Hindi romantic shayari






















बहारें फूल नहीं बरसा रही हैं,
तो क्या महबूब नहीं आएगा।

सितारे आज रौशन नहीं हैं ,
तो क्या रात नहीं होगी।

हमसे आज ख़ता हो गयी है,
तो क्या वो मोहब्बत छोड़ देगी।

रोज सज़दा नहीं करता उसका,
तो क्या वो इनायत छोड़ देगी।

©नीतिश तिवारी।