आप सभी को वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। 

आज इस पावन अवसर पर पढ़िए युवाओँ को समर्पित मेरी ये चंद पंक्तियाँ। 

मंज़िल तो मिलेगी खुद ही सही,
रास्ता तो तुम्हे ही बनाना पड़ेगा,
पूरे होंगे अरमान सारे तेरे,
उम्मीद की किरण जगाना पड़ेगा।

राह में होंगे तेरे कई मुश्किल,

पर उनसे गुज़र कर जाना पड़ेगा,
दिल जो भटकेगा तेरा इधर से उधर,
इस पागल दिल को समझना पड़ेगा,

कर गुज़रने की चाहत अगर कुछ है तुझमे,

आसमान से भी तारे सलामी देंगे,
गर कुछ ना हासिल हुआ तुझसे ज़िंदगी में,
तो हर पल लोग तुम्हे बदनामी देंगे।

©नीतिश तिवारी।