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Showing posts from 2019

अबके बरस तुम आना।

Photo credit: Pinterest. पिछले बरस तुम छोड़ गई थी, अबके बरस तुम आ जाना, तितली भँवरे सब कह रहे, तुम बगिया को महका जाना, सावन भादो बारह मास, तुम दिल पर बदरा गिरा जाना, पिछले बरस तुम छोड़ गई थी, अबके बरस तुम आ जाना। ©नीतिश तिवारी।

उम्मीदों से चलती ज़िन्दगी।

ख़बर तुम्हें भी है, पता मुझे भी है, मिलना नहीं हमें, वफ़ा फिर भी है। उम्मीदों से चलती ज़िन्दगी, ना रुकती कभी ये ज़िन्दगी, हार मानकार भी क्या होगा, जीतने का नाम है ज़िन्दगी। नववर्ष 2020 की शुभकामनाएँ। ©नीतिश तिवारी।

नए साल में मिलना, हम फिर से प्यार करेंगे।

Pic credit: pinterest 2019 अब बस चंद दिनों का मेहमान है। एक और साल बीत गया । कहते हैं समय किसी के लिए नहीं रुकता, सच है , बिल्कुल सच है। जिस तरह से तुमने साथ छोड़ा अब साल खत्म होते ही पुरानी यादें ताज़ा हो रही हैं। कदम बहके ना थे, होश खोया ना था, फिर भी तेरे जाने के बाद मैं क्यों इतना रोया था। इंतज़ार की आरज़ू आज भी है। हो सके तो नए साल में मिलना। सदी के बीसवें बरस में एक दूजे के होने का इंतजार करेंगे। हम फिर से एक दूसरे से प्यार करेंगे।  ©नीतिश तिवारी।

किताब में रखा ख़त।

Pic credit: pinterest. मेरी किताब में रखा तेरा खत बोसीदा हो गया है, लिखावट धुँधली हुई तो दिल मेरा संज़ीदा हो गया है, स्याही और ख़त आज दोनों मुझसे पूछ रहे हैं, तुझे चाहने वाला शख्स क्यों अलविदा हो गया है। बोसीदा- पुराना ©नीतिश तिवारी।

Shayari ek baar phir.

तेरी ख़्वाबों को अपनी नींदों में छुपा रखा है, तेरी खुशबू को अपनी साँसों में बसा रखा है, अब देर ना कर कहीं ये रात ना ढल जाए, तेरी आरज़ू को अपने दिल से लगा के रखा है। Teri khwabon ko apni neendon mein chhupa rakha hai, Teri khushboo ko apni sanson mein basa rakha hai, Ab der naa kar kahin ye raat naa dhal jaye, Teri aarzoo ko apne dil se laga ke rakha hai. ©नीतिश तिवारी।

मौत आएगी तो कहना मैं सो रहा हूँ।

मौत आएगी तो कहना उससे, अभी मैं सो रहा हूँ, बाद में आए। ज़िन्दगी ठीक चल रही है, अभी इसे ना सताए। जो लिखा है वही होगा, बेवजह का खौफ ना दिखाए। Maut aayegi toh kahna usse, Abhi mai so raha hoon, baad mein aaye. Zindgi thik chal rahi hai, Abhi na ise sataye. Jo likha hai wahi hoga, Bewajah ka khauf na dikhaye. ©नीतिश तिवारी। Ye bhi dekhiye:

Laghukatha- Naseeb Apna Apna

Pic credit: Pinterest. "असलम भाई एक चाय देना।"  दिसम्बर की ठंड में सुबह 6 बजे मैंने काँपते हुए कहा। "ये लीजिए तिवारी जी।" "अरे बिस्कुट भी तो दो।" "कौन सा?" "वही अपना पुराना वाला पर्लेजी।" चाय की पहली घूँट लेकर मैं बिस्कुट का रैपर फाड़ ही रहा था कि उधर से एक मोहतरमा बैग लटकाए और गले में आई कार्ड डाले आई।  शायद ऑफिस जा रही थी। "भईया एक मर्बोलो लाइट्स और एक चाय" मोहतरमा ने असलम भाई से माँगा। असलम भाई के लिए ये बिल्कुल नया नहीं था और होता भी तो वो दुकानदार थे इसलिए उन्होंने सिगरेट और चाय पकड़ा दिया।  मैं भी इधर चाय की चुस्की के साथ व्यस्त हो गया था। इतने में एक कुत्ता भौंकते हुए मोहतरमा की तरफ आया। शायद पुरानी जान पहचान रही होगी। लड़की कुत्ते को पुचकारने लगी तब तो मुझे पूरा यकीन हो गया कि पुरानी जान पहचान ही थी। लेकिन कुत्ता फिर भी भौंके जा रहा था। लगभग दो मिनट बाद लड़की ने असलम से गुड डे बिस्कुट माँगा और कुत्ते को खाने के लिए सड़क पर बिखेर दिया। उधर कुत्ता बड़े चाव से बिस्कुट ख

