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Showing posts from April, 2020

तुझसे मिलकर मैं खराब हो गया।

Pic credit: instagram. तुम अजनबी थे तो मैं अच्छा था जब से जाना तुझे मैं खराब हो गया होश में लाने को लोग मुझ पर पानी डालते हैं और फिर से मैं बेहोश हो जाता हूँ लगता है तुम्हारे हुस्न के जादू से पानी भी शराब  हो गया तुझसे मिलकर मैं खराब हो गया ©नीतिश तिवारी।

English poem- Pride and prejudice.

                     Picture credit: pinterest. Between my heart And your mind Our love failed to survive. Just like rock of the ice I loved you daily twice And you didn't bother  To be nice . Numbers were spinning  On the dice . Love for me was pride  For you it was prejudice. ©Nitish Tiwary.  Fb: poetnitish Twitter: nitishpoet Watch this too.

तुम्हारी याद आती है।

Pic credit: Pinterest. गाँव में रहूँ तो शहर की याद आती है शहर में रहूँ  तो गाँव की याद सताती है इन दो यादों के बीच मैं तुम्हें फोन कर लेता हूँ और मेरी शाम यूँ ही गुजर जाती है Gaon mein rahu Toh shahar ki Yaad aati hai Shahar mein rahu  Toh gaon ki Yaad satati hai Inn do yadon ke beech Main tumhen phone kar leta hu Aur meri shaam yu hi  Gujar jaati hai ©नीतिश तिवारी।

इश्क़ नहीं करता आज़माने को।

Pic credit: Pinterest. तुम मुझको कहते हो भूल जाने को, मेरा दिल नहीं करता तुम्हें रुलाने को। आशिक़ों की फौज़ तो तुमने कई देखे होंगे, मैं इश्क़ नहीं करता सिर्फ़ आजमाने को, जवानी में मोहब्बत को कैसे नाक़ाम होने दूँ, बचपन से ही बेचैन था दिल लगाने को। ख़त लिखने की जरूरत तुम्हें नहीं पड़ेगी, मैं फोन दिलवा दूँगा तुम्हें बतियाने को, ज्यादा मत सोचों अब बस हाँ कर दो, नहीं तो चला जाऊँगा मैं मयख़ाने को। Tum mujhko kahte ho bhool jane ko, Mera dil nahin karta tumhen rulane ko, Ashiqon ki fauz toh tumne kai dekhe honge, Main ishq nahi karta sirf aazmane ko, Jawani mein mohabbat ko kaise naqaam hone du, Bachpan se hi bechain tha dil lagane ko, Khat likhne ki jarurat tumhe nahi padegi, Main phone dilwaa dunga tumhe batiyane ko, Jyada mat socho ab bas haan kar do, Nahi to chala jaunga main maikhane ko. ©नीतिश तिवारी।

Civil service day 21st April and Corona warriors .

Pic credit : Pinterest. Civil service day 21st April and Corona warriors . आज सिविल सर्विस डे यानी की लोक सेवा दिवस है। भारत सरकार प्रतिवर्ष इसी दिन लोकसेवा दिवस के रूप में मनाती है जिसमें भारतीय सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाता है। आज कोरोना महामारी के समय में सभी चिकित्सकों, नर्सों, स्वास्थ्य अधिकारियों, सफाईकर्मी और पुलिस प्रशासन को सम्मानित करने की आवश्यकता है।  कुछ पंक्तियाँ हमारे कोरोना वारियर्स के नाम प्रेषित करता हूँ। संकट की इस घड़ी में हम साथ रहेंगे, कर्तव्य निभाने से हम कभी ना डरेंगे, जनता का सहयोग भी मिलेगा भरपूर, हम सब मिलकर कोरोना से लड़ेंगे। एक बार जो जीत गए तो फिर सम्मान होगा, कोरोना वारियर्स के रूप में आपका नाम होगा, चुनौतियों का हम डंटकर मुकाबला करेंगे, जल्द ही कोरोना मुक्त ये हिन्दुस्तान होगा। सभी कोरोना वारियर्स को सलाम। ©नीतिश तिवारी।

