Wednesday, February 28, 2018

मशहूर होने दो।






















ख्वाहिशें पूरी हुयीं, तुम पर ऐतबार हुआ।
लो आ गया सनम मैं, खत्म तेरा इंतज़ार हुआ।।

मेरी चाहतों पर दुनिया वालों यूँ बंदिशें ना लगाओ।
मुझे अपनी हस्ती बदलनी है,मुझे मशहूर होने दो।।

©नीतिश तिवारी।

मेरा रंग बन जाना।
























अबकी होली खास है,
मेरा महबूब मेरे पास है।

मैं जी भर के होली खेलूँगा,
तुम मेरा रंग बन जाना।
जब फुर्सत मिले कभी तो,
तुम मुझे अंग लगाना।

मैं तुम्हारे लिए काँटों से लडूंगा,
फिर तुम मेरा फूल बन जाना।
अबकी होली खास है,
मेरी मुस्कुराहट मेरे साथ है।

 होली की हार्दिक शुभकामना।

©नीतिश तिवारी।

Monday, February 26, 2018

मैं एक कवि हूँ।




















कभी-कभी शब्द
नहीं मिलते,
फिर भी खयालों
को बुनने का
मन करता है।
नदी किनारे सीप
की मोतियों को
यूँ ही चुनने का
मन करता है।
मैं एक कवि हूँ।

गुजरते हुए इस
वक़्त को थामने
का मन करता है।
सोचता हूँ कुछ
ऐसा लिख जाऊँ
जो अमर प्रेम 
कृति बन जाए।
मैं एक कवि हूँ।

मुश्किलें तो बहुत
आती हैं पर
हौंसला नहीं खोते हैं।
हर परिस्थिति में
एक जैसे रहें,
कवि वैसे होते हैं।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, February 25, 2018

Tribute to Shridevi.



















आपके जाने से भारतीय सिनेमा को अपूरणीय क्षति हुई है।
 कुछ पंक्तियाँ।

अब नहीं महकेगी चाँदनी कभी,
कौन MR INDIA के लिए बेताब होगा,
आपके जाने से हम सब को लगा है सदमा
एक लम्हे में जिंदगी चली गयी,
ये जुदाई बहुत दुखदायी है।

नमन।
©नीतिश तिवारी।

Saturday, February 24, 2018

लप्रेक-मोहब्बत में घोटाला।
























तुम ये बात-बात पर अपने सौंदर्य प्रसाधन का जो डिमांड करती हो ना, मुझे तेरी मोहब्बत में घोटाला नज़र आता है। और ये घर छोड़कर मायके जानेवाली धमकी तो महाघोटाला लगता है। ज्यादा नीरव मोदी बनने की कोशिश ना करो क्योंकि मैं कोई PNB तो हूँ नहीं जो तुम लूटकर चली जाओगी। चलो मान लिया कि तुम मेरे दिल से खेलकर मोहब्बत में घोटाला कर लोगी। पर ये मत समझना कि मैं काँग्रेस की तरह ऑडिट नहीं होने दूँगा। प्यार में भ्रष्टाचार की लड़ाई के लिए बैठ जाऊँगा अनशन पर अन्ना की तरह, एक नए मोहब्बत के केजरीवाल की तलाश में।

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धन्यवाद।
©नीतिश तिवारी।

Friday, February 23, 2018

सोलहवाँ सोमवार।
























आज रात अमावश जैसी लग रही है,
मेरा चाँद मेरे साथ जो है।

लो आ गया तुम्हारी नज़रों के सामने,
क्या आज तुम्हारा सोलहवाँ सोमवार है।

उनका दीदार हुआ और हमें प्यार हुआ,
फिर से आज नया एक त्योहार हुआ।

कदम बहके, होश उड़ गए, बैठे रहे मयखाने में,
इस मोहब्बत में ना जाने और क्या-क्या होगा।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, February 22, 2018

