Sunday, 26 May 2019

कविता- मोदी नए भारत की गाथा लिखेंगे।





















अब भर दिया हुंकार है,
ये जीत नहीं ललकार है,
कोई नहीं है टक्कर में,
विपक्ष पर करारा प्रहार है।

लोकतंत्र की जीत हुई है,
नए भारत का निर्माण होगा,
राष्ट्रवाद अब विजय हुआ है,
जनता के भरोसे का सम्मान होगा।

जन कल्याण की योजनाओं से,
पूरा बहुमत फिर से आया है,
बढ़ चढ़कर मतदान किया है,
तभी तो मोदी फिर से आया है।

राष्ट्र को सर्वप्रथम रखकर,
विकास की नई परिभाषा लिखेंगे,
जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप,
मोदी नए भारत की गाथा लिखेंगे।

©नीतिश तिवारी।


Thursday, 23 May 2019

Narendra Modi registered historic victory in Lok Sabha election 2019.

























आखिरकार वो पल आ ही गया जिसका सबको इंतज़ार था। चुनावी नतीजे घोषित हो चुके हैं। मोदी जी पुनः एक बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनको जीत की बधाई। सबका साथ और सबका विकास के नारे पर चलते हुए मोदी जी ने 2014 के 'मोदी लहर' को 'मोदी सुनामी' में तब्दील कर दिया है। 

इस बात से आज किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए कि मोदी जी एक ब्रांड बन चुके हैं और हर भारतीय को गर्व होना चाहिए कि हम ऐसे युग में हैं जहाँ पर नरेंद्र मोदी जैसे यशश्वी नेता हमारे प्रधानमंत्री हैं। भारत में 21वीं सदी के जननेता नरेंद्र मोदी जी बन चुके हैं। जिस तरह से सभी विपक्षी दल झूठी एकता का प्रदर्शन करने पर अमादा थे, नरेंद्र मोदी की इस जीत से देश ने एक ही झटके मे 20 प्रधानमंत्री खो दिए।
UP में महागठबंधन की हालत का सीधा मतलब है कि जातिगत राजनीति वहाँ काम नहीं आयी।  मुझे लगता है कि जनता ने जाति से ऊपर उठकर भारत के नागरिक के रूप में वोट दिया है। अमित शाह का बूथ मैनेजमेंट और नए युवा नेताओं को मौका देना भी एक बड़ा कारण रहा।

भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं और देश के नागरिकों को बधाई। उम्मीद है कि नई सरकार जनभावनाओं का खयाल रखते हुए जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और दुनिया में देश का नाम रौशन करेगी।

भारत माता की जय।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 20 May 2019

मैं मौजूद रहूँगा।













Pic credit : Pinterest.











मैं तेरे शहर में,
दिन के आठों पहर में,
ग़ज़ल की बहर में,
मौजूद रहूँगा।

तुम प्यार मुझसे जरूर करना,
सीप से मोती जरूर चुनना,
ख़्वाबों में सिर्फ मुझे देखना,
मैं उन ख़्वाबों में,
मौजूद रहूँगा।

ये भी पढ़िए: काश तुम।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 16 May 2019

फर्क नहीं पड़ता।













Image courtesy: pinterest.








मुझे फर्क नहीं पड़ता
कि तुम मुझे मुस्कुरा
कर देखती हो
या देखकर मुस्कुराती हो
मुझे तो बस तुम्हारे
होठों पर हँसी 
देखनी है।

मुझे फर्क नहीं पड़ता
कि तुम मुझे प्यार
करती हो या नहीं
मुझे तो बस तुम्हारे
साथ रहने से 
सुकून मिलता है।

मुझे फर्क नहीं पड़ता
कि लोग मुझे 
एक तरफा प्यार 
में पागल आशिक़
कहते हैं
बस एक भरोसा
है कि एक दिन
ये प्यार दोनों
तरफ से होगा।

इसे भी पढ़िए: अधूरा इश्क़, पूरी मोहब्बत और तुम।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 13 May 2019

बचपन की बातें।









Pic credit : Pinterest.




रेत पर महल बनाए,
कागज़ के नाव चलाए,
बचपन की बाते थीं जनाब,
काश वो दिन फिर लौट आए।

Ret par mahal banaye,
Kagaz ke naam chalaye,
Bachpan ki wo baaten thi janab,
Kaash wo din fir laut aaye.

ये भी पढ़िए : शाहरुख खान के लिए मेरा पत्र।

©नीतिश तिवारी।






Thursday, 9 May 2019

फैसला गलत हो गया।














Pic credit : Pinterest.







मोहब्बत पाने को हमने खूब तरतीब किया,
बस यही एक फैसला हमारा गलत हो गया।

Mohabbat pane ko humne khoob tarteeb kiya,
Bas yahi ek faisla humara galat ho gaya.

गुनाहों की सज़ा दे पर थोड़ा कद्र-ए-मोहब्बत भी कर,
धड़कनों को जिस्म से अलग करके  ज़िंदा कैसे रहेगा।

Gunahon ki saza de par thoda kadr-e-mohabbat bhi kar,
Dhadkano ko jism se alag karke zinda kaise rahega.

तरतीब- Arrangement.

©नीतिश तिवारी।

शायरी अच्छी लगी हो तो कृपया  Facebook  पेज को लाइक जरूर कीजिए।




Tuesday, 7 May 2019

अधूरा इश्क़, पूरी मोहब्बत और तुम।













Pic credit : Google.








मैं तन्हा
नहीं हूँ
तुम्हारा 
अधूरा
इश्क़ मेरे 
साथ है।

तुम्हारी कही
हर बात है।
बिछड़ने का
गम हो या
मिलने की 
आस हो।

अधूरा इश्क़
को पूरी
मोहब्बत का
इंतज़ार है।

©नीतिश तिवारी।

Monday, 6 May 2019

लघुकथा--बेटी का बाप।










Image courtesy: pinterest.









लघुकथा--बेटी का बाप।

गुप्ता जी ने जैसी ही पंडाल में अपने बेटे को कई लोगों के साथ बहस करते देखा तो दौड़कर पंडाल की तरफ भागे। 
"क्या हुआ बेटा सोनू, शोर क्यों मचा रहा है?" गुप्ता जी ने बड़े हैरानी से अपने बेटे से पूछा।
"देखिये ना पिताजी, मुझे कोल्ड ड्रिंक पीना है और ये लड़की वाले कह रहे हैं कि कोल्ड ड्रिंक खत्म हो गया।"
सोनू ने गुस्से भरे स्वर में जवाब दिया।
गुप्ता जी अपने बेटे को समझा ही रहे थे कि इतने में बेटी का बाप आ पहुँचा और हाथ जोड़कर बोला।
"माफ करना बेटा, कोल्ड ड्रिंक खत्म हो गयी है, लेने के लिए भेजा है। अभी थोड़ी देर में आ जायेगी।"
गुप्ता जी से रहा नहीं गया। उन्होंने तुरंत उनका हाथ पकड़कर बोला। "रहने दीजिए समधी जी। शादी में कम ज्यादा होता रहता है। आपको कोल्ड ड्रिंक मंगाने की कोई जरूरत नहीं है। मैंने भी पिछले वर्ष अपनी बिटिया की शादी की थी। मैं समझ सकता हूँ। मैं भी एक बेटी का बाप हूँ।"
अग्रवाल जी अपने आँसू नहीं रोक पा रहे थे। सोनू शर्मिदा होकर वहाँ से चला गया।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 1 May 2019

NDTV के क्रांतिकारी पत्रकार Ravish Kumar ने अपने एक Fan को थप्पड़ मारा!














