Tuesday, 22 January 2019

तुम तक...





आँखें ठहरीं तो बस तुम तक,
नींदे गहरी तो बस तुम तक,
यूँ तो सब कुछ थम सा गया था,
हवाएँ गुजरी तो बस तुम तक ।

©नीतिश तिवारी।



4 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 28/01/2019 की बुलेटिन, " १२० वीं जयंती पर फ़ील्ड मार्शल करिअप्पा को ब्लॉग बुलेटिन का सलाम “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    ReplyDelete
    Replies
    1. रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

      Delete
  2. बहुत सुन्दर 👌
    सादर

    ReplyDelete