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Showing posts from April, 2018

बदनाम शायर।

इतना आसान भी नहीं है मोहब्बत की दास्तान लिखना, अच्छे भले आदमी को बदनाम शायर बनना पड़ता है। कुछ भी हो जाए तुम एक बार मोहब्बत जरूर करना, गम को छुपाकर मुस्कुराने की अदा सीख जाओगे। ©नीतिश तिवारी।

गले लग जाती हो।

लफ्ज़ भी गुलाम हो जाते हैं मेरे, जब तुम अपना बनाने का इशारा करती हो। धड़कनों को हर बार सुकून मिल जाता है, जब तुम चुपके से आकर गले लग जाती हो। @नीतिश तिवारी।

भीगी सिगरेट और इश्क़.

कभी आईने को देखें फिर तुम्हें निहारें, मोहब्बत में हम खुद को कैसे संभालें. तेरे इश्क़ में भीगे हुए सिगरेट सा हो गया हूँ, आ मुझे अपनी बाहों की गर्मी से सुलगा दे. ©नीतिश तिवारी।

Got married.

पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक व्यस्तता के कारण आप सभी से मुख़ातिब नहीं हो पाया। दिनांक 10 मार्च 2018 को विवाह सम्पन्न हुआ। परम पिता परमेश्वर का धन्यवाद।  ज्यादा कुछ ना कहते हुए बस कुछ पंक्तियाँ अपनी अर्धांगिनी के लिए। ये पल बहुत खूबसूरत है,  इसमें तुम जो हो। शुक्रिया तुम्हारा मेरी अर्धांगिनी बनने के लिए। Nitish.

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