Thursday, 28 February 2019

अरमान हम भी रखते हैं।














Image courtesy : Google.










अंदाज़े बयाँ ना हो सही 
पर दिल में अरमान हम भी रखा करते हैं 
आओ कुछ नया करते हैं 
दिल के अरमानो को बयां करते हैं
गिरने के डर से ना करने वाली कोशिशों को बयाँ करते हैं
गिर कर संभलने की दुआ करते हैं
आओ कुछ नया करते हैं
अतीत को भुला कर 
वर्तमान में कुछ कर गुजरते हैं
आने वाले अतीत को इतिहासों में दर्ज कर गुज़रते हैं 
आओ कुछ नया करते हैं
रैना के सपनो को रवि के तले सच कर गुजरते हैं
शिखा के बीच रोड़ों को पार कर हौसले बुलन्द करते हैं
आसमां को छू लेने वाली उड़ान भरते हैं
आओ कुछ नया करते हैं ।।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।

14 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (01-03-2019) को "पापी पाकिस्तान" (चर्चा अंक-3262)) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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  2. जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण लिए सार्थक रचना।

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  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 03 मार्च 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. वाह! मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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  4. बहुत ही अच्छी रचना आदरणीय
    सादर

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  5. सकारात्मक भावों को दर्शाती सुन्दर रचना ।

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  6. रैना के सपनो को रवि के तले सच कर गुजरते हैं
    शिखा के बीच रोड़ों को पार कर हौसले बुलन्द करते हैं
    वाह !!!!बहुत खूब ,सादर नमन

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  7. आशाओं और उम्मीदों की उड़ान....
    बहुत ही सुन्दर....
    वाह!!!

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