Monday, 9 September 2019

समंदर वाली मोहब्बत।

















Pic credit: Pinterest.





लहरों को किनारे
से देखते हुए
जब उसमें डूबने
का मन करे
तो उन आँधियों
के बीच
तूफानों को
चीरते हुए
आ जाना
मेरी बाहों में
मैं जी भरके
प्यार करूँगा
और किनारों
का एहसास
नहीं होने दूँगा।

©नीतिश तिवारी।

6 comments:

  1. प्रेम की गहरी अनुभूति है ये रचना ...
    लाजवाब ...

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  2. अत्यंत प्रेम से पगी

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (11-09-2019) को    "मजहब की बुनियाद"  (चर्चा अंक- 3455)    पर भी होगी।--
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  

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