Saturday, October 3, 2020

गाँव की लड़कियों में भी अजीब चलन का दौर है।

Pic credit: pinterest.




सुनहरी यादें दिल में बसर कर जाती हैं,
महबूब शायराना हो तो शायरी असर कर जाती है,
गाँव की लड़कियों में अजीब चलन का दौर है,
पानी भरने भी वो खूब  सँवर कर जाती हैं।

Sunahari yaden dil mein basar kar jaati hain,
Mehboob shayarana ho toh shayari asar kar jaati hai,
Gaon ki ladkiyon mein bhi ajeeb chalan ka daur hai,
Paani bharne bhi wo khoob sanwar kar jaati hai.

©नीतिश तिवारी।



 

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (04-10-2020) को     "एहसास के गुँचे"  (चर्चा अंक - 3844)    पर भी होगी। 
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  
    --

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    Replies
    1. मेरी रचना को स्थान देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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