Saturday, 12 October 2019

इंद्रधनुष बन जाओगे क्या!

Romantic Gazal by nitish tiwary

Pic courtesy: Pinterest.









रात को ख़्वाब में मिलने मुझे आओगे क्या,
फिर सुबह मीठी चाय मुझे पिलाओगे क्या।

दिन भर की थकान से बदन टूट जाता है,
शाम को घर आने पर मेरे पाँव दबाओगे क्या।

ज़िन्दगी में नए रंग देखने की ख्वाहिश है,
तुम मेरा इंद्रधनुष बन जाओगे क्या।

©नीतिश तिवारी।

ये भी देखिए। 



8 comments:


  1. जय मां हाटेशवरी.......
    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    13/10/2019 रविवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में. .....
    सादर आमंत्रित है......

    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    http s://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

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    1. मेरी रचना शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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  2. जी नमस्ते,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (१३ -१०-२०१९ ) को " गहरे में उतरो तो ही मिलते हैं मोती " (चर्चा अंक- ३४८७) पर भी होगी।
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।

    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    ….
    अनीता सैनी

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  3. बहुत सुंदर सहज ही अभिव्यक्ति।

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