयोग मिलेगा या वियोग।

©नीतिश तिवारी।


Thursday, May 21, 2020

आशिक़ मधुशाला से निकलकर।


City of romance paris
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तुम पेरिस, वेनिस
या फिर ज़्यूरिख
चले जाओ।

तुमने हमारे पवित्र
प्रेम पर जो
प्रतिघात किया है
उसकी प्रतिध्वनि
तुम्हें हर जगह
सुनाई देगी।

आशिक़ कभी कभी
मधुशाला से निकलकर
खूबसूरत शहरों में भी
विचरण करते हैं।

©नीतिश तिवारी।

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Monday, May 18, 2020

मजदूर- अपने घर से दूर, वापस लौटने पर क्यों हैं मजबूर?


मजदूर lockdown
Pic credit : google 







ये ऊपर जो तस्वीर आप देख रहे हैं ये यहाँ लगाने का मन तो नहीं था लेकिन यही आज का सच है।

Lockdown 4 की घोषणा हो चुकी है। कुछ दिन और यानी की 31 मई 2020 तक हमें और आपको अपने घरों के अंदर रहना पड़ेगा। हो सकता है कि 31 मई तक आप लूडो के चार गेम और जीत जाएँ। चार नए पकवान बनाना सीख जाएँ या फिर चार नए वेब सीरीज देखकर खत्म कर दें। 

कोरोना जैसी भयंकर महामारी से उत्पन्न हुई परिस्थिति में कुछ लोग घर बैठे बैठे ऊब जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हमारे मजदूर भाई बहन अपने घर पहुँचने की राह में ही मौत के मुँह में डूब जा रहे हैं। ये बहुत ही अकल्पनीय और हृदयविदारक परिस्थिति है जिसमें मौत कैसे आएगी उसमें भी गरीबी और अमीरी का भेदभाव है। 

इससे बड़ी विडम्बना क्या होगी कि अमीरों द्वारा हवाई जहाज़ में लायी गयी मौत, गरीबों के हिस्से रेल की पटरियों पर आई। उन्हीं रेल की पटरियों पर मजदूरों के खून से सनी हुई रोटियाँ हमारे निरंकुश सत्ता में बैठे हुए मठाधीशों को दिखाई नहीं देती। वोट बैंक की राजनीति  के अवसरवादी तराजू में लोगों को तौलने वाले मोतियाबिंद से पीड़ित नेताओं के चश्में पर सत्ता की ऐसी धूल जमी हुई है कि उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा।

अगर दिखाई दे रहा होता तो एक माँ, ट्रॉली बैग पर सोये हुए बच्चे को खींच कर नहीं ले जा रही होती।
लोकतांत्रिक व्यवस्था की अगर परवाह होती और मोतियाबिंद का चश्मा उतर गया होता तो एक पत्नी अपने पति के अंतिम संस्कार में गाँव जाने के लिए नहीं तड़प रही होती। एक आदमी अपने पूरे परिवार को बैलगाड़ी से खुद एक बैल बने हुए नहीं खींच रहा होता। 



सवाल तो पूछे जाएँगे और जवाब भी देने पड़ेंगे। उन सभी सत्ता के ठेकेदारों से जिनकी जिम्मेदारी थी कि इस संकट की घड़ी में मजदूरों को उनके खाने का इंतजाम किया जाय। अगर दो वक्त की रोटी का इंतज़ाम कर दिया गया होता तो शायद मजदूर अपने गाँव की ओर नहीं जाते। पर क्या करोगे साहब, मजदूर हैं इसलिए पैदल चलने पर मजबूर हैं, NRI होते तो हवाई जहाज़ से लाये जाते। 

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धन्यवाद!

©नीतिश तिवारी।


Sunday, May 17, 2020

तुम अपने प्रेम से मुझे मुक्त होने को कहते हो?



Love romantic poem
Pic credit: Google.











तुम अपने प्रेम से 
मुझे मुक्त होने को 
कहते हो?

तो कह दो उस
आसमाँ से कि
अपनी बारिश की
बूँदों को धरती से
वापस ले जाए।

तो कह दो समंदर
से मिलकर पूरी
हुई नदी से कि
वो अपनी धार को
समंदर से खींचकर
फिर से आधी हो जाए।

तुम अपने प्रेम से 
मुझे मुक्त होने को 
कहते हो?

