एक बार फलक पर आ जाने तो दो,
इन चाँद सितारों का साथी बन जाने तो दो,
सलामी की ख्वाहिश नहीं बस याद रखना हमें,
एक बार आपकी दुआओं में शामिल हो जाने तो दो।

क्यों ना देखूँ मैं ख्वाब सब कुछ पाने का,
ये जीवन ही तो है सारे ग़मों को भूल जाने का,
कतरा कतरा आंसू बहे, लम्हा लम्हा ज़िन्दगी थमी,
फिर भी ढूंढ लिया है मैंने एक बहाना जीने का।

©नीतिश तिवारी।