Tuesday, 7 May 2019

अधूरा इश्क़, पूरी मोहब्बत और तुम।













Pic credit : Google.








मैं तन्हा
नहीं हूँ
तुम्हारा 
अधूरा
इश्क़ मेरे 
साथ है।

तुम्हारी कही
हर बात है।
बिछड़ने का
गम हो या
मिलने की 
आस हो।

अधूरा इश्क़
को पूरी
मोहब्बत का
इंतज़ार है।

©नीतिश तिवारी।

6 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (08-05-2019) को "मेधावी कितने विशिष्ट हैं" (चर्चा अंक-3329) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर।

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  2. बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ !

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