प्रेम गीत- काजल को स्याही बनाके।

                   Photo courtesy: Pinterest तेरी आँखों के काजल को स्याही बनाके लिख दूँ, मैं अपनी ग़ज़ल में तुझको हमराही बनाके लिख दूँ। तेरी पायल करती शोर है हम जब भी मोहब्बत करते हैं, इस पायल की छन छन को गवाही बनाके लिख दूँ। चाँद करता रहता है पहरा, पूर्णिमा की रात को, तुम कहती हो तो चाँद को सिपाही बनाके लिख दूँ। गुनाह है मोहब्बत में अगर छुप छुप कर मिलना, फिर मैं भी अपने को अपराधी बनाके लिख दूँ। ©नीतिश तिवारी। Also Read:  मेरी पहली किताब- फिर तेरी याद आई।

लघुकथा- कौन हो आदर्श?

Picture courtesy: Google.            राम प्रसाद जी को फिर से  पंचायत के मुखिया के तौर पर चुन लिया गया था। गाँव और समाज में युवाओं के बढ़ते हुए प्रभाव के कारण उन्होंने तय किया कि इस बार की पहली बैठक से ही युवाओं को शामिल किया जाएगा। बैठक शुरू हुई जिसमें पंचायत के बुजुर्ग और युवा भी शामिल थे।  "युवा शक्ति की ताकत बहुत बड़ी होती है। मैं चाहता हूँ कि पंचायत के सभी बच्चों और युवाओं के हाथ में भगत सिंह की किताब हो। सबको पता चलना चाहिए कि सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी की लड़ाई में कितना सार्थक योगदान दिया था। अगर चंदा करना पड़े तो करो लेकिन सबके पास आज़ादी की लड़ाई में शहीद हुए वीर सपूतों की कहानी पहुँचनी चाहिए।" राम प्रसाद जी ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा। जैसे ही उन्होंने अपना वक्तव्य खत्म किया तो पीछे से एक युवा भाई ने पूछा , "और नाथूराम गोडसे?" रामप्रसाद जी और बाकी पंचायत के सदस्य सोंच विचार में पड़ गए थे।  ©नीतिश तिवारी।

Change your way of thinking.

Photo credit: Pinterest  Depending on the situation You judge the people Is that your real judgement Or a result of any fiction You always walk in one side Not aware about the other side Ignoring the facts and figures You present the data which is Like a prime member  And that cannot be divide Don't always expect heads When you flip the coin It also gives you tail Change your thinking  Change your view Otherwise you'll only get hell. Also read:  It's about you my love. ©Nitish Tiwary.

मेरी पहली किताब- फिर तेरी याद आई।

2013 में जब इस ब्लॉग का निर्माण किया था और लेखन शुरू किया था तो कभी नहीं सोचा था कि एक किताब भी लिखूँगा।  मेरी पहली किताब ' फिर तेरी याद आई ' को मैंने इसी वर्ष सितम्बर के महीने में अमेज़न किंडल पर पब्लिश किया था। बड़े हर्ष के साथ आपको सूचित कर रहा हूँ कि मेरी किताब अब पेपरबैक फॉर्मेट में भी उपलब्ध है। Notion Press ने इसे छापा है। इसके लिए इनका आभार व्यक्त करता हूँ।  लेखन के क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने के लिए सभी पाठकों, मित्रों  और रिश्तेदारों का शुक्रिया। एक रोमांटिक फ़िक्शन उपन्यास पर भी काम कर रहा हूँ। उसके लिए भी आप सभी का आशीर्वाद चाहूँगा।  आप किताब यहाँ से आर्डर कर सकते हैं। धन्यवाद। https://amzn.to/2Y41Pzx ©नीतिश तिवारी।

Tum kya jano

Pic credit : Pinterest. तुम क्या जानों आशिक़ कैसे दिल को समझाते हैं, दिल टूटने पर आँसुओं की बारिश से भींग जाते हैं, लोग बेवफ़ाई के चर्चे कितने भी करें मगर, उस बेवफ़ा का नाम कभी जुबाँ पर नहीं लाते हैं। Tum kya jano ashiq kaise dil ko samjhate hain, Dil tootne par aasuon ki barish se bheeg jate hain, Log bewfai ke charche kitne bhi karen magar, Us bewfa ka naam kabhi juban par nahin laate hain. ©नीतिश तिवारी।