तो कह दो राजा
के महल में जल
रहे दीये की लौ
को कि वो जलना
बंद कर दे
जिससे की ठंडी
रात में तालाब में
इनाम की चाह में
पड़ा ब्राम्हण ठिठुर
कर मर जाए।

अगर ये सब कहने की
तुम्हारी चेष्ठा नहीं है तो
बस एक बात सुन लो

दो आत्माओं के मिलन
से प्रेम परिपूर्ण होता है
एक दूसरे से मुक्त होने 
से आत्माएँ भटकती
रहती हैं
और इस जन्म में
मैं तुम पर भूत का
इल्ज़ाम नहीं आने
देना चाहता।

©नीतिश तिवारी।




Saturday, May 16, 2020

English Poem- Chance, dance and romance .


English poem- chance, dance and romance.



Pic credit: pinterest.





English Poem- Chance, dance and romance .

Someone told me to write a romance,
But I haven't approached a girl to dance.

I asked her to dance on music beats,
She suggested me to read John Keats.

Love was supposed to take more time,
As she was busy in developing her own regime. 

Somehow I managed to hold my heart,
Ever since she denied my sweet dessert.

I decided to wait for another chance,
And indulged myself to read some beautiful romance. 

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©Nitish Tiwary.


Wednesday, May 13, 2020

बचपन वाला दौर और अंतर्द्वंद्व।


हिंदी कविता







दौर तो बचपन वाला ही चल रहा है
बस हम जवान हुए बैठे हैं ।
घर के सुनहरे पलों को छोड़ कर
बाहरी किराएदार हुए बैठे हैं ।
कुछ महीने ज़्यादा पड़ने लगें 
जहाँ हम वर्षों गुज़ार बैठे हैं । 
किसी से मिलने की तलाश में 
हम अपनों को दरकिनार कर बैठे हैं । 
बेचैनी , कौतूहल , अंतर्द्वंद्व जो कल भी थी 
उसे अभी तक अंदर जगाये बैठे हैं ।
पांच इंच में दुनिया को समेटने की तुच्छ कोशिश कर 
झूठे व्यपार में अपने को लगाए बैठे हैं ।

©शांडिल्य मनीष तिवारी।

Tuesday, May 12, 2020

प्रेमिका की एक झलक पाने को।


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प्रेमिका की एक झलक 
के लिए हर प्रेमी मुख्य 
सड़क से नहीं बल्कि 
उसकी गली से
गुजरना चाहता है । 
इस बात से बिल्कुल
अनभिज्ञ कि वो गली 
आगे से बंद है जो 
सड़क से कभी नहीं मिलती।

Premika ki ek jhalak
ke liye har premi mukhay
Sadak se nahi balki
Uski gali se
guzarna chahta hai.
Iss baat se bilkul 
Anabhigy ki wo gali
Aage se band hai jo
Sadak se kabhi nahin milti.

©नीतिश तिवारी।



Sunday, May 10, 2020

प्रेम में भाव विभोर होना।

Pic credit: Google.







प्रेम में भाव विभोर
होना कोई कुदरती
करिश्मा नहीं अपितु
इन्सानी शातिर मस्तिष्क
का नतीजा है।

Prem mein bhaw vibhor
Hona koi kudrati
Karishma nahi apitu
Insani shatir mastishk
Ka nateeja hai.

©नीतिश तिवारी।

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Thursday, May 7, 2020

तो क्या कलयुग में विष्णु के अवतार तेज प्रताप यादव ही हैं!


Tej pratap yadav rjd
Photo credit: Google.








तो क्या कलयुग में विष्णु के अवतार तेज प्रताप यादव ही हैं!