हाँ जी, बिल्कुल सही पढ़ा आपने। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में क्रांतिकारी पत्रकारिता करने वाले एक ही पत्रकार हैं और उनका नाम है रविश कुमार।  वही रविश कुमार जो कभी स्क्रीन काली कर लेते हैं तो कभी सिर्फ ऐसे लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं जो सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगलते हैं। खैर, ये उनका काम है और वो करते रहेंगे।

लेकिन एक बात मानना पड़ेगा कि भाई साहब रिपोर्टिंग बड़ी धाँसू करते हैं। मतलब मैं तो इनका फैन ही हो गया हूँ। एक किताब भी इनकी पढ़ी थी- इश्क़ में शहर होना। काबिल-ऐ-तारीफ लिखा है इन्होंने। समय मिले तो जरूर पढ़िए। 

अब जबकि हम रविश कुमार के फैन हो ही चुके थे तो पिछले दिनों चले गए इनसे मिलने। NDTV के ऑफिस पहुंचे तो पता चला कि साहब बेगूसराय गए हैं कन्हैया के प्रचार की कवरेज और इंटरव्यू के लिए। फिर क्या था, हमने भी बैग पैक किया और अगले ही दिन बेगूसराय के लिए निकल पड़े। सोंचा, इसी बहाने कन्हैया के चुनावी जमीन के बारे में भी पता चल जाएगा।

कई घंटों के लंबे सफर के बेगूसराय पहुँचा। सीधे रविश कुमार के होटल पहुँचा। मिलने के लिए हमने दिल्ली से ही appointment ले लिया था इसलिए कोई दिक्कत नहीं हुई। होटल के कमरे का दरवाजा रविश कुमार के कैमरामैन ने खोला। 

"रविश जी, नमस्कार । मैं नीतिश, दिल्ली से आया हूँ आपसे मिलने।"
"आइये नीतिश जी, बैठिए।"
रविश कुमार ने हल्के मुस्कान के साथ मेरा स्वागत किया। शायद उन्होंने मेरा ट्विटर bio पढ़ लिया था कि मैं मोदी भक्त हूँ।
खैर, चाय नाश्ते के बाद रविश जी से असली बातचीत शुरू हुई।

मैंने कहा, "सर मैं आपका बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और इसलिए इस चुनावी सरगर्मी के बीच आपसे मिलने यहाँ तक चला आया हूँ।"
"जी, धन्यवाद।" रविश जी ने आभार व्यक्त किया।
"रविश जी, मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूँ। कई दिनों से आपके बारे में जानने की जिज्ञासा है।"
"तो आप एक पत्रकार का इंटरव्यू लेने आये हैं?"
रविश कुमार ने हैरानी भरे हाव भाव के साथ पूछा।
"पत्रकार नहीं सर, आप तो क्रांतिकारी पत्रकार हैं और ये इंटरव्यू नहीं है बल्कि ये तो वो साक्षात परम ज्ञान है जो आज आपसे मुझे मिलने वाला है।"
"ठीक है, पूछिए।"
मैंने कहा,"सबसे पहले तो मैं ये जानना चाहता हूँ कि जो कन्हैया कुमार 'पूंजीवाद से आजादी' के नारे लगाता था । उसी का आज के अखबार के पहले पन्ने पर चुनावी ad है। इसके बारे में क्या कहेंगे?"
"देखिए, ऐसा है कि चुनाव में कैंडिडेट खड़ा हुआ है तो प्रचार तो करेगा ना। जहाँ तक पैसे की बात है तो जनता ने सहयोग किया है। एक गरीब छात्र नेता है। मोदी जी की तरह अंबानी और अडानी से पैसे नहीं मिला है ना।"
"ठीक है, चलिए मान लिया आपकी बात। अच्छा ये बताइये कि अभी जो मोदी जी और अक्षय कुमार का अपोलिटिकल इंटरव्यू था, उस पर भी आपको दिक्कत है। आपने ब्लैक स्क्रीन करके अपोलिटिकल प्राइम टाइम चला दिया?"
"अब क्या करें, किसी को तो जवाब देना पड़ेगा। आखिर इस तरह के इंटरव्यू का मकसद क्या था? किसने इसे फंड किया?"
"मतलब आप मानते हैं कि मोदी जी की कोई भी बात हो, चाहे उनका शूट हो, चौकीदार वाली बात हो या विदेशी दौरा। सबका विरोध करना आपका जन्मसिद्ध अधिकार है?"
"हाँ कुछ ऐसा ही समझ लीजिए। भाई trp भी तो चाहिए।"
"रविश जी, आप अपने फेसबुक पोस्ट पर कमेंट्स पढ़ते हैं, कितना विरोध होता है आपकी बातों का?"
"हाँ, पढ़ता हूँ और मैं ये दावे के साथ कह सकता हूँ कि सब भाजपा के IT सेल वाले लोग ही अनाप शनाप लिखते हैं।"
"रविश जी, मैंने आपका कई दिनों के प्राइम टाइम का विश्लेषण किया है। बहुत बढ़िया कवरेज किया था आपने। चाहे वो SSC का कवरेज हो, युवाओं में बेरोजगारी की बात हो, पर्यावरण की बात हो या फिर रेलवे के परीक्षा सेंटर दूर दिए जाने की। लेकिन हर कवरेज के आखिर में आप मोदीजी पर दोष देकर सब गुड गोबर कर देते हैं। आपका क्या कहना है?"
"मेरा बस यही कहना है कि सरकार से ही तो सवाल पूछा जाएगा।"
"लेकिन सरकार तो पहले भी थी। आपकी क्रांतिकारी पत्रकारिता पहले नज़र नहीं आती थी।"
" भाई साहब, पहले की सरकारों के खिलाफ बोलने पर trp नहीं मिलता था ना।" 
"मतलब आप सबकुछ trp के लिए ही करते हैं?"
"जी हाँ, उसी बात का तो पैसा मिलता है।"
"ठीक है रविश जी लेकिन एक बात समझ नहीं आयी। बजट के दौरान चर्चा करते वक़्त आपने कहा कि सरकार ने फलाने योजना में 5000 करोड़ आवंटित किए थे, जिसमे से सरकार केवल 4500 करोड़ ही खर्च कर पायी। ये कैसा तर्क है?"
"हाँ मतलब सही तो है। सरकार को पूरा पैसा खर्च करना चाहिए था।"
"चलिए रविश जी, अब जाने का वक़्त हुआ, लेकिन जाते जाते आखिरी सवाल। कौन जात हो?"

