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Showing posts from May, 2016

मोहब्बत का रस्म।

बात सिर्फ खूबसूरती की होती तो दिल बेकाबू ना होता, हम तो लुट गए थे उसके सादगी के अंदाज़ से, बिखरी जुल्फों में महकते खुशबुओं की जो बात थी, हम तो होश खो बैठे थे करके दीदार उस महताब के। गम की चादर ओढ़कर ज़ख्मों को सुलाया है मैंने, अपने आंसुओं से जलते ख्वाबों को बुझाया है मैंने, ये तकदीर की ख्वाहिश थी या जमाना बेवफा हो गया था, इस मोहब्बत के रस्म को बिना तारीख के भी निभाया है मैंने। ©नीतिश तिवारी।

Who is real jabra Fan? Gavrav or me-My letter to Mr. Shah Rukh Khan.

To, My inspiration Shri  Shah Rukh Khan Ji Namaste I believe you’re enjoying your success as always. Many congratulations for FAN but I’m quite disappointed as far as collection of the movie is concern. Your work in fan is remarkable sir. I’m writing this letter just to express my love for you. You’ve inspired millions of people around the world. I’m one of them too. I love you not because your net worth is $600 M and you are biggest superstar in world, I love you because your life has given a reason to dream for a middle class youth like me. You’ve shown us the path of success with your hard work, commitment and dedication. The way you have achieved success in your life is truly phenomenal and inspirational. Sir, I come from a lower middle class family where talking about your dream is just like building castles in air. But somehow I’ve managed to dream big in my life. And I can say it with full pride that credit goes to you sir. When I was a child,

जिंदगी फिर से...

एक बार फलक पर आ जाने तो दो, इन चाँद सितारों का साथी बन जाने तो दो, सलामी की ख्वाहिश नहीं बस याद रखना हमें, एक बार आपकी दुआओं में शामिल हो जाने तो दो। क्यों ना देखूँ मैं ख्वाब सब कुछ पाने का, ये जीवन ही तो है सारे ग़मों को भूल जाने का, कतरा कतरा आंसू बहे, लम्हा लम्हा ज़िन्दगी थमी, फिर भी ढूंढ लिया है मैंने एक बहाना जीने का। ©नीतिश तिवारी।

बेहिसाब मोहब्बत।

दर्द का सितम अब मुझसे सहा नहीं जाता, उस बेवफा को अब भी मैं भुला नहीं पाता। वो वक़्त ज़ालिम था या वो खुदगर्ज़ थी, उस दौर के ज़ख्म को मैं मिटा नहीं पाता। हर साजिशें सिर्फ मेरे लिए ही बनी थी, अपने कोई ख्वाब को मैं बचा नहीं पाता। ज़ुल्म की इंतेहा सारी हदें पार कर गयी थी,  अब भी मैं उस ज़ुल्म को भुला नहीं पाता। दिल टूटने का गम नहीं उसकी रूसवाई से परेशान था, उसकी शातिर अदाओं का फिर भी मैं गुलाम था। क़र्ज़ चुका देता पर उसका मोहब्बत ही बेहिसाब था, उसकी मोहब्बत के खातिर मैं हो गया बरबाद था। ©नीतिश तिवारी।

सपनें।

जब वक़्त गुजरता जाता है, सपने बड़े हो जाते हैं। पूरा करने को इन्हें,  हम जी जान लगाते हैं। जितनी बड़ी सोंच,  उतना बड़ा सपना। पूरा करना है इसे, यही लक्ष्य है अपना। बाधाएँ तो आएंगी ही, उनसे पार गुजरना है। ना रुकना है ना थकना है, बस मंज़िल तक पहुँचना है। हर आँसू को खुशी में बदलना है, हर गम को घूंट कर पी जाना है। एक नयी ऊर्जा का संचार करना है, अपने सपनों को अब पूरा करना है। ©नीतिश तिवारी।

मुझे इश्क़ की इज़ाज़त दे दे।

ऐ मौला मुझे इश्क़ की इज़ाज़त दे दे, बरसों से की है इबादत मैंने, ना कभी की शिकायत मैंने, शाम के ढलते सूरज के साथ, चाहे थी कोई चाँदनी रात, डूबा रहा हूँ मैं हर पल। उसकी ख्वाबों में, उसकी निगाहों में। उसकी होठों की मुस्कान में, उसकी आँखों की पहचान में, उसकी नगमों की दास्तान में, उसकी मोहब्बत की इम्तिहान में। उसके हाथों की लकीरों में, उसकी उलझी हुई तस्वीरों में, उसकी शोख भरी अदाओं में, उसकी बाहों की पनाहों में। खोया रहा हूँ मैं, बरसों तक, ख्वाबों की ताबिर में, एक रूठी हुई तकदीर में। ऐ मौला मुझे इश्क़ की इज़ाज़त दे दे, वरना इस इश्क़ का आकिबत कर दे। ©नीतिश तिवारी।

Let's create fire.

I have the power, You have desire, Let's create fire. Something beyond the destination, Something beyond the creation, Something beyond the imagination, Something beyond the perfection. In those hangover nights, We were unite. Just to feel the passion, Which comes from aggression, To create new destination, Which leads to obsession, Because you're my addiction. I have the power, You have desire, Let's create fire. ©Nitish Tiwary.

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