Sunday, 27 January 2019

Ishq mein pagal ho jaunga.






















Image courtesy - Google.







यूँ ना देखो ऐसे, मैं घायल हो जाऊँगा,
तेरे इस हुस्न का, मैं कायल हो जाऊँगा,
मेरे गीतों की गुनगुन सुनाई नहीं देती तो,
तेरे इन पैरों का, मैं पायल हो जाऊँगा।

अब के बरस प्यासी मत रहना तुम,
सावन का नया, मैं बादल हो जाऊँगा।
अश्कों को गिरने ना दूँगा पलकों से,
तेरी इन आँखों का, मैं काजल हो जाऊँगा।

सजने को जी करे जब तेरा तो बता देना,
तेरी इन बाहों का, मैं आँचल हो जाऊँगा
अब कितनी मोहब्बत करेगी रहने दे ना, 
 इश्क़ में एक दिन, मैं पागल हो जाऊँगा।

©नीतिश तिवारी।

26 comments:

  1. पागल हो के ही तो आशिक का मुकाम मिलेगा ... हो जाइए जनाब ...

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (29-01-2019) को "कटोरे यादों के" (चर्चा अंक-3231) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. रचना शामिल करने के लिए आपका धन्यवाद।

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  3. बेहद खूबसूरत शृंगार रस की रचना.बधाई

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  4. बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  5. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 30 जनवरी 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!


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    1. रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

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  6. बेहतरीन रचना

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    1. आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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  7. वाह !!बहुत ही सुन्दर सृजन
    सादर

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  8. वाहह. बेहतरीन सृजन।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  9. खूबसूरत श्रृंगार रचना वाह।

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  10. वाह!!!
    बहुत ही लाजवाब...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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  11. Replies
    1. आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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  12. बहुत सुन्‍दर भावों को शब्‍दों में समेट कर रोचक शैली में प्रस्‍तुत करने का आपका ये अंदाज बहुत अच्‍छा लगा,

    वक़्त मिले तो हमारे ब्लॉग पर भी आयें|
    http://sanjaybhaskar.blogspot.in

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    1. आपकी तारीफ के लिए शुक्रिया।

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