Sunday, 30 June 2019

Shayari- Mohabbat ka Dastoor.

























Pic courtesy : Google.





बिछड़ना मिलना मिलकर बिछड़ना,
तुम्हें खोकर भी तेरा हो जाना,
मोहब्बत का दस्तूर ही कुछ ऐसा है,
गलतफहमी को भी सच मान लेना।

Bichhadna milna milkar bichhadna,
Tumhen khokar bhi tera ho jana,
Mohabbat ka dastoor hi kuch aisa hai,
Galatfahmi ko bhi sach maan lena.

©नीतिश तिवारी।


Saturday, 29 June 2019

तुम्हें पता है?

























Pic credit : pinterest.









मैं अपनी हर बात यूं ही तुमसे नहीं कहता ..
तुम्हें पता है .?? जब मैं तुम्हारे पास होता हूं 
तो मैं!! मैं नहीं रहता।

तुम्हें खोने का ख्याल आते ही ..
आंसू बहाता हूं पैर पटकता हूं ..
जुल्फें बिखर जाती हैं चेहरा बिगड़ आता है..
ये बेचैनी मैं यूं ही नहीं सेकता
तुम्हें पता है.?? जब मैं तुझे याद करता हूं 
तो मैं!! मैं नहीं रहता।

दिल की गुल्लक में तेरी हर यादें सहेजे रखा हूं
पर तेरी बेपरवाही देख मैं हक्का-बक्का हूं
जब भी आईने के आगे जाता हूं
तो अपने सामने तुझे ही पाता हूं।।
हवाओं के साथ मैं अब यूं ही नहीं बहता 
तुम्हें पता है.?? जब मैं तुझे मेहसूस करता हूं 
तो मैं!! मैं नहीं रहता।

जब तू सामने से गुजरती है..
मेरी जान पर आ पड़ती है
मिसाल है तू खुदा की बेहतरीन कारीगरी की
तुझे देखना मानो दीदार हो किसी परी की..
इश्क, मोहब्बत, चाहत का पहाड़ यूं ही नहीं मुझपे ढेहता।।
तुम्हें पता है.?? जब मैं तुझे देखता हूं..
तो मैं!! मैं नहीं रहता।

©शांडिल्य मनीष तिवारी।

Thursday, 27 June 2019

रूह से मोहब्बत।

























Pic credit : Google.






रूह से रूह की मोहब्बत करोगे तो अच्छा होगा,
तुम हुस्न के करीब मत जाओ, बर्बाद हो जाओगे।

Rooh se rooh ki mohabbt karoge to achha hoga,
Tum husn ke kareeb mat jao, barbaad ho jaoge.

ना गवाह, ना वकील फिर भी सजा उम्रकैद की,
इश्क़ में मुकदमे का अंजाम ऐसा ही होता है।

Na gawah, na wakil fir bhi saja umrquid ki,
Ishq mein mukadame ka anjaam aisa hi hota hai.

ये भी पढ़िए : इश्क़ का ठिकाना।

©नीतिश तिवारी।


Sunday, 23 June 2019

Tum kya jano dard kya hota hai!










Pic credit : Unspoken Voice.







तुम क्या जानो दर्द क्या होता है,
छोटा बच्चा भूख से क्यों रोता है,
इंसान पापी पेट के लिए क्या करता है।

तुम्हें तो बस बंगला गाड़ी पैसा चाहिए,
मेरे जैसा नहीं उसके जैसा चाहिए,
गर्मी में सर्दी और सर्दी में वर्षा चाहिए।

कितनी अजीब ख्वाहिशें हैं तुम्हारी,
हालात को समझ नहीं पाते हो तुम,
सात सुरों की तो धुन ही होती है,
फिर आठवाँ सुर क्यों लगाते हो तुम।

मेरी काबिलियत पर भरोसा रखो,
सब कुछ ठीक कर दूँगा मैं,
फिर मुझे कोई शिकायत ना होगी,
सब कुछ ठीक कर दूँगा मैं।

©नीतिश तिवारी।

Friday, 21 June 2019

इश्क़ का ठिकाना।













Pic credit: Pinterest.







फूलों की ख्वाहिश तुम्हें है, काँटों से बैर रखते हो,
अपनों की तुम्हें कद्र नहीं, साथ में गैर रखते हो।

Foolon ki khwahish tumhen hai, kaanton se bair rakhte ho,
Apnon ki tumhen kadr nahin, saath mein gair rakhte ho.

आजमा कर देख लेना या देखकर आजमाना,
इश्क़ कर रहे हो तुम जिसका कोई नहीं ठिकाना।

Aajma kar dekh lena ya dekhkar aajmana,
Ishq kar rahe ho tum jiska koi nahin thikana.