दोस्तों, आज हम बात करेंगे बिहार को आदिकाल में ले जानेवाले महापुरुष लालू यादव के त्रिकालदर्शी सुपुत्र श्री तेज प्रताप यादव की। ऐश्वर्या राय से विवाह के उपरांत इनके व्यक्तित्व का विकास ऐसे हुआ कि इन्हें भोले भंडारी और कृष्ण मुरारी के नाम से भी जाना जाने लगा।

इनके महापौरुष का प्रभाव ऐसा है कि ये खुलेआम दिनदहाड़े प्रधानमंत्री मोदी का खाल उधेड़ने की घोषणा कर देते हैं। मोदी को तो छोड़िए, ये अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प को भी चुनौती दे चुके हैं। ट्रम्प के भारत दौरे पर इन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रम्प इतने गोरे हैं कि खेत में नहीं जा सकते। जबकि मैं साँवला हूँ और दिन भर खेत में काम कर सकता हूँ। हमारे पिताजी को तो चारा संग्रह करने का अनुभव भी है। इस नाते हम खानदानी किसान हुए। ट्रम्प को चुनौती देते हुए वो आगे लिखते हैं कि ट्रम्प साहब बूढ़े हो गए फिर भी मेहरारू को अपने साथ रखते हैं। जबकि हमने तो जवानी में ही मेहरारू का त्याग कर दिया। 

लोगों में तो ये भी चर्चा है कि तेज प्रताप यादव नई नई शादी के बाद कृष्ण कन्हैया बनकर रासलीला को तैयार थे। लेकिन इनकी धर्मपत्नी ऐशवर्या ना तो राधा बनने को राज़ी थीं और ना ही गोपियों के संग रासलीला की इजाज़त दे रही थीं । ऊपर से मदिरा सेवन को भी आतुर थीं। इसी बात पर इन दोनों का झगड़ा हो गया जो आगे चलकर वैवाहिक संबंध विच्छेद का विकराल रूप धारण कर लिया।

एक बार अपने अवतरण दिवस के कार्यक्रम में खाने के प्लेट कम हो जाने पर इन्होंने अपने क्रोध की अग्नि से प्लेट लाने वाले बालक को ही भस्म कर दिया था। खैनी की चुनौटी और गांजे का चिलम रखने के लिए तेजू भईया ने विशेष रूप से तैयार करवाया हुआ थैला थाईलैंड से मंगवाया है । इस थैले को ये सदैव अपने समीप ही रखते हैं जिससे कि आपातकाल की स्थिति में भी चिलम से एक कश लिया जा सके।



तेजू भईया का तो इतना तक कहना है कि अगर अभी वे देश के या बिहार के स्वास्थ्य मंत्री होते तो कोरोना को  भैंसिया के चारा के गमक से ही मारकर भगा देते। 
अफीम की खेती के जैसे अपराध को सींचने वाले लालू प्रसाद यादव के सुपुत्र श्रीमान तेज प्रताप यादव, आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर काफी उत्साहित और आशान्वित हैं।

©नीतिश तिवारी।
This is total satire . Don't put me in jail.
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Saturday, May 2, 2020

नज़र बदलो नज़रिया बदलो।








जमाना कह रहा है तुम बिगड़े बहुत हो,
हमने कहा हम सुधरे बहुत हैं।
जब पड़ रहे थे गम के थपेड़े,
तब तुम्हें हमारा खयाल नहीं था,
अब सब कुछ शांत है तो आये हो,
कहने हमें कि हम बिगड़े बहुत हैं।
नज़र बदलो, नज़रिया बदलो,
समय का पहिया घूम रहा,
गलत बात तुम तक पहुंचा रहा,
तुम भी अपना खबरिया बदलो।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, April 30, 2020

तुझसे मिलकर मैं खराब हो गया।


Shayari
Pic credit: instagram.







तुम अजनबी थे
तो मैं अच्छा था
जब से जाना तुझे
मैं खराब हो गया

होश में लाने को
लोग मुझ पर
पानी डालते हैं
और फिर से
मैं बेहोश हो
जाता हूँ

लगता है तुम्हारे
हुस्न के जादू से
पानी भी शराब 
हो गया
तुझसे मिलकर मैं
खराब हो गया

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, April 28, 2020

English poem- Pride and prejudice.

                     Picture credit: pinterest.





Between my heart
And your mind
Our love failed to survive.
Just like rock of the ice
I loved you daily twice
And you didn't bother 
To be nice .
Numbers were spinning 
On the dice .
Love for me was pride 
For you it was prejudice.

©Nitish Tiwary. 
Fb: poetnitish
Twitter: nitishpoet

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