अब और नहीं कर सकता मैं इंतज़ार,
क्यूंकि मुझे हो गया है तुझसे प्यार,
तुम भी आ जाओ कर लो इकरार,
नहीं तो फिर से आ जायेगा वो इतवार। 

दुनिया मुझे कहती है मोहब्बत में बीमार,
क्यूंकि साथ मिला है तेरा मुझे बेशुमार ,
तेरे दरवाज़े पे बैठा है एक पहरेदार,
हम कैसे जा पाएंगे छोड़कर घर-बार। 

© नीतीश तिवारी