Tuesday, 11 June 2019

मोहब्बत को सलामत रख पाता हूँ।









Pic credit : Google.





तेरी जुल्फों के छाँव तले तेरे होठों की प्यास बुझाता हूँ।
मैं अपनी आरज़ू को इबादत की तरह अपनाता हूँ।
मेरी जिंदगी कभी खत्म ना हो तेरे बगैर।
यही दुआ करके अपनी मोहब्बत को सलामत रख पाता हूँ।

©नीतिश तिवारी।

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