Monday, 18 February 2019

Teri Ankhon Ke Kajal Ne...

























Dedicated to my Adorable Wife.

अधूरे ख्वाब थे मेरे अब पूरे हुए तुमसे,
तेरी खामोशियों ने मेरे ख्वाबों को जगा दिया।

रास्ते थे खो गए मंज़िल भी ना थी कोई,
अंधेरे रास्तों पर तुमने चलना सीखा दिया।

तेरी मुस्कुराहट का मैं सज़दा करूँ हर पल,
तेरे होंठो की लाली ने मुझे हँसना सीखा दिया।

तेरी आँखों के काजल ने जादू किया ऐसा,
ज़माने की बुरी नज़र से हमको बचा लिया।

©नीतिश तिवारी।










16 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (20-02-2019) को "पाकिस्तान की ठुकाई करो" (चर्चा अंक-3253) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार।

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  2. बहुत सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुति। शुभकामनाएं...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  3. बहुत-बहुत सुंदर रचना। शुभकामनाएं आदरणीय ।

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  4. बहुत खूबसूरत... भावपूर्ण...
    वाह!!!

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  5. Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  6. Lovely lines... so beautifully presented!

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