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प्रेम का उच्चतम शिखर।






मृत्यु संभव है लेकिन

तुम्हारा प्रेम असंभव है।

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चाय में अदरख डालना

वैकल्पिक होता है

तुम्हारा मुझे प्रेम 

करना अनिवार्य नहीं रह गया।

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गिरगिट सदियों से

बदनाम है

तुम्हारे रूप में उसे

नया परिवार मिला है।

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तुम दूर हो गयी

मैं मौन हो गया

प्रेम अपने उच्चतम 

शिखर पर है।


©नीतिश तिवारी।

 

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