मोहब्बत का असर।























कुछ लोगों में ऐसा भी हुनर होता है।
कि धीरे-धीरे मोहब्बत का असर होता है।।

याद करना जिन्हें हमारी रवायत बन गयी है।
फिर भी उनको कुछ नहीं खबर होता है।।

ख्वाहिशों की दुनिया भी बड़ी अजीब होती है।
नहीं मिल सकता उसका भी मंजर होता है।।

हमें देखकर भी वो अनदेखा कर देते हैं।
और सिर्फ उन्हीं पर हमारा नजर होता है।।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, February 21, 2018

तुम्हारी बेवफाई।























तुम्हारी बेवफाई ने एक बात तो सीखा दिया,
कि हम अंधों के शहर में आईना बेच रहे थे।
वैसे तो वक़्त ने ज़ख्म ढकने को लिबास दिया,
फिर भी अपनों की चाहत में दर बदर भटक रहे थे।

©नीतिश तिवारी।



Tuesday, February 20, 2018

एक कहानी लिखता हूँ।























चलो आज मैं
एक कहानी
लिखता हूँ।
मैं अपने को 
राजा और 
तुम्हें रानी
लिखता हूँ।

तुम्हारी कही बातें
तुम्हारी ही जुबानी
लिखता हूँ।
जो हमने किया
था प्यार,
उसकी मैं निशानी
लिखता हूँ।

अब नहीं रहे 
हालात पहले जैसे
फिर भी सूखे
दरिया में पानी
लिखता हूँ।
जी रहे थे
हम कभी,
वो हसीन जवानी
लिखता हूँ।

चलो आज मैं
एक कहानी
लिखता हूँ।
कुछ बचपन की
कुछ जवानी की
एक नादानी 
लिखता हूँ।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, February 17, 2018

आधे से ज्यादा, पूरे से कम।























आधे से ज्यादा, पूरे से कम। वो नहीं मिली, इसका मुझे नहीं है कोई गम। हाँ पर दिल को तसल्ली जरूर देता हूँ कि वो अच्छी तो थी। मेरे दिल के बंजर ज़मीन में एक प्यार की सुनहरी बीज को उसने बो जरूर दिया था। वो अलग बात है कि उसके द्वारा बोया गया बीज अब पौधा बनकर किसी और की बगिया को रौशन कर रहा है। और इस पौधे को बाग के मालिक से शिकायत जरूर है। ठीक से पानी नहीं मिलने के कारण इसमें काँटे निकल आये हैं। जो नए बीज पनपने नहीं देते और एक डर सा लगा रहता है कि क्या पौधे का वज़ूद खत्म होने वाला है। तुम्हारे प्यार की बस इतनी सी निशानी थी। जो लिख दिया हमने बस वही एक कहानी थी।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, February 15, 2018

वो अधूरी मुलाक़ात।
















हाँ, वो मुलाक़ात
अधूरी ही तो थी,
तुमने देखा
हमने देखा
फिर भी नजरें
अनजान बनी रहीं।

मैं मंज़िल को
देखता रहा,
तुम्हे रास्ते की 
परवाह थी।
जमाने की फिक्र
करके तुम
ना जाने क्यों
बेताब थी।

मेरी ज़िद थी
दीये को जलाने की,
तुम आंधियों को
हवा दे रही थी।
मेरी ज़िद थी
महफ़िल में
मुस्कुराने की,
तुम तन्हाई में
रहकर खुद को
सजा दे रही थी।

हाँ, वो मुलाक़ात
अधूरी ही तो थी,
जब बरसते बादल
में भी तुमने
प्यार को पनपने
ना दिया।
और मेरा दिल
भींगकर भी
प्यासा रह गया।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, February 14, 2018

आहट हुई है।























रात के पहर में चुपके से एक आहट हुई है,
किसी अंजान शख्स की दिल में दस्तक हुई है।
पूरे होंगे अरमान, सारे ख्वाब मुकम्मल होंगे,
कोई आनेवाला है, ऐसी सुगबुगाहट हुई है।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, February 7, 2018

मैं सिर्फ़ तुम्हें चाहूँगा.



















पहली धूप से लेकर,
आख़िरी बरसात तक.
ठंडी सुबह से लेकर,
सुहानी शाम तक.
मैं सिर्फ़ तुम्हें चाहूँगा.

