Tuesday, April 28, 2020

English poem- Pride and prejudice.

                     Picture credit: pinterest.





Between my heart
And your mind
Our love failed to survive.
Just like rock of the ice
I loved you daily twice
And you didn't bother 
To be nice .
Numbers were spinning 
On the dice .
Love for me was pride 
For you it was prejudice.

©Nitish Tiwary. 
Fb: poetnitish
Twitter: nitishpoet

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4 comments:

  1. सच प्यार के मायने सबके लिए अलग होते हैं कोई उस पर गर्व करता है कोई पूर्वाग्रह से ग्रसित होता है
    बहुत सुन्दर

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (29-04-2020) को   "रोटियों से बस्तियाँ आबाद हैं"  (चर्चा अंक-3686)     पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    कोरोना को घर में लॉकडाउन होकर ही हराया जा सकता है इसलिए आप सब लोग अपने और अपनों के लिए घर में ही रहें। आशा की जाती है कि अगले सप्ताह से कोरोना मुक्त जिलों में लॉकडाउन खत्म हो सकता है।  
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 

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    Replies
    1. रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

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