ये सवाल पूछना था कि रविश कुमार ने एक जोरदार तमाचा मेरे गाल पर जड़ दिया। तमाचे की झनझनाहट से मेरी नींद खुल चुकी थी। रात का ये भयानक सपना टूट चुका था। मैं सोचने लगा कि 3 महीने पहले रविश कुमार ने सही कहा था कि चुनाव तक न्यूज़ चैनल देखना बंद कर दीजिए।

©नीतिश तिवारी।

Facebook: poetnitish
Instagram: poetnitish
Youtube: nitishtiwary




Wednesday, 24 April 2019

Tumse pyar huaa hai.













Pic credit : Google.









इश्क़ की हजार बातें, मोहब्बत के लाखों फ़साने,
और तुम पर ये दिल करोड़ों बार हार गया है।
मुझको नींद नहीं आती, ना ख्वाब कोई दिखता,
ऐसा लगता है कि मुझे तुमसे प्यार हुआ है।

Ishq ki hazaar baaten, mohabbat ke lakhon fasane,
Aur tum par ye dil karodon baar haar gaya hai,
Mujhko neend nahin aati, naa khwab koi dikhta,
Aisa lagta hai ki mujhe tumse pyar hua hai.

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 16 April 2019

Rap Song: Ek Baat Bolta hoon.











चल तेरे को मैं एक बात बोलता हूँ,
इन दुनिया वालों की मैं जात बोलता हूँ,
जितना ही तू उठेगा उतना ही ये गिराएंगे,
आज सबके सामने इनकी ये औकात बोलता हूँ।

ना रुकना है ना झुकना है बस चलते रहना है,
नदी के पानी के साथ तुझे बहते रहना है,
मंज़िल तुझे दूर दिखे फिर भी ना घबराना है,
काला अक्षर भैंस बराबर अब नहीं कहलाना है।

दुनिया की फिक्र करेगा तो करता ही रह जाएगा,
पानी से डरेगा तो तैरना कैसे आएगा,
आँसूओं की घूँट को जूस बनाकर पी जा तू,
आँसूओं की ताकत तू तब समझ पाएगा।

चल तेरे को मैं एक बात बोलता हूँ,
आज अपनी ज़िंदगी के मैं राज़ खोलता हूँ,
चाहे कुछ भी बन जाये ज़मीन से जुड़े रहना,
ये लाख पते की बात है तुझे मैं फ्री में बोलता हूँ।

©नीतिश तिवारी।



Saturday, 13 April 2019

मुझे आज़ाद कर दो।
















Pic credit : Google.








जकड़ा हूँ तेरी यादों की जंजीरों से
आकर मुझे आज आज़ाद कर दो 
भटकता हूँ बंजारे की तरह
एक शहर से दूसरे शहर
सुलझा के मेरी पहेली खत्म ये फसाद कर दो
जकड़ा हूँ तेरी यादों की जंजीरों से 
आकर मुझे आज आजाद कर दो 

बढ़ ना पाया तेरी बातों से आगे
निकल ना पाया तेरी वादों से आगे
कोशिश जब भी कि मैंने खुद पर फ़तह पाने की
बड़ी मुश्किल कर जाते तेरे बांधे धागे
इन धागों को आ खुद तोड़, मेरा नया आगाज कर दो
जकड़ा हूँ तेरी यादों की जंजीरों से 
आकर मुझे आज आज़ाद कर दो 

शायद तुझे फिक्र नहीं है मेरी
पर पागल की तरह करता रहता हूँ
हर समय हर वक्त जिक्र तेरा
मुकम्मल गीत सी थी तुम 
मै था अधूरा सरगम तेरा
फिर से रख के दामन पे हाथ मेरे
पूरा तुम मेरा हर साज कर दो
जकड़ा हूँ तेरी यादों की जंजीरों से 
आकर मुझे आज आज़ाद कर दो 

मुस्कुराहट पर तेरी मरता था मैं
हो ना जाए तू मुझसे दूर 
इसी बात से डरता था मैं
अब ना वो तेरी मुस्कुराहट रही 
ना ही मेरा डर रहा
और ना ही मेरी मंजिल रही
और ना ही अब मेरा घर रहा
कुछ यादें हैं जिन्हें लिए फिर रहा हूँ मैं
जानता हूँ तुम बेरहम हो
उसी बेरहमी से खत्म उन यादों को आज कर दो
जकड़ा हूँ तेरी यादों की जंजीरों से 
आकर मुझे आज़ाद कर दो 

©राजकुमार रॉय।

Friday, 12 April 2019

Gazal: Heer Ranjha Aur Ishq.













Pic credit : Google.







खुद को मिटाते रहे उसके नाम के खातिर,
खुद को झुकाया हमने उसके एहतराम के खातिर।

सुना था इश्क़ में हीर राँझा हो जाते हैं,
हमने भी इश्क़ कर लिया इस इनाम के खातिर।

ना मासूमियत की कद्र थी ना रिश्तों की परवाह उसे,
पूरी डाली उसने काट दी एक पके आम के खातिर।

नामुमकिन को मुमकिन करने का उसे बड़ा शौक था,
मुझको भी बर्बाद किया अपने इस अंज़ाम के खातिर।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 10 April 2019

Tum yaad aati ho.














Pic credit : Google.









तुम याद आती हो।

भोर की पहली किरण के साथ
कड़ी धूप की तपन के साथ
बादल से भरे गगन के साथ
रातों में ठंढी पवन के साथ
तुम याद आती हो।

तन्हाई के वीरानों के साथ
महफ़िल के तरानों के साथ
मेरे अनकहे फ़सानो के साथ
हर खूबसूरत नज़रानो के साथ
तुम याद आती हो।

मेरी बचकानी नादानी के साथ
नए दौर की कहानी के साथ
उस रूठी हुई कहानी के साथ
अपनी वो मनमानी के साथ
तुम याद आती हो।

मेरी हर इबादत के साथ
अपनी हर शिकायत के साथ
तेरी मोहब्बत की दावत के साथ
छोटी छोटी शरारत के साथ
तुम याद आती हो।

©नीतिश तिवारी।


Friday, 5 April 2019

नज़राना मोहब्बत का।













Pic credit: Google.







