Friday, March 13, 2020

तुम आओ तो।

Tum aao toh

Pic credit : Google.




बिखरे बिखरे हैं अंदाज़,
उलझे हुए से हैं मेरे ख़्वाब,
तुम आओ तो कुछ बात बने,
कह रही है दिल की आवाज़।

शाम गुजरे और सुबह हो जाए,
तुम आओ तो विरह मिट जाए,
रात के जुगनू से कौन रौशन है,
तुम आओ तो अंधेरा मिट जाए।

©नीतिश तिवारी।

ये भी देखिए।


12 comments:


  1. बहुत सुंदर ,सादर नमन

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  2. बहुत सुन्दर रचना👌|हमारे ब्लॉग saryuvani.blogspot.com को follow करने के लिए आपका हृदय से आभार 🙏|आपका स्नेह व मार्गदर्शन आगे भी प्राप्त होता रहेगा ऐसी आपसे अपेक्षा है|

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  3. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की शनिवार(१४-०३-२०२०) को "परिवर्तन "(चर्चा अंक -३६४०) पर भी होगी।
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    ….
    अनीता सैनी

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    1. मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

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  4. बहुत सुन्दर

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  5. तुम आओ तो कुछ बात बने,
    कह रही है दिल की आवाज़।बहुत सुंदर नितीश जी बहुत अच्छा लिखा आपने |

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