साथ मिले तो बेहतर होगा।

Pic credit: pinterest. साथ मिले तो बेहतर होगा, ना भी मिले तो ग़म नहीं। दुनिया मुझको भूल चुकी है, हम ही रहे अब हम नहीं। Saath mile toh behtar hoga, Na bhi mile toh gham nahin. Duniya mujhko bhool chuki hai, Hum hi rahe ab hum nahi. ©नीतिश तिवारी।

कविताएँ लिखता हूँ।

Pic credit : Pinterest. भूख लगती है, भोजन करता हूँ, शरीर स्वस्थ रहता है। मन विचलित होता है, तो कविताएँ लिखता हूँ, आत्मा तृप्त होती है। Bhookh lagti hai, Bhojan karta hoon, Shareer swasth rahta hai, Man vichleet hota hai, Toh kavitayen likhta hoon, Aatma tript hoti hai. ©नीतिश तिवारी।

मैं प्रेम लिखता हूँ।

मैं प्रेम लिखता हूँ, प्रेम में मिला  दर्द लिखता हूँ। लोगों को प्रेम और दर्द एक साथ पसंद नहीं आते फिर मैं रात वो सर्द लिखता हूँ। Main prem likhta hu Prem mein mila Dard likhta hu. Logon ko prem Aur dard ek saath Pasand nahin aate Phir main raat wo Sard likhta hu. ©नीतिश तिवारी।  

शहद को शराब कर दिया।

Pic credit: Pinterest. मोहब्बत ऐसी की शहद को शराब कर दिया, बचपन में तो अच्छे थे, जवानी ने खराब कर दिया, तुम बार बार मुझसे इश्क़ करने को कहते हो, एक ही लड़की ने बुढ़ापे तक का हिसाब कर दिया। Mohabbat aisi ki shahad ko sharaab kar diya, Bachpan mein to achhe the, jawani ne kharaab kar diya, Tum baar baar mujhse ishq karne ko kahte ho, Ek hi ladki ne budhape tak ka hisaab kar diya. Read Also :  My letter for Mr. Shah Rukh Khan. ©नीतिश तिवारी।

हिन्दी कविता- कर्म।

Pic credit: pinterest. #कर्म  भगवान इंसानों में ही बसते हैं  राम कृष्ण सब कर्म से बनते हैं  जो कर्मों को अपने अंदर जगा  लेते हैं  वही भगवान बनते हैं जिनकी  कर्मो की कथाएँ प्रचलित हैं उनकी ही तो  मंदिरों में प्रतिमायें स्थापित हैं उपासना उन्हीं की होती है जिनके कर्म समर्पित होते हैं  धर्म निर्माण भी तो कर्म से ही होते हैं  सुख का आसन या दुःख का पाषाण भी तो कर्म से ही टूटते हैं  जो कर्म युद्ध में जीतते हैं वही तो महारथी उभरते हैं  कर्म ही पूजे जाते हैं  देह तो नश्वर होते हैं  कर्म ही तो हमें अमर बनाते हैं भगवान इंसानो में ही बस्ते हैं  इंसान कर्म से ही भगवान बनते हैं   ©शांडिल्य मनीष तिवारी।

मोहब्बत का कोई इनाम तक ना मिला।

Photo credit : Google. करवटें लेता रहा तमाम रात, नींद का पैगाम तक ना मिला, शराब पीने की हमने सोंची एक बार, मगर जाम तक ना मिला। लैला-मजनूँ , हीर राँझा की तो मिसालें हुआ करती हैं, और एक हमारी मोहब्बत का कोई इनाम तक ना मिला। Karwaten leta raha tamaam raat, neend ka paigaam tak naa mila, Sharab peene ki humne sonchi ek baar, magar jaam tak na mila, Laila mahino heer ranjha ki to misalen hua karti hain, Aur ek humari mohbbat ka koi inaam tak na mila. ©नीतिश तिवारी।

