तुम्हारे शहर से कई बार गुजरा हूँ मैं,
पर कभी भी वहाँ नहीं ठहरा हूँ मैं,
मोहब्बत की मजबूरियाँ मुझे मत सुनाया करो,
तेरे इश्क़ में बेवफाई से और निखरा हूँ मैं।

©नीतिश तिवारी।