Saturday, 30 November 2019

मेरी पहली किताब- फिर तेरी याद आई।

Phir teri yaad aayi by nitish tiwary









2013 में जब इस ब्लॉग का निर्माण किया था और लेखन शुरू किया था तो कभी नहीं सोचा था कि एक किताब भी लिखूँगा। 
मेरी पहली किताब 'फिर तेरी याद आई' को मैंने इसी वर्ष सितम्बर के महीने में अमेज़न किंडल पर पब्लिश किया था। बड़े हर्ष के साथ आपको सूचित कर रहा हूँ कि मेरी किताब अब पेपरबैक फॉर्मेट में भी उपलब्ध है। Notion Press ने इसे छापा है। इसके लिए इनका आभार व्यक्त करता हूँ। 

लेखन के क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने के लिए सभी पाठकों, मित्रों  और रिश्तेदारों का शुक्रिया। एक रोमांटिक फ़िक्शन उपन्यास पर भी काम कर रहा हूँ। उसके लिए भी आप सभी का आशीर्वाद चाहूँगा। 

आप किताब यहाँ से आर्डर कर सकते हैं।
धन्यवाद।

©नीतिश तिवारी।


6 comments:

  1. जी नमस्ते,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (०१-१२ -२०१९ ) को "जानवर तो मूक होता है" (चर्चा अंक ३५३६) पर भी होगी।
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।

    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    ….
    अनीता सैनी

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  2. बहुत बहुत बधाई हो आपको ...

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  3. हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ नीतीश जी ।

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    1. शुक्रिया मीना जी।

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