Tuesday, 26 March 2019

काश तुम...













Image source : Google.








काश तुम बेवफ़ाई ना करती,
मजबूरियाँ ना गिनाती,
फिर हम एक दूजे के होते,
नदी किनारे सीप से मोती चुगते,
तन्हाई को मात देते,
ख्वाबों में हसीन सपने देखते,
एक दूसरे में समा जाते,
मोहब्बत के गीत गाते।
 उन लम्हों को मैं सहेज पाता,
जो तेरे संग बिताए थे,
उन गलियों में फिर से जा पाता,
जो हमारे मिलन की गवाह थी,
काश!


©नीतिश तिवारी।

14 comments:

  1. काश ये होता ... काश वो होता ...
    पर ये काश कहाँ आ पता है जीवन में ... मन के शब्द लिखे हैं ...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (27-03-2019) को "अपनी औकात हमको बताते रहे" (चर्चा अंक-3287) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर।

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  4. बेहतरीन आदरणीय
    सादर

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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    1. कविता पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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  6. बेहद खूबसूरत

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  7. सराहनीय कार्य

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