Friday, September 18, 2020

वक़्त का हिसाब देखो।

 




सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो,
नींद में भी खिलता गुलाब देखो,
मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या,
वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो।

So jao aur tum khwab dekho,
Neend mein bhi khilta gulab dekho,
Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya,
Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho.

©नीतिश तिवारी।

इंस्टाग्राम पर फॉलो करिये।
@poetnitish


4 comments:

  1. वक्त बदलने का ही इन्तजार है

    ReplyDelete
    Replies
    1. जी, बिल्कुल सही कहा आपने।

      Delete
  2. बहुत सुन्दर।
    अच्छा समय बस आने ही वाला है।

    ReplyDelete

पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएँ और शेयर करें।