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Showing posts from January, 2016

चलो तुम्हे लिख देता हूँ।

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आज कुछ ख़याल नहीं आ रहे हैं , चलो तुम्हे लिख देता हूँ।  तुम्हारी हँसी लिख देता हूँ , तुम्हारी ख़ुशी लिख देता हूँ।  आज कुछ ख़याल नहीं आ रहे हैं , चलो तुम्हे लिख देता हूँ। तुम्हारी गुस्ताखियाँ लिख देता हूँ , तुम्हारी बदमाशियां लिख देता हूँ , प्यारी सी कहानी लिख देता हूँ , तुम्हारी वो नादानी लिख देता हूँ , चेहरे का नजराना लिख देता हूँ , जुल्फों का सवाँरना लिख देता हूँ।  आज कुछ ख़याल नहीं आ रहे हैं , चलो तुम्हे लिख देता हूँ। तुझसे जुड़ा वो बंधन लिख देता हूँ , तेरे प्यार का पागलपन लिख देता हूँ।  ©नीतिश तिवारी।

My letter to Modi ji

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आदरणीय,                 श्री नरेन्द्र मोदी जी,                 प्रधानमंत्री,                भारत गणराज्य।                सादर प्रणाम।                                 आज अपने विचारों को इस पत्र के माध्यम से आप तक पहुँचाने में मुझे अत्यधिक प्रसन्नता महसूस हो रही है या यूँ कहें कि अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरा ये पत्र आप तक पहुँच जाये। इस बार के ' मन की बात ' कार्यक्रम में जिस तरह से आपने भारत के नागरिकों से सुझाव पर विशेष जोर दिया था, और देश के विकास में युवाओं के योगदान पर बल दिया था, उसी कड़ी में ये पत्र आपको लिख रहा हूँ। अपनी बेहतरीन प्रतिभा और कार्यकुशलता से जिस तरह से आप प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं, उससे करोड़ों लोगों की तरह मैं भी आपका मुरीद हो गया हूँ। इसी कड़ी में मैं आपको यह बताना चाहूँगा कि कुछ लोग मुझे 'अँधा मोदी भक्त ' के नाम से भी सम्बोधित करते हैं और मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं 'मोदी भक्त' हूँ। क्यूंकि भक्त वही होता है जिसे अपने भगवान में विश्वास होता है। और इसमें कोई श

Happy National Youth Day.

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आप सभी को वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।  आज इस पावन अवसर पर पढ़िए युवाओँ को समर्पित मेरी ये चंद पंक्तियाँ।  मंज़िल तो मिलेगी खुद ही सही, रास्ता तो तुम्हे ही बनाना पड़ेगा, पूरे होंगे अरमान सारे तेरे, उम्मीद की किरण जगाना पड़ेगा। राह में होंगे तेरे कई मुश्किल, पर उनसे गुज़र कर जाना पड़ेगा, दिल जो भटकेगा तेरा इधर से उधर, इस पागल दिल को समझना पड़ेगा, कर गुज़रने की चाहत अगर कुछ है तुझमे, आसमान से भी तारे सलामी देंगे, गर कुछ ना हासिल हुआ तुझसे ज़िंदगी में, तो हर पल लोग तुम्हे बदनामी देंगे। ©नीतिश तिवारी।

मोहब्बत में खता।

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कुछ तो खता कर दी मैंने मोहब्बत निभाने में, जो तुमने देर ना की पल भर में मुझे भुलाने में। खुदा की जगह तेरा सज़दा किया मैंने सुबह-ओ-शाम, पर तेरी दिलचस्पी नहीं थी इस रिवाज़ को निभाने में। ज़िस्म की मोहब्बत रूह तक पहुँचने से पहले ही, छोड़कर चली गयी तू किसी और के नज़राने में। और ना कभी मिटने वाले बेवफ़ाई का गम देकर, मुझे मज़बूर कर दिया बैठकर पीने को मयखाने में। जब पूछेंगे लोग मेरी मोहब्बत की दास्तान तो, कैसे मुँह दिखाऊंगा मैं अपनी अब इस ज़माने में। ©नीतिश तिवारी।

शहीद को सलाम।

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भारत माँ का लाल था वो , हम सब का गुमान था वो , हमें छोड़कर जो चला गया , कितना अच्छा इंसान था वो।  दुश्मन की गोली खाकर भी , भारत माँ का लाज़ बचाया , हर घडी हर मुश्किल में , उसने अपना फ़र्ज़ निभाया।  ना रूका कभी ना थका कभी , हर पल बस वो चलता रहा , तिरंगे की शान बचाने खातिर , दुश्मन से वो लड़ता रहा।  आओ करें उनका सम्मान , जिसने बचायी हमारी जान , भारत माँ के वीर सपूत को , हमारा है ये आखिरी सलाम।  ©नीतिश तिवारी।

नववर्ष मंगलमय हो!

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आज मेरे ब्लॉग को पूरे तीन  साल हो गये हैं। 2015 में अत्यधिक व्यस्तता की वजह से कुछ कम लिख पाया।  इस वर्ष कोशिश करूँगा की ज़्यादा से ज़्यादा रचनाएँ आप सभी तक पहुँचा सकूँ।  आप सभी को नववर्ष 2016 की हार्दिक शुभकामनाएँ.  नववर्ष मंगलमय हो! बीत गयी वो शाम, आज नया आगाज़ है, आँखों में नये सपने हैं, होठों पे नये नगमें हैं. धड़कन में एक दस्तूर है, साँसों में नया सुरूर है, उम्मीदोँ  की नयी बहार है, बदल रहा संसार है. अपनों का एक साथ है , गैरों पर भी विश्वास है।  नए रौशनी की  दरकार  है , अँधियारा मिटने को तैयार है।  कुछ दुआओं पर  भरोसा है , एक अमन की आशा है।  कुछ नया करने का इरादा है , यही नये साल से वादा है।  शुभकामनाओं के साथ                              ©नीतिश तिवारी।