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Ek ashiq ishq mein faqir ho gaya | एक आशिक़ इश्क़ में फक़ीर हो गया।






Ek ashiq ishq mein faqir ho gaya | एक आशिक़ इश्क़ में फक़ीर हो गया।


ना हाशिए पर रहा ना ही ख़्वाब कोई मुक़म्मल हुआ,

मैं वो अभागा किरदार हूँ जिसकी कहानी में सिर्फ़ छल हुआ।


Na hashiye par raha na hi khwab koi muqammal hua,

Main woh abhaga kirdar hoon jiski kahani mein sirf chhal hua.


दौलत तुम अपने साथ रखना,

मोहब्बत मेरे साथ जाएगी।

एक आशिक़ इश्क़ में फक़ीर हो गया,

बरसों तक ये बात कही जाएगी।


Daulat tum apne saath rkhna,

Mohabbat mere saath jayegi.

Ek ashiq ishq mein faqir ho gaya,

Barson tak ye baat kahi jayegi.


गुलाम वंश की रानियाँ दासियों पर हक़ जमाती हैं,

खुद बेवफ़ा होकर मुझे दोष देना तुमने उन्हीं से सीखा है।


Gulam vansh ki raniyan dasiyon par haq jamati hain,

Khud bewafa hokar mujhe dosh dena tumne unhi se sikha hai.


एक बार को तो मैं अँधेरे की शिकायत दूर कर देता,

पर तेरे चेहरे की रौशनी कहीं और चमकने लगी।


Ek baar ko toh main andhere ki shikayat door kar deta,

Par tere chehre ki raushni kahin aur chamakne lagi.


मेरे ख़्वाब अब मेरे नहीं रहे,

तुम्हारी बेवफ़ाई ने उसे हक़ीक़त बना दिया।


Mere khwab ab mere nahi rahe,

Tumhari bewafai ne use haqiqat bana diya.


इतना चुपके से इश्क़ किया था मैंने कि,

उसकी बेवफ़ाई की गवाही देने वाला भी कोई नहीं।


Itna chupke se ishq kiya tha maine ki,

Uski bewafai ki gawahi dene wala bhi koi nahi.


©नीतिश तिवारी।


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