तेरे उड़ते हुए खयालों का मैं एक परिंदा हूँ,
छत पर निकल कर देख, मैं अभी ज़िंदा हूँ।

कोई नज़राना तो पेश कर, मैं अब आ गया हूँ,
धड़कनें तो जरा सुन, मैं तुझमें समा गया हूँ।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 3 April 2019

‌बदलते मौसम में प्यार के रंग।












Image courtesy : Google.







‌बदलते मौसम में प्यार के रंग।

‌गर्मी आ गयी है, पर ये मौसम मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता । शायद इसलिए क्योंकि गर्मी की शुरूआत बसंत ऋतु के बाद होती है। बसंत में पेड़ से पुराने पत्ते अलग हो जाते हैं। लेकिन तुम मुझसे अलग होकर फिर मुझमे समाने का नाम नहीं लेती हो। मौसम की तरह खुद को तुमने भी बदल दिया है। कौन से रिवाज़ का चलन शुरू करना चाहती हो। इतना इंतज़ार तो धरती को सूरज भी नहीं करवाता। मेघ की बूंदे धरती पर एक दिन बरस ही जाती हैं। लेकिन तुम्हें तो आँसू का शौक है ना। तो इस शौक को पूरा कर लेना। लेकिन एक बात जान लो, इस बार आँसू मेरे आँखों से भी निकलेंगे। दोनों की मजबूरी यही रहेगी कि आँसू पोछने के लिए एक दूसरे के पास नहीं रहेंगे। पर इसका जिम्मेदार तुम सिर्फ मुझे मत ठहराना। पूछना अपने दिल से कभी कि ये दीवाना तुम्हें कितना प्यार करता है। हाँ, आज भी करता हूँ उतनी ही मोहब्बत। आज भी।

ये भी पढ़िए : एक खयाल- सिर्फ तुम।

©नीतीश तिवारी।

Monday, 1 April 2019

नरेंद्र मोदी दुबारा प्रधानमंत्री बनते हैं तो 2019 के बाद देश में चुनाव नहीं होंगे!






















देश में  चुनावी महौल चल रहा है और हर बार की तरह इस बार भी नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। कोई अपनी पुरानी विरासत बचाने के लिए जंग लड़ रहा है तो कोई अपनी सरकार के काम गिनाकर जनता से वोट माँग रहा है। और कुछ तो वही पुराना लॉलीपॉप  फिर से देने को कह रहे हैं।

पर इन सबके बीच सवाल ये है कि क्या ये देश में होने वाला आखिरी चुनाव है? क्या इसके बाद हिंदुस्तान में तानाशाही होगी? क्या लोकतंत्र का वजूद समाप्त हो जाएगा? क्या संविधान को बदल दिया जाएगा?

मुझे पूरा विश्वास है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में तानाशाही की कोई जगह नहीं है और होनी भी नहीं चाहिए। लेकिन हाल के दिनों में कुछ नेताओं द्वारा दिये गए बयान इस बहस को जन्म देते हैं।

नेताओं का कहना है कि नरेंद्र मोदी दुबारा प्रधानमंत्री बनेंगे तो 2019 के बाद देश में कोई चुनाव नहीं होगा। मतलब 2024 में फिर से प्रधानमंत्री के लिए चुनाव नहीं होगा और मोदी जी ही कई वर्षों तक राज करेंगे।
व्यक्तिगत तौर पर मैं कहूँ तो मोदी जी को बिल्कुल कई वर्षों तक प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए मगर चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद।

इस बहस को जन्म दिया सबसे पहले केजरीवाल ने। केजरीवाल के अनुसार मोदी सरकार का रवैया हिटलर की तरह है। अमित शाह और मोदी की जोड़ी को नहीं हटाया गया तो ये दोनों मिलकर संविधान को बदल देंगे। केजरीवाल बिना किसी तर्क के मोदी जी को हटाने की बात कर रहे हैं सिर्फ इसलिए कि मोदी जी इन्हें पसंद नहीं। इस हिसाब से तो खुद केजरीवाल की मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है, क्योंकि दिल्ली के लाखों लोगों को ये भी पसंद नहीं हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए, देश के प्रधानमंत्री के बारे में इन्होंने कैसी कैसी भाषा का प्रयोग किया है, हम सभी भलीभांति परिचित हैं।

इसके बाद भाजपा के सबसे विवादित नेता साक्षी महाराज का बयान आया कि 2024 में चुनाव नहीं होंगे। लगता है कि नेताजी सांसद के साथ साथ ज्योतिषी भी हैं। साक्षी महाराज के बयानों का निष्कर्ष निकालें तो पूर्व में भी ये ऐसे ही विवादित बयान देते आये हैं। जिसका कोई तर्क नहीं होता। हर पार्टी में ऐसे नेताओं की कोई कमी नहीं है।

काँग्रेस पार्टी इसमें कहाँ पीछे रहने वाली थी। देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी यही लगता है कि ये देश का आखिरी चुनाव है। इस बात को उन्होंने जोर देकर कहा और पूरे विश्वास के साथ कहा।

सवाल ये है कि आखिर इन नेताओं को क्यों लगता है कि ये आखिरी चुनाव है? सच तो ये है कि विपक्ष के नेता हताशा में ऐसा बयान दे रहे हैं और पक्ष के नेता अति आत्मविश्वास में। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। किसी पार्टी के चाहने से उसकी सरकार नहीं बनने वाली है। जनता जल्द ही तय करेगी कि 2019 में किसकी सरकार होगी। लोकतंत्र और संविधान बने रहना चाहिए।

जय भारत। जय हिंद।

ये भी पढ़िए : मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा।

©नीतिश तिवारी।

Friday, 29 March 2019

इंतज़ार और आचार संहिता।


















अगर शब्दों में पिरो दूँ तुम्हें तो मेरी अमृता हो तुम,
इज़हार कैसे करूँ, चुनावी आचार संहिता हो तुम।


इंतज़ार की घड़ी खत्म हुई अब ऐतबार होगा,
तू जमाने की परवाह मत कर, अब सिर्फ प्यार होगा।


©नीतिश तिवारी।

Thursday, 28 March 2019

एक खयाल.... सिर्फ तुम।













Image credit: Google.






एक खयाल.... सिर्फ तुम।

तेरी सुनहरी यादों में विचरण करते हुए एक एहसास होता है। हमने रेत पर किले बनाए थे वो ढह गए होंगे। कसूर तुम्हारा था, मेरा था या उस हवा के झोंके का, मालूम नहीं। पर रेत का वो किला बहुत सुंदर था, बिल्कुल तुम्हारी तरह। मोहपाश के बंधन में जकड़ा हुआ प्रेम आखिर कब तक चलता। उसे तो बिखरना ही था, सो बिखर गया। ऊपर से जमाने के ज़ुल्म-ओ-सितम ने हमारे ज़ख्म को और गहरा कर दिया। लेकिन इन ज़ख्मों पर मरहम लगाने को तेरी बातें हैं। मेरे कानों में अभी भी गूँजती हैं तुम्हारी जादुई बातें, वही जो तुमने हमसे कहा था। तुमने कहा था कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ और ताउम्र करती रहूँगी। पर शायद हमारे प्यार की उम्र ज्यादा लंबी ना थी। थोड़ी थी पर हसीन थी। तुमने मुझे जीने का मकसद दे दिया। अगर इसे धोखा कहूँगा तो हमारे प्यार की बेइज्जती होगी। रहने दो, फिर लिखूँगा कभी, और जज़्बात, अपने दिल के हालात। 

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 26 March 2019

काश तुम...













