भरोसा रूह का होता तो मोहब्बत मुकम्मल होता ,
पर उसने दीवानगी भी दिखायी तो सिर्फ जिस्म के खातिर। 

क़त्ल करने की अदा से बखूबी वाकिफ था वो,
जाते हुए मुस्कुरा कर कह दिया - 'तुम भी अच्छे थे '।  

नीतीश  तिवारी