उसे मुझे खोकर क्या हासिल हुआ, कश्ती से दूर बस साहिल हुआ, मैं तो पेड़ की छाँव में बैठा हूँ, उसका ही धूप में जाना मुश्किल हुआ। Use mujhe khokar kya h…
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