Thursday, May 7, 2020

तो क्या कलयुग में विष्णु के अवतार तेज प्रताप यादव ही हैं!


Tej pratap yadav rjd
Photo credit: Google.








तो क्या कलयुग में विष्णु के अवतार तेज प्रताप यादव ही हैं!

दोस्तों, आज हम बात करेंगे बिहार को आदिकाल में ले जानेवाले महापुरुष लालू यादव के त्रिकालदर्शी सुपुत्र श्री तेज प्रताप यादव की। ऐश्वर्या राय से विवाह के उपरांत इनके व्यक्तित्व का विकास ऐसे हुआ कि इन्हें भोले भंडारी और कृष्ण मुरारी के नाम से भी जाना जाने लगा।

इनके महापौरुष का प्रभाव ऐसा है कि ये खुलेआम दिनदहाड़े प्रधानमंत्री मोदी का खाल उधेड़ने की घोषणा कर देते हैं। मोदी को तो छोड़िए, ये अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प को भी चुनौती दे चुके हैं। ट्रम्प के भारत दौरे पर इन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रम्प इतने गोरे हैं कि खेत में नहीं जा सकते। जबकि मैं साँवला हूँ और दिन भर खेत में काम कर सकता हूँ। हमारे पिताजी को तो चारा संग्रह करने का अनुभव भी है। इस नाते हम खानदानी किसान हुए। ट्रम्प को चुनौती देते हुए वो आगे लिखते हैं कि ट्रम्प साहब बूढ़े हो गए फिर भी मेहरारू को अपने साथ रखते हैं। जबकि हमने तो जवानी में ही मेहरारू का त्याग कर दिया। 

लोगों में तो ये भी चर्चा है कि तेज प्रताप यादव नई नई शादी के बाद कृष्ण कन्हैया बनकर रासलीला को तैयार थे। लेकिन इनकी धर्मपत्नी ऐशवर्या ना तो राधा बनने को राज़ी थीं और ना ही गोपियों के संग रासलीला की इजाज़त दे रही थीं । ऊपर से मदिरा सेवन को भी आतुर थीं। इसी बात पर इन दोनों का झगड़ा हो गया जो आगे चलकर वैवाहिक संबंध विच्छेद का विकराल रूप धारण कर लिया।

एक बार अपने अवतरण दिवस के कार्यक्रम में खाने के प्लेट कम हो जाने पर इन्होंने अपने क्रोध की अग्नि से प्लेट लाने वाले बालक को ही भस्म कर दिया था। खैनी की चुनौटी और गांजे का चिलम रखने के लिए तेजू भईया ने विशेष रूप से तैयार करवाया हुआ थैला थाईलैंड से मंगवाया है । इस थैले को ये सदैव अपने समीप ही रखते हैं जिससे कि आपातकाल की स्थिति में भी चिलम से एक कश लिया जा सके।



तेजू भईया का तो इतना तक कहना है कि अगर अभी वे देश के या बिहार के स्वास्थ्य मंत्री होते तो कोरोना को  भैंसिया के चारा के गमक से ही मारकर भगा देते। 
अफीम की खेती के जैसे अपराध को सींचने वाले लालू प्रसाद यादव के सुपुत्र श्रीमान तेज प्रताप यादव, आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर काफी उत्साहित और आशान्वित हैं।

©नीतिश तिवारी।
This is total satire . Don't put me in jail.
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8 comments:

  1. बहुत खूब।
    बहुत सुन्दर।
    बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामंनाएँ।

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  2. क्या टिप्णी है वाह।

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  3. कमाल लिखे हैं भाई साहेब ....अगर विष्णु जी की निगाह पड़ गई तब ?

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    1. विष्णु जी से पहले अगर तेजु भईया की निगाह पैड गयी तो शायद दिक्कत हो जाये।

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