Wednesday, April 22, 2020

इश्क़ नहीं करता आज़माने को।













Pic credit: Pinterest.
















तुम मुझको कहते हो भूल जाने को,
मेरा दिल नहीं करता तुम्हें रुलाने को।

आशिक़ों की फौज़ तो तुमने कई देखे होंगे,
मैं इश्क़ नहीं करता सिर्फ़ आजमाने को,

जवानी में मोहब्बत को कैसे नाक़ाम होने दूँ,
बचपन से ही बेचैन था दिल लगाने को।

ख़त लिखने की जरूरत तुम्हें नहीं पड़ेगी,
मैं फोन दिलवा दूँगा तुम्हें बतियाने को,

ज्यादा मत सोचों अब बस हाँ कर दो,
नहीं तो चला जाऊँगा मैं मयख़ाने को।

Tum mujhko kahte ho bhool jane ko,
Mera dil nahin karta tumhen rulane ko,

Ashiqon ki fauz toh tumne kai dekhe honge,
Main ishq nahi karta sirf aazmane ko,

Jawani mein mohabbat ko kaise naqaam hone du,
Bachpan se hi bechain tha dil lagane ko,

Khat likhne ki jarurat tumhe nahi padegi,
Main phone dilwaa dunga tumhe batiyane ko,

Jyada mat socho ab bas haan kar do,
Nahi to chala jaunga main maikhane ko.

©नीतिश तिवारी।

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