©नीतिश तिवारी।

Friday, 14 June 2019

Garib Rath में यात्रा का अनुभव।



















हाँ जी, दोस्तों हाल ही में मैंने रेलवे यात्रा का आंनद उठाया। एक बार फिर से। उसी अनुभव के बारे में आपसे बात करूँगा। लालू यादव के वरदान स्वरूप प्राप्त हुए गरीब रथ में यात्रा का एक अलग ही आंनद है। कहने को तो सारे कोच 3AC हैं लेकिन कोच के अंदर का डिजाइन ऐसा है कि बहुत दिक्कत होती है।  खैर किराया कम है तो कुछ तो दिक्कत उठाना ही पड़ेगा।

दिल्ली से सफर की शुरुआत हो चुकी थी। ट्रेन समय से खुल चुकी थी। भारत में ट्रेन अगर समय से खुल जाए तो ये समझिए कि आपके टिकट का आधा पैसा वसूल हो गया। मैं हमेशा से सबसे ऊपर की बर्थ लेता हूँ ताकि दिन में भी सोने का मन हो तो सोया जा सके। खैर थोड़ी देर तक नीचे ही बैठा रहा। इसी बीच चाय, पानी और कोल्ड ड्रिंक की बिक्री शुरू हो चुकी थी। इतना तक तो ठीक था मतलब जनरल रूटीन। मजा तो अब आने वाला था। 

सामने वाले बर्थ पर एक भाई साहब बैठे थे। उनके पास 2 iphone था, एक छोटा और एक बड़ा। इसके अलावा एक सिंपल वाला फोन भी था। बार-बार एक फोन जेब से निकालते, फिर उसे रखते फिर दूसरा निकालते, फिर उससे बात करते। थोड़ी देर बाद फिर iphone निकालते, गाना सुनते। फिर रखते, फिर निकालते। यही सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा। मुझसे रहा नहीं गया। मैंने पूछ ही दिया, "भाई साहब, आप कौन सा ऐसा बिजनेस करते हैं जो इतने महंगे फोन हैं आपके पास और इतना बिजी हैं आप?"
भाई साहब कुछ बोल नहीं पाए। हाँ, मतलब कुछ लोग ऐसा दिखावा करते हैं जैसे कि अम्बानी की तीसरी औलाद वही हैं। 

अभी ये बात खत्म ही हुई थी कि मेरे पास एक फोन आया बैंक से। बैंक वाला "सर, आपका एक लोन चल रहा है उस पर 2.5 लाख का top up आया है।" मैंने कहा, "अच्छा।" " जी सर, आपका top up आया है। तो कब प्लान कर रहे हैं आप?" मुझे बड़ा गुस्सा आया, मैंने गुस्से भरी आवाज में बोला "भाई साहब, बच्चा प्लान किया जाता है, लोन नहीं, जब जरूरत होगी तब बताऊँगा।" मैंने भी सुना दिया उसे। 

इसी बीच काले कोट वाले भाई साहब आ चुके थे। मैंने अपना टिकट चेक कराया। पड़ोस वाली सीट पर एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर बैठी थीं। उनका टिकट किसी और के नाम का था। मतलब पुरुष के नाम पर महिला यात्रा कर रही थी। बात करने पर पता चला कि उन्होंने स्टेशन पर ही किसी से एक्स्ट्रा पैसा देकर टिकट खरीदा था। देखने में ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं लग रही थी, सीधा सा मतलब था कि वो ठगी का शिकार हुई थीं। इसमें दोनों की गलती थी, एक हमारे सिस्टम की और दूसरे यात्री की। वहीं पर अगले सीट एक लड़की बैठी थी उसके साथ भी यही मसला था। मैडम ने प्रीमियम तत्काल टिकट लिया था वो भी स्टेशन से। और मजे की बात तो देखिए कि उस टिकट पर बुकिंग डेट 2 महीने पहले की थी। सीधा मतलब था कि वो भी इस ठगी का शिकार हो गयी थी तब जबकि उनके पास iphone था। इस बात से यह सिद्ध होता है कि ब्रांड इस्तेमाल करने से बुद्धि नहीं आ जाती। एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी। मैडम ने फोन मिला दिया किसी को और TC को पकड़ा दिया। मतलब, " लीजिये बात कर लीजिए" वाली प्रथा हिंदुस्तान में कभी खत्म नहीं होगी।

इन सब के बीच रात्रि के 9 बज चुके थे। ट्रेन कानपुर पहुंच चुकी थी। मैंने खाना खाया और सोने के लिए जा ही रहा था कि एक मम्मी ने अपने बच्चे को आवाज लगाते हुए बोला," बेटा रोहन, मोबाइल दे दीजिए। आप बहुत देर से गेम खेल रहे हैं।" कुछ औरतें पब्लिक प्लेस में अपने बच्चों की बहुत इज्जत करती हैं और उन्हें आप बुलाती हैं। भले ही वही बच्चे घर पर दिन भर में चार बार कूट दिए जाते हों। अच्छा बच्चों के साथ एक समस्या और है। एक तो ये हाफ टिकट या बिना टिकट ट्रैवेल करते हैं और ऊपर से शोर बहुत मचाते हैं। हाँ, मतलब सोने में दिक्कत होती है ना। 

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 11 June 2019

मोहब्बत को सलामत रख पाता हूँ।









Pic credit : Google.