Image source : Google.








काश तुम बेवफ़ाई ना करती,
मजबूरियाँ ना गिनाती,
फिर हम एक दूजे के होते,
नदी किनारे सीप से मोती चुगते,
तन्हाई को मात देते,
ख्वाबों में हसीन सपने देखते,
एक दूसरे में समा जाते,
मोहब्बत के गीत गाते।
 उन लम्हों को मैं सहेज पाता,
जो तेरे संग बिताए थे,
उन गलियों में फिर से जा पाता,
जो हमारे मिलन की गवाह थी,
काश!


©नीतिश तिवारी।

Monday, 25 March 2019

तू हुस्न की रानी है।













Image source : Google.








तेरी इन आँखों की पूरी दुनिया दीवानी है,
सब लोग तुमपे मरते हैं ये उनकी नादानी है,
इश्क़ तो तुमसे कोई भी कर लेगा क्योंकि,
जमाने को मालूम है कि तू हुस्न की रानी है।

Teri in aankhon ki poori duniya deewani hai,
Sab log tumpe marte hain ye unki naadani hai,
Ishq to tumse koi bhi kar lega kyunki,
Zamane ko maaloom hai ki tu husn ki rani hai.

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 24 March 2019

हमने तरक्की कर ली।









Image source: Google.





हमने तरक्की कर ली।

घड़े के शीतल जल से नाता अब टूट गया,
प्यूरीफाइड वाटर से नाता अब जुट गया।
कुएँ के पानी की मिठास अब नहीं रही,
शहर के सप्लाई पानी ने उसकी जगह ले ली।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

मिलने जुलने का नहीं है समय किसी के पास,
वीडियो कॉलिंग में जताते हैं अपना होने एहसास।
हाल चाल पूछने में  हमको शर्म आ जाती है,
मिनटों में फेसबुक पर स्टेटस अपडेट हो जाती है।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

पाँव छूने की जगह लोग घुटने छू कर जाते हैं,
पुराने रीति-रिवाज को ये ढोंग बतलाते हैं।
घर में बच्चों के लिए नैनी लगा कर रखते हैं,
बूढे माँ-बाप को वृद्धाश्रम छोड़कर आते हैं।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

लुका छिपी का खेल अब ना जाने कहाँ खो गया,
बच्चों का मनोरंजन वीडियो गेम अब हो गया,
बड़ों का उत्तर देने में पहले हाँ जी हाँ जी करते थे,
अब कुछ भी पूछो तो पब जी खेलते रहते हैं।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, 23 March 2019

शहीदी दिवस 23 मार्च पर कविता।






















शहीदों के बलिदानों का कर्ज हम कैसे चुकाएंगे,
क्या नए हिन्दुस्तान में हम अपना योगदान दे पाएंगे।

वीर सपूतों ने दिलवाई हमें नयी आज़ादी थी,
उनकी वीरता के बदौलत अंग्रेजों की शामत आयी थी।

कितने कष्ट सहे उन्होंने कितनी गोली खाई थी,
भारत माता की खातिर  जान बाज़ी पर लगाई थी।

नमन उन वीर सपूतों को जो हमारे खातिर शहीद हुए,
आज़ाद भारत के लिए फाँसी के तख्ते पर झूल गए।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 20 March 2019

Happy Holi 2019.












Pic credit : Google.




Happy Holi.

कहीं उड़े रंग, कहीं उड़े गुलाल,
होली में लाल हुए हैं सबके गाल,
छुप ना जाना डर से तुम घर के अंदर,
नहीं तो खींचकर ले आएंगे तुम्हें निकाल।

फिर मत करना कोई जवाब सवाल,
रंग लगाकर कर देंगे तुम्हारा बुरा हाल,
फिर नहीं आएगा छुपने का तुम्हे खयाल
क्योंकि हमारे पास है खूब सारा गुलाल।

©नीतिश तिवारी।


Tuesday, 19 March 2019

मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा।


















मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा। 

"अरे मोदी जी, यहाँ अपने आवास पर यूँ अचानक क्यों बुलाया।" राहुल गाँधी ने सरप्राइज़ लुक देते हुए पूछा।
"तुम ज़िन्दगी भर पप्पू ही रहोगे, चुनाव आ गए, तुम्हें कुछ होश नहीं कि कैसे क्या करना है। बस राफेल का भूत सवार हो गया है।" मोदी जी ने डाँटते हुए कहा।
"नहीं सर, मैं तो जब से कांग्रेस का अध्यक्ष बना हूँ,  अप्रत्यक्ष रूप से आपका ही प्रचार कर रहा हूँ, और अब तो बहन प्रियंका भी है हमारे साथ।" 
"हाँ, राहुल ये तुमने अच्छा किया जो प्रियंका को भी साथ ले आये। बाकी सारे विपक्ष को पता ही नहीं चलेगा की तुम दोनों भाई बहन अंदर से भाजपाई ही हो।"
"भाजपाई नहीं सर, संघी, अब तो मैं भी अपने आप को संघ का आदमी मानता हूँ, वो बात अलग है कि मैं खाकी नेकर नहीं पहनता।"
राहुल गाँधी के इसी कथन के साथ राहुल और मोदी दोनों ठहाके मारकर हँसने लगते हैं। 
राहुल ने फिर से सवाल किया, " लेकिन ये क्या मोदी जी, मीटिंग में हम दो ही लोग, आपने तो बोला था कि तीन लोग होंगे, तीसरा कौन है?"
मोदी जी ने राहुल की पीठ पर थपथपाया और बोला , "इतना बेचैन क्यों हो रहे हो शहजादे,  इटली जाना है क्या? तीसरा आता ही होगा।"
इसी बीच दरवाजे पर जय श्री राम का उदघोष होता है। अरे ये क्या, ये तो अपने योगी जी हैं। 
"जय श्री राम योगी जी, आइये, आइये, ये अपना राहुल आपसे मिलने को बेचैन हो रहा था।" मोदी जी ने राहुल की तरफ इशारा करते हुए बोला। 
" जय श्री राम योगी जी, कैसे हैं आप?" राहुल ने नमस्ते करते हुए पूछा। 
"अरे  हम तो ठीक हैं, तुम बताओ, जनेऊ पहनना भूले तो नहीं हो ना?"
"नहीं योगी जी, जब से आपके साथ रहकर ज्ञान मिला है, तब से मैं भी जनेऊधारी पंडित हो गया हूँ"
"तुम दोनों चुप रहो। जिस काम के लिए आये हो उस पर बात करो।" मोदी ने दोनों को डाँटते हुए कहा।
"हाँ जी योगी जी और शहज़ादे, तो मंदिर बनाने का कार्यक्रम 2019 के चुनाव के बाद का तय हुआ है। तुम दोनों अपनी सभी चुनावी सभा में इस पर कोई बात नहीं करना। जनता बहुत सवाल करेगी, चुप रहना है। "
मोदी जी ने 30 हज़ार किलोग्राम वाले मशरूम खाते हुए दोनों को आदेश दिया और अपने कमरे की तरफ चल दिये। थोड़ी देर में राहुल और योगी जी ने भी अपनी अपनी कप से चाय खत्म करके बाहर निकले और दोनों ने एक सुर में कहा कि " मंदिर वहीं बनाएंगे।"