तुम अपनी निगाओं से।

Pic credit: Twitter. मोहब्बत में तुझ बिन ना गुज़ारा करेंगे, भले चाहे लोग हमें आवारा कहेंगे। तुम अपनी निगाहों से यूँ देख लेना, हम नज़रें झुका कर इशारा करेंगे। Mohbbat mein tujh bin na guzara karenge, Bhale chahe log humein awara kahenge, Tum apni nigahon se yu dekh  lena, Hum nazren jhuka kar ishara karenge. ©नीतिश तिवारी।

एक शायरी पिता के लिए।

Pic credit : pinterest रोटी के जद्दोजहद में वो कितना मशगूल था, अपने ईमान से समझौता उसे ना क़बूल था, खुद भूखे रहकर बच्चों का पेट जो भरे, यही उस बाप के जीवन का उसूल था। Roti ke zaddojahad mein wo kitna mashgool tha, Apne imaan se samjhauta use naa qabool tha, Khud bhookhe rahkar bachchon ka pet jo bhare, Yahi uss baap ke jeewan ka usool tha. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए।

दर्द में भी मुस्कुराते रहे।

Pic credit : Twitter. रूठे तुमसे मगर हम मुस्कुराते रहे, ज़ख्म पर अपने मरहम लगाते रहे, दर्द में भी कैसे जीना चाहिए, ये बात लोगों को हम समझाते रहे। Roothe tumse magar hum muskurate rahe, Zakhm par apne marham lagaate rahe, Dard mein bhi kaise jeena chahiye, Ye baat logon ko hum samjhate rahe. ©नीतिश तिवारी।

जब Lock Down खत्म होगा...

Pic credit : Google. जब Lock down खत्म होगा, नदिया के पार, बगिया में, अपनी मनमोहक मुस्कान, लिए आ जाना। मैं पहले से तुम्हारे लिए, चिड़िया को मनाकर, तैयार रखूँगा, गाने को प्रेम गीत। ©नीतिश तिवारी।

शायरी जो हर आशिक़ कहना चाहे।

Pic credit : twitter. जंगल में सब कुछ हरा है, तेरी मोहब्बत ना जाने क्यों सूख गयी उधर तुमने इश्क़ में उपवास रखा, इधर मेरी भी भूख गयी। Jungle mein sab kuch hara hai, teri mohabbat na jane kyun sookh gayi, Udhar tumne ishq mein upwas rakha, Idhar meri bhi bhookh gayi. साज़िश जमाने ने किया तो सजा भी मुक़र्रर हुई, इश्क़ में इतने ज़ुल्म सहने का मुझे तज़ुर्बा ना था। Sazish jamane ne kiya to saja bhi mukarrar huyi, Ishq mein itne zulm sahne ka mujhe tazurba na tha. ©नीतिश तिवारी।

बस ख़्वाब में रह जाता है।

Pic credit : Twitter. कुछ दिल में रह जाता है, कुछ दिमाग में रह जाता है, जो दोनों जगह नहीं रहता, बस ख़्वाब में रह जाता है। Kuch dil mein rah jata hai, Kuch dimaag mein rah jata hai, Jo dono jagah nahi rahta, Bas khwab mein rah jata hai. किसकी बातें करते हो, किसका इंतज़ार है तुझे, छोड़कर तो चले गए थे, अब कहते हो प्यार है मुझे। Kiski baaten karte ho, Kiska intzaar hai tujhe, Chhodakar to chale gaye the, Ab kahte ho pyar hai mujhe. ©नीतिश तिवारी। ये भी देख सकते हैं।

रूप असरदार है तेरा।

Pic credit : Twitter. लुभावना किरदार है तेरा, रूप असरदार है तेरा, आकर मेरी कहानी बन जा, यार दिलदार है तेरा। Lubhawna kirdaar hai tera, Roop asardaar hai tera, Aakar meri kahani ban jaa, Yaar dildaar hai tera. ©नीतिश तिवारी। ये भी देख सकते हैं।

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