Bollywood romantic Hindi song




गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत।

मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है,
रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है।

मिलने जुलने की कोशिश में,
सदियों मैंने गुजार दिया। 2
बाकी रहा ना अब कुछ मुझमें,
दिल तो पहले ही हार दिया।

कैसे बताऊँ तुझसे मैं,
कितनी मोहब्बत करती हूँ। 2
तुमने भेजे थे ख़त जो,
मैं हर रोज वो पड़ती हूँ।

अबके सावन भी ना आए,
फिर ये बारिश किसके लिए है। 2

मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है,
रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है।

©नीतिश तिवारी।

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