©नीतिश तिवारी।


Monday, 18 March 2019

शाहरुख खान मेरे गाँव आये थे।














Shah Rukh Khan was in my village.

शाम के 4 बज रहे थे और शहर से लौटकर मैं गाँव पहुँचता हूँ तो दूर से ही कुछ लोगों की भीड़ दिखाई देती है। फिर दस साल का चिंटू दौड़ते हुए मेरी तरफ आता है। बोला, "नीतिश भईया" मैंने कहा "हाँ चिंटू तू दौड़ क्यों रहा है और ये भीड़ कैसी है?" "अरे भईया आपको पता नहीं शाहरुख खान आये हैं।" चिंटू ने बड़ी उत्सुकता से कहा। 

‌मुझे तो जैसे यकीन ही नहीं हो रहा था। मैं भी पहुँच गया । मेरे पहुंचते ही वहाँ मौजूद गाँव के सभी लोग ताली बजाने लगे जैसे सुपरस्टार मैं ही हूँ। एक ने शाहरुख से कहा, "ये लीजिये सर आ गया आपका सबसे बड़ा फैन। " शाहरुख ने मेरी ओर देखा और बुलाया। मैंने भी अभिवादन में उन्हें नमस्ते किया। फिर उनकी पास वाली कुर्सी पर बैठ गया। "तो तुम हो नीतिश, मेरे सबसे बड़े फैन" । "हाँ सर ऐसा ही कुछ समझ लीजिए, मैंने तो आपको पत्र भी लिखा था और कई बार ट्वीट भी किया लेकिन आपने जवाब भी नहीं दिया" 
‌फिर शाहरुख ने बड़े आश्चर्यजनक रूप से मेरी ओर देखा और बोला, "क्या था उस पत्र में?"
‌"कुछ खास नहीं सर आपके लिए प्यार"
‌"सर यूँ अचानक से मेरे गाँव में" मैंने पूछा।
‌"नहीं तो क्या ट्वीट करके आता! एक बार गया था ट्वीट करके मुंबई से दिल्ली ट्रेन से, बहुत बवाल हो गया था। और वैसे भी तेरे शहर में 15 दिन से शूटिंग चल रही है, तुम्हे पता नहीं।"
‌"नहीं सर, पता तो है, एक बार आपसे मिलने की कोशिश भी किया था लेकिन आपके सेक्युरिटी वालों ने होटल में जाने नहीं दिया।"
‌थोड़ी देर तक यूँ ही बाते होती रहीं । मैंने अपना लेटर शाहरुख सर को दिया।  उनके साथ सेल्फी लिया। इतने  में उनके टीम के बाकी लोग गाँव  से शूटिंग के लिए लोकेशन देख कर आ गए थे। शाहरुख खान अपने होटल जाने लगे तो उन्होंने मुझे गले लगाने के लिए पास बुलाया । जैसे ही मैं गले लगने जा रहा था, एक जोर का झटका लगा। ट्रेन के ड्राइवर ने जोर से ब्रेक लगाई थी। ऊपर वाली बर्थ पर नींद में जो सपना देख रहा था वो टूट चुका था। घड़ी में समय देखा तो सुबह के 4 बज रहे थे। मतलब अभी गाँव पहुंचने में 1 घंटा और बाकी था। मैंने बैग में से बोतल निकाला, पानी पिया और कंबल ओढ़कर सो गया।

Read this too : My Letter for Shah Rukh Khan.

‌©नीतिश तिवारी।

Friday, 15 March 2019

Ishq aur Kashmir.













Pic credit : Google.






Chaal usne aisi chali ki main shatranj ka nazeer ho gaya,
Bachne ki koshish kiya magar ishq mera kashmir ho gaya.

चाल उसने ऐसी चली कि मैं शतरंज का वज़ीर हो गया,
बचने की कोशिश किया मगर  इश्क़ मेरा कश्मीर हो गया।
©नीतिश तिवारी।


Wednesday, 13 March 2019

मुक़म्मल मोहब्बत की दास्तान।













Pic credit : Google.






रात में नीले स्याही से तुम्हारा नाम लिखने की कोशिश करता रहा, लेकिन तुम्हारा नाम धुंधला नज़र आ रहा था। शायद स्याही भी बेवफ़ाई कर रही थी, बिल्कुल तुम्हारी तरह। पर मैं तेरे नाम को मिटने नहीं देना चाहता था, ना तो पन्ने से और ना ही अपने दिल से। इसलिए मैंने बार बार तुम्हारा नाम लिखा जब तक पन्ने पर तुम्हारा नाम साफ नजर नहीं आने लगा। फिर गौर से मैंने देखा तो तुम्हारे नाम में भी वही चमक बरकरार थी , वही चमक जब पहली बार तुम मिली थी। इतना प्यार है हमें तुमसे फिर भी बहुत खफा खफा रहती हो, शायद ये नाराज़गी लाजमी है। मैं ही तो तुम्हें वक़्त नहीं दे पा रहा हूँ। जिम्मेदारियों के बोझ ने वक़्त को कम कर दिया है। पर मैं कोशिश कर रहा हूँ ,जिंदगी को साथ लेकर चलने की, तुम्हें साथ लेकर चलने की। एक दिन होगी मुलाकात, फिर वही नहर के किनारे, शाम के डूबते किरण के साथ। और फिर से हमारा प्यार मुकम्मल हो जाएगा।

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 12 March 2019

चुनावी महाभारत 2019- कृष्ण कहाँ हैं? अर्जुन पुकार रहे!




















चुनावी महाभारत 2019- कृष्ण कहाँ हैं? अर्जुन पुकार रहे!

