Tuesday, December 8, 2020

दिल नादान, परेशान हो जाए तो क्या?

 





मुझे नहीं मिलता सुकून,
कहाँ गया वो जुनून,
हर चीज को पाने
की ज़िद।
ना कुछ भी खोने 
का डर।

दिल नादान, परेशान
हो जाये तो क्या,
सामने वाला हैरान
हो जाये तो क्या,

अपनी धुन में जो
मगन रहा,
उसी का मस्त 
जीवन रहा।

©नीतिश तिवारी।


4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (09-12-2020) को "पेड़ जड़ से हिला दिया तुमने"  (चर्चा अंक- 3910)   पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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    Replies
    1. मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

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