फूलों की बगियों से,

बसंत के पतझड़ तक.
रेत के रेगिस्तान से.
बादल के बरखा तक.
मैं सिर्फ़ तुम्हें चाहूँगा.

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, February 6, 2018

Exam tips for 10th and 12th students.















दोस्तों, साल का दूसरा महीना शुरू हो गया है और जल्द ही मार्च आ जाएगा. मार्च का महीना हम सब के लिए ख़ास होता है. एक तो इस महीने में होली होती है और दूसरा exams.  स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है क्यूंकी पूरे साल जो पढ़ाई की होती है उसका टेस्ट देने का समय होता है. तो आप सभी को कुछ बातों का ख़याल रखना चाहिए जिससे की आपकी परीक्षा अच्छी हो जाए. तो चलिए कौन सी वो ज़रूरी बातें हैं उसका ज़िक्र करते हैं.

1. सबसे पहले आपको अपने सेहत का विशेष ध्यान रखना है. समय से उठिए और समय से सोइए. रात में ज़्यादा देर तक जागना ठीक नहीं है. ख़ान-पान का विशेष रूप से ध्यान देना है.

2. चूँकि अब exam में बहुत कम समय बचा है तो कोई भी नयी चीज़ ना पढ़ें बल्कि जितना आपने पढ़ा है उसी का revision करें. नया पढ़ने के चक्कर में पुराने वाले को भी भूल जाएँगे.

3. Exam सेंटर पर समय से पहले पहुँचें जिससे आपको अपनी सीट ढूँढने में दिक्कत ना हो.

4. प्रश्न पत्र मिलने के बाद सबसे पहले ध्यान से सभी प्रश्नों को पढ़ें और टाइम management कर लें कि कौन से प्रश्न का उत्तर पहले लिखना है. 

5. टाइम management इस तरह से करें कि लास्ट में आके पास 5 मिनट बचा हो और उस समय आप अपनी सारी डीटेल्स ठीक से चेक कर सकते हैं.

6 उन प्रश्नों का उत्तर पहले लिखें जो आपको अच्छे से याद हों. और जिसमें कोई दिक्कत है उसका उत्तर अंतिम में लिखें.

7. अगर कोई प्रश्न बिल्कुल भी याद नहीं है तो भी कुछ ना कुछ उससे related ज़रूर लिखें. कोई भी प्रश्न छोड़कर ना आएँ.

8. तीन घंटे के exam में दो घंटे के बाद एक 5 मिनट का ब्रेक ज़रूर लें. refresh हो जाने के बाद कई बार हमें उत्तर याद आ जाता है.

9. तनाव बिल्कुल ना लें और आराम से exam दीजिए.

10. घर आकर प्रश्नों को उत्तर से match ना करें. इससे आपको बेवजह का tension होगा. सारे exam ख़तम हो जाने के बाद ये काम कर सकते हैं.

तो ये थे कुछ महत्वपूर्ण टिप्स जिनका आप पालन करेंगे तो exam बढ़िया होगा.  
All the best for your Exams.

©नीतिश तिवारी।

Sunday, February 4, 2018

तुझे याद किया.














दिल में जगी कोई उलझन तो तुझे याद किया.
बढ़ने लगी जब धड़कन तो तुझे याद किया.
यूँ तो हर वक़्त मैं उदास रहता था.
अब खुशियों की चाहत हुई तो तुझे याद किया.

©नीतिश तिवारी।
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Friday, February 2, 2018

आज।














आज खिड़की खोली
तो हवा के एक
झोंके की दस्तक
कमरे में हुई।
और तुम्हारी
मेरे दिल में।

आज लिखने बैठा
तो खयालों के
भँवर में खो
सा गया।
और वो सिर्फ
खयाल नहीं बल्कि
तेरे होने का
एहसास था।

आज रास्ते पर
चलते हुए कुछ
दिखाई नहीं दे रहा।
एक धुंध की 
चादर पड़ी हुई है।
जिसमें अपने
जज्बात लिए लिपटी
हो तुम।

आज एक भीड़
को देखा तो
उसमें भी अजीब
एकान्त दिखा।
क्योंकि उस भीड़
में भी मौजूद
थी तुम, सिर्फ तुम।

©नीतिश तिवारी।