लोकसभा चुनाव 2019 का ऐलान हो चुका है। 11 अप्रैल से चुनाव शुरू होंगे। परिणाम 23 मई को घोषित होंगे। 2014 में आई मोदी सरकार के 5 वर्ष पूरे होने वाले हैं। सरकार को जो करना था वो कर लिया। किसी के हाथ लॉलीपॉप लगा तो किसी को मिला झुनझुना-- ऐसा लोगों का मानना है। हालाँकि सरकार का कहना है कि हमने 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को चरितार्थ कर दिया है। हाँ, प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न देकर ये बात मोदी जी ने जरूर साबित कर दिया है कि वो सबका साथ सबका विकास करना चाहते हैं। काँग्रेस भले ही अटल जी को भारत रत्न ना दे पायी हो लेकिन भाजपा सरकार ने प्रणब मुखर्जी को ये सम्मान देकर कांग्रेसियों को कुछ तारीफ करने का मौका तो दे ही दिया है। 

महाभारत अगर आपको याद हो तो वहाँ एक ही दुर्योधन थे जो सत्ता की खातिर कुछ भी हथकंडे अपनाने को तैयार थे। वर्तमान में भी कई हथकंडे अपनाये जा रहे हैं, वो बात अलग है कि आज के महाभारत में एक नहीं कई दुर्योधन हो गए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि सत्ता के लोभी इन दुर्योधनों को कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि इस बार अर्जुन को जिताने के लिए एक नहीं बल्कि करोड़ों कृष्ण खड़े हैं, और वो करोड़ों कृष्ण हैं भारत की जनता।

इतिहास में शायद ये पहली बार हुआ होगा कि सत्ता पक्ष को बदनाम करने के लिए अलग- अलग प्रपंच किये गए हों। चाहे वो असहिष्णुता हो या अवार्ड वापसी या फिर विदेश में जाकर भारत की बुराई करना। सत्ता पक्ष की आलोचना करना जरूरी है, खूब करिए लेकिन अपने देश के बारे में पाकिस्तान में जाकर ये कहना कि मोदी जी को हटाइये, ना तो तर्कसंगत है और ना ही समझदारी।

ये भी पढ़िए: मंदिर वहीं बनाएंगे।

बरसों से हिंदुस्तान, अपने सांस्कृतिक विरासत के कारण जाना जाता रहा है। आज जब मोदी जी के शासन में एक नए भारत का उदय हो रहा है तो बहुत से लोगों को मिर्ची लगने लगी है।  उन सभी लोगों से मैं बस इतना कहना चाहूँगा कि भाई मिर्ची लग रही है तो मिठाई खाओ, अरे नहीं, तुम्हें तो वो भी हज़म नहीं होगा। डायबिटीज जो है तुम लोगों को। 

चलिए और विस्तार से लिखेंगे अगले पोस्ट में । मेरा लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। 
और हाँ, एक बार फिर से दोहरा दूँ, 2019 में आएंगे तो मोदी जी ही।
पोस्ट पसंद आई हो तो  फेसबुक 
पर मेरा पेज जरूर लाइक कीजिए।

जय भारत। जय हिंद।
©नीतिश तिवारी।

Sunday, 10 March 2019

तेरा सज़दा करूँगा।























परम पिता परमेश्वर की कृपा से आज हमने अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। आज ही के दिन 2018 में हमने जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाई थी। सभी का आशीर्वाद बना रहे। सभी खुश रहें स्वस्थ रहें। आज इस पावन दिवस पर प्रभु से यही कामना करता हूँ। कुछ पँक्तियाँ अपनी अर्धांगिनी के लिए..

















तेरी हँसी, तेरी बातों का सज़दा मैं करूँगा,
तेरी ज़िन्दगी से हर गम को जुदा मैं करूँगा,
मेरे दिल पर सिर्फ मालिकाना हक़ तुम्हारा है,
तेरी मोहब्बत के बदले मोहब्बत अदा मैं करूँगा।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 7 March 2019

ग़ज़ल को उम्दा रखेंगे।












Image courtesy: Google.











हम तेरे वजूद को ज़िंदा रखेंगे, 
अमावश में भी एक चंदा रखेंगे।

लोग मुझे बहका हुआ आशिक़ समझें,
हम अपनी ग़ज़ल को थोड़ा उम्दा रखेंगे।

कोई पहचान ना ले भीड़ में हमको,
हम घर से निकलते वक्त पर्दा रखेंगे।

 इश्क़-ए- क़लाम से तक़लीफ़ है तो,
 हम आवाज़ को थोड़ा मंदा रखेंगे।

मेरी मोहब्बत का यकीन होगा तुम्हें,
हम साथ में फाँसी का फंदा रखेंगे।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 4 March 2019

Gazal- Ishq Mein Awara


















हम सबके हो गए, कोई हमारा ना हुआ,
एक बार हुआ इश्क़, फिर दुबारा ना हुआ।

दिल को संभालने को शराब पीना था,
मयखाना दूर था, जाम हमारा ना हुआ।

वो रुसवा कर गए, बरसों पहले लेकिन,
उनकी यादों के बिना कभी गुजारा ना हुआ।

शेर से शुरुआत करके, ग़ज़ल लिख डाली,
इश्क़ में मुझ जैसा कोई आवारा ना हुआ।

कब्र पर मेरे फूल चढ़ाने वाले कह रहे हैं,
इस जैसा आशिक़ यहाँ दुबारा ना हुआ।

©नीतिश तिवारी।














Sunday, 3 March 2019

प्रेम कहानी।


















Main din ka surymukhi tha wo thi raat-rani,
Har mausam mein zinda thi hamari prem kahani,
Kaun si khata huyi, kiski hamen nazar lagi,
Fir ek toofaan aaya, doob gayi kashti purani.


मैं दिन का सूर्यमुखी था वो थी रात-रानी,
हर मौसम में जिंदा थी हमारी प्रेम कहानी,
कौन सी खता हुई, किसकी हमें नज़र लगी,
फिर एक तूफान आया, डूब गई कश्ती पुरानी।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, 2 March 2019

इंतज़ार की इन्तेहा।













Image Courtesy: Google.












तुमसे मिलने की कोशिश हर बार की थी 
खुद पर विजय पाने की भी कोशिश हर बार की थी 
पता नही ऐसी कौन सी खता हमने की थी 
जो सारी कोशिशें नाकाम हो गयी थी 

पर हमने आस न छोड़ा 
खुद को न तोड़ा 
तुमसे मुँह कभी न मोड़ा 
फिर भी तुमने हमसे अपना दिल न जोड़ा 

सपनों में ही सही मैंने तुम्हें अपना बना लिया था 
रैनो ने मुझे जीना सीखा दिया था 
मेरी रूह ने तुम्हारे साये को पास बुला लिया था 
तुम्हारे साये ने मुझे तुम्हारे होने का एहसास दिला दिया था 

संयोगवश एक दिन तुमसे मुलाकात हुई
न जाने नज़रो में क्या बात हुई 
मेरे नैनों से अश्कों की बरसात हुई 
न जाने कैसी  ये घटना   मेरे साथ हुई 

मेरे सोये अरमान फिर से जाग रहे थे
तुम्हें पा लेने की चाह में मेरे नैन बरस रहे थे 
मुझे लगा दो दिल मिल रहे थे 
तुम्हारे साये को छोड़ कर फिर से हम तुम पर फिसल रहे थे 

 © शांडिल्य मनिष तिवारी।






Friday, 1 March 2019

Veer Ras Ki Kavita- Manzil.









