थोड़ा रुका, फिर चल दिया, मंज़िल वही रही पर, रास्ता बदल दिया। कश्मकश में था तुम्हें, बता दूँ दिल का हाल, कहीं फिर से ना, रास्ता भटक जाऊँ, इसलिए इरादा बद…
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