फिर से वो धुरंधर आएगा।




















फिर से वो धुरंधर आएगा,
फिर से वो मंजर आएगा,
सूखी हुई बंजर में,
फिर से वो समंदर आएगा।


ना रुकना तुम्हे,

ना थमना तुम्हे,
बस चलते जाना है।
हार नहीं अल्प विश्राम है ये,
ज़िन्दगी का एक मुकाम है ये।

हार गए तो क्या हुआ,

जज्बा तो हमने दिखाया है,
हर मुश्किल में हर क्षण में,
सबके दिल को लुभाया है।

मन तो उदास बहुत है आज,

पर कल करेंगे फिर से प्रयास,
फिर से जमकर तैयारी होगी,
तब जीत सिर्फ हमारी होगी।

फिर से वो धुरंधर आएगा,

फिर से वो मंजर आएगा,
सूखी हुई बंजर में,
फिर से वो समंदर आएगा।

©नीतिश तिवारी।



Comments

  1. जय मां हाटेशवरी...
    आपने लिखा...
    कुछ लोगों ने ही पढ़ा...
    हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...
    इस लिये दिनांक 03/04/2016 को आप की इस रचना का लिंक होगा...
    चर्चा मंच[कुलदीप ठाकुर द्वारा प्रस्तुत चर्चा] पर...
    आप भी आयेगा....
    धन्यवाद...

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद ।

      Delete
  2. सच है इस बार नहीं तो क्या अगली बार फिर कोशिश करनी होगी .. जीत जरूर मिलेगी ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. बिल्कुल। कामयाबी जरूर मिलेगी। ब्लॉग पर पधारने के लिए आपका धन्यवाद।

      Delete

Post a Comment

पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएँ और शेयर करें।

ये भी देखिए।

Who is real jabra Fan? Gavrav or me-My letter to Mr. Shah Rukh Khan.

शायरी संग्रह

Ishq mein pagal ho jaunga.

तेरी मोहब्बत ने शायर बना दिया।

शाहरुख खान मेरे गाँव आये थे।

Gazal- Ishq Mein Awara

चुनावी महाभारत 2019- कृष्ण कहाँ हैं? अर्जुन पुकार रहे!

सोलहवाँ सोमवार।

खुद को राजा तुम्हें रानी कहूँगा।

Ishq phir se dubaara kar liya.