तेरी जुल्फों के छाँव तले तेरे होठों की प्यास बुझाता हूँ।
मैं अपनी आरज़ू को इबादत की तरह अपनाता हूँ।
मेरी जिंदगी कभी खत्म ना हो तेरे बगैर।
यही दुआ करके अपनी मोहब्बत को सलामत रख पाता हूँ।

©नीतिश तिवारी।

Friday, 7 June 2019

Justice for Twinkle.

















आज मन बहुत दुखी है। बस इतना ही लिख पाया।

कैसे कह दूँ यहाँ अल्लाह मौजूद है या भगवान,
हैवानियत का शिकार हो गयी एक बेटी नादान।

राजनीति की रोटियाँ कब तक सेकते रहोगे तुम,
इंसाफ दो बेटी को नहीं तो एक दिन आएगा तूफान।

कैसे हम इस सिस्टम का कर पाएंगे सम्मान,
कुछ बाकी नहीं रहेगा यहाँ ना रहेगा इंसान।


अब किलकारी नहीं गूँजती,
खिलौने एक कोने में पड़े हैं।

कोई बच्चे नहीं आते अब, 
गुड़िया मेरी नहीं रही अब।

क्यों ऐसा जुल्म हो गया,
घर सूना हो गया है।


©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 5 June 2019

Salman Khan slaps security man for being rough with fan kid at Bharat Screening.


















सलमान खान की फ़िल्म भारत रिलीज़ हो चुकी है। लेकिन बीती रात फ़िल्म के स्पेशल स्क्रीनिंग पर जो हुआ वो हैरान करने वाला है। सलमान ने अपने बॉलीवुड के दोस्तों के लिए भारत मूवी की स्पेशल स्क्रीनिंग मुम्बई में रखी थी। खबर है कि सलमान ने वहीं पर एक सुरक्षा कर्मी को थप्पड़ मार दिया।

सूत्रों से पता चला है कि सलमान को गुस्सा इसलिए आया क्योंकि वो सुरक्षाकर्मी गलत तरीके से एक बच्चे से बात कर रहा था। और वो बच्चा सलमान का फैन था। बात चाहे कुछ भी रही हो लेकिन सलमान को अपने गुस्से पर काबू रखना चाहिए। करोड़ों युवा उनको फॉलो करते हैं। इस तरह की हरकत उन्हें शोभा नहीं देती। बाकी आप लोग सलमान के व्यवहार से बखूबी वाकिफ़ हैं।

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 4 June 2019

Mohabbat mein Mahabharat.










Pic credit: pinterest.










ये गीता का ज्ञान 
नहीं ये मोहब्बत
की दास्तान है।

कुरुक्षेत्र बना 
है दिल मेरा
जिसमें तेरे छल
और प्रपंच है
तुम जीतना 
चाहती हो मुझसे 
पर अफसोस
ये मुमकिन ना होगा।

भले ही जज्बात 
रूपी हजारों सैनिक 
हैं तुम्हारे पास 
लेकिन मेरे पास
कृष्ण सरीखा 
धैर्य है 
हौसला है।

ना मैं कर्ण हूँ 
और ना ही
तुम दुर्योधन
जो तुम्हारे मोहब्बत 
के कर्ज तले
मैं दबा रहूँगा।

ना मैं अभिमन्यु
हूँ जो तेरे
भावनाओं के 
चक्रव्यूह में आकर
मार दिया जाऊँगा।

ना मैं धृतराष्ट्र हूँ
ना तुम संजय
जो तुम सुनाओगी
और मैं चुपचाप
सुन लूँगा।

प्रेम के इस
धर्मयुद्ध में
जीत किसकी
होगी ये तो
वक़्त बताएगा।

बस इतना कहना
है तुमसे कि
मोहब्बत में महाभारत
का वक़्त तुमने
गलत चुना है।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 3 June 2019

Mohabbat ki shayari.

Pic credit : Google.







दर्द का डर था जब  मैं तेरे साथ था,
अब मेरा कुछ नहीं मोहब्बत बेहिसाब था।

Dard ka dar tha jab mai tere saath tha,
Ab mera kuch nahin mohabbat behisab tha.

हमें मालूम है कि हमारा कुसूर क्या है,
कि हमने मोहब्बत करने की खता की है।

Humen maloom hai ki humara kusur kya hai,
Ki humne mohabbat karne ki khata ki hai.

©नीतिश तिवारी।