Image courtesy : Google.









मंज़िल 

हो मन उदास या तन थका 
तू अपनी मंज़िल की ओर चला 
राह में रोड़े आये या पहाड़ बड़ा 
तू चरण पादुका को अग्रसर बढ़ा
रख खुद पर भरोसा तेरे सर पर होगा ताज सजा 

अगर तू थम जायेगा 
तेरा स्वपन अधूरा रह जाएगा 
तेरा मेहनत धरा का धरा रह जाएगा
तू अपने सपनों का हत्यारा कहलायेगा 
फिर शायद तू कोई लक्ष्य हासिल ना कर पायेगा 

एक पड़ाव को मंज़िल समझ तू थम ना जा
मृगतृष्णा की इस दुनिया में आने वाले कल को ना भुला
एक दिन ऐसा आयेगा जो मंज़िल को तू पायेगा
तेरा मेहनत तेरा रंग लायेगा
तू भी सफलता के गीत गायेगा ।।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।

Thursday, 28 February 2019

अरमान हम भी रखते हैं।














Image courtesy : Google.










अंदाज़े बयाँ ना हो सही 
पर दिल में अरमान हम भी रखा करते हैं 
आओ कुछ नया करते हैं 
दिल के अरमानो को बयां करते हैं
गिरने के डर से ना करने वाली कोशिशों को बयाँ करते हैं
गिर कर संभलने की दुआ करते हैं
आओ कुछ नया करते हैं
अतीत को भुला कर 
वर्तमान में कुछ कर गुजरते हैं
आने वाले अतीत को इतिहासों में दर्ज कर गुज़रते हैं 
आओ कुछ नया करते हैं
रैना के सपनो को रवि के तले सच कर गुजरते हैं
शिखा के बीच रोड़ों को पार कर हौसले बुलन्द करते हैं
आसमां को छू लेने वाली उड़ान भरते हैं
आओ कुछ नया करते हैं ।।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।

Monday, 25 February 2019

Aadat si ho gayi hai.













Image courtesy: Google.






मेरा होश उड़ाने की तेरी आदत सी हो गयी है,
मेरा दिल धड़काने की तेरी आदत सी हो गयी है,
इश्क़ करना है तो जरा आहिस्ता- आहिस्ता कर,
तुझे रोज निहारने की मेरी आदत सी हो गयी है।


Mera hosh udane ki teri aadat si ho gayi hai,
Mera dil dhadkane ki teri aadat si ho gayi hai,
Ishq karna hai to jara aahista- aahista kar,
Tujhe roj nikharne ki meri aadat hi ho gayi hai.


©नीतिश तिवारी।

Saturday, 23 February 2019

Achha Laga Mujhe.













Image Courtesy : Google.



Bewfai ke baad bhi pyar.


अच्छा लगा मुझे
तेरा पीछे से
वार ना करना
हाँ मैं ही
कह रहा हूँ
अच्छा लगा मुझे
तेरा सामने से 
इनकार करना

अपनी खूबसूरत
अदाओं को
मेरे दुश्मन के
नाम करना
अच्छा लगा मुझे

अपनी जरूरतों को
पूरा करने के लिए
तेरा किसी और
का इस्तेमाल करना
अच्छा लगा मुझे

©नीतिश तिवारी।

Monday, 18 February 2019

Teri Ankhon Ke Kajal Ne...

























Dedicated to my Adorable Wife.

अधूरे ख्वाब थे मेरे अब पूरे हुए तुमसे,
तेरी खामोशियों ने मेरे ख्वाबों को जगा दिया।

रास्ते थे खो गए मंज़िल भी ना थी कोई,
अंधेरे रास्तों पर तुमने चलना सीखा दिया।

तेरी मुस्कुराहट का मैं सज़दा करूँ हर पल,
तेरे होंठो की लाली ने मुझे हँसना सीखा दिया।

तेरी आँखों के काजल ने जादू किया ऐसा,
ज़माने की बुरी नज़र से हमको बचा लिया।

©नीतिश तिवारी।










Wednesday, 13 February 2019

Kiss Day Love Poem









Image courtesy-  Google







चूम लूँ तेरे होठों को या,
फिर से प्यासा रह जाऊँ,
दिल मेरा ये कह रहा है,
आके गले मैं तुझे लगाऊँ।

दो जिस्मों का मिलन है तो,
बेचैनी तो बढ़ेगी ही अब,
पर दो रूहों के मिलन से तो,
ये प्रेम परिपूर्ण होता है।

©नीतिश तिवारी।

Monday, 4 February 2019

क़ातिल अदा।

Katil Ada.


तेरे रूप की रौशनी से मेरे ख्वाब कामिल होंगे,
तेरे जिस्म की खुशबू को सिर्फ  हासिल हम होंगे।
अपनी कातिल अदा को किसी और के नाम मत करना,
तेरे हुस्न की हर महफ़िल में सिर्फ शामिल हम होंगे।

©नीतिश तिवारी।

Monday, 28 January 2019

India Defeated New Zealand in one day series.













Image Courtesy - Google.

















Once again team India has done fabulous work. India defeated New Zealand in third ODI hence already won the series. Two matches are still ahead but those are just for formalities. Last time team won ODI series under the captaincy of Dhoni in 2009. Hence we can say that this was 10 years challenge for team India.

Congratulation to team India!



©Nitish Tiwary.

Sunday, 27 January 2019

Ishq mein pagal ho jaunga.






















Image courtesy - Google.







यूँ ना देखो ऐसे, मैं घायल हो जाऊँगा,
तेरे इस हुस्न का, मैं कायल हो जाऊँगा,
मेरे गीतों की गुनगुन सुनाई नहीं देती तो,
तेरे इन पैरों का, मैं पायल हो जाऊँगा।

अब के बरस प्यासी मत रहना तुम,
सावन का नया, मैं बादल हो जाऊँगा।
अश्कों को गिरने ना दूँगा पलकों से,
तेरी इन आँखों का, मैं काजल हो जाऊँगा।

सजने को जी करे जब तेरा तो बता देना,
तेरी इन बाहों का, मैं आँचल हो जाऊँगा
अब कितनी मोहब्बत करेगी रहने दे ना, 
 इश्क़ में एक दिन, मैं पागल हो जाऊँगा।

©नीतिश तिवारी।