Sunday, 5 January 2020

ऐसे मौसम में।

फोटो : गूगल से साभार।







फूलों का रंग
गुलाबी और
तुम्हारे होठों
का भी
धूप की चादर
बिखरी है और 
सर्द हवाएँ भी
कौन होश में 
रह पाएगा
ऐसे मौसम में
जाम छलक ही
जाएगा ऐसे
मौसम में

©नीतिश तिवारी।

4 comments:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार (06-01-2020) को 'मौत महज समाचार नहीं हो सकती' (चर्चा अंक 3572) पर भी होगी।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं…
    *****
    रवीन्द्र सिंह यादव

    ReplyDelete
    Replies
    1. मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

      Delete
  2. वाह
    बहुत सुंदर

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

      Delete