तुम्हारी ख्वाहिशें और मेरे सपने।

pic courtesy: pinterest तुम्हारी ख्वाहिशें और मेरे सपने। सर्दी नहीं पड़ रही है इस बार, जानती हो क्यों? क्यूँकि हमारे रिश्तों में गर्माहट नहीं है। तुम्हारे खयाल, तुम्हारी ख्वाहिशें, तुम्हारे उसूल, सब वाज़िब हैं। लेकिन मेरे सपनों की तिलांजली देकर तुम्हें ख़्वाब देखने का कोई हक़ नहीं है। मेरे अरमानों की चिता जलाकर तुम अपनी ख्वाहिशें पूरा नहीं कर सकती। रेल की पटरियों की तरह बनने की कोशिश मत करो। बनना है तो समंदर बनो जिसमें तुम्हारी ख्वाहिशों की गहराई होगी और उस गहराई में डूबकर मैं अपने सपनों को पूरा कर सकूँगा। बस इतना ही।  Love You  ‌©नीतिश तिवारी। ये भी पढ़िए:  सौंदर्य की साधना।

मैं भी अधूरा...

Pic courtesy: Pinterest. गीत। मैं भी अधूरा जीने लगा हूँ, तेरे ही खयालों में, बढ़ने लगी है उलझन मेरी, तेरे ही सवालों में। तुझे पाने की चाहत मेरी, अपना बनाने की आदत मेरी, बड़ी मुश्किल है कैसे बताएँ, तू ही है अब राहत मेरी। मैं भी अधूरा... जीना मैं तो तुझसे सीखा, हर बारिश में मैं हूँ भीगा, चैन मुझे मिल जाए अब तो, दर्द लगे है अब ये मीठा। मैं भी अधूरा .... ©नीतिश तिवारी।

Dard Shayari.

महकती हुई ख़त में, मुरझाया वो गुलाब होगा, जो आने वाला कल है वो लाजवाब होगा, तुझे देखना है बहुत कुछ अभी ज़िन्दा रह, तेरे दिए हुए एक एक दर्द का हिसाब होगा। Mahakti hui khat mein murjhaya wo gulab hoga, Jo aane wala kal hai wo lajawab hoga, Tujhe dekhna hai bahut kuch abhi zinda rah, Tere diye huye ek ek dard ka hisaab hoga. ©नीतिश तिवारी।

सौंदर्य की साधना।

Pic credit: Pinterest. सौंदर्य की साधना। काली घटा है घनघोर, बिजली का भी है शोर, सियाह-रात ऐसी है कि, मन व्याकुल है विभोर। पंख नहीं है उड़ने को, होश नहीं है चलने को, वो लथपथ है हुआ बेहाल, साँस आयी है रुकने को। पथ पर चलना गिरकर उठना, करता रहा सौंदर्य की साधना, आँसू उसके ऐसे बहते, जैसे कोई गिरता हुआ झरना। कर्म की ज्योत जलाने को, निकला था भवसागर पार, भाग्य की रेखा ऐसी पलटी, खत्म हो गया जीवन संसार। ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए।

अयोध्या पधारे प्रभु श्रीराम।

फिर से होगा अब कल्याण, अयोध्या पधारे प्रभु श्रीराम। धैर्य की अग्निपरीक्षा थी, प्रभु की यही इच्छा थी। राम को काल्पनिक बताने वाले, लोग थे भोले और नादान। असत्य पर सत्य की विजय हुई, अब होगा भव्य मंदिर निर्माण। श्रीराम करेंगे सबका बेड़ा पार, प्रेम से बोलो जय श्री राम। आप सभी को मंदिर निर्माण की बहुत सारी शुभकामनाएँ। ©नीतिश तिवारी। ये भी पढ़िए:  कितने राम आएँगे। ये भी देखिए।

ये घड़ी है सुखद मिलन की।

Pic credit : Pinterest. सम्बन्ध विच्छेद करोगे तुम तो प्रेम प्रगाढ़ कैसे होगा। पूनम की रात आ गयी है ये जिस्म  एक जान कैसे होगा। तुम्हें जो भी शिकायत है उसे टाल दो थोड़ी देर को। ये शब आज बर्बाद ना करो रुक जाने दो घड़ी के फेर को। हठ लगाए बैठे हो ना जाने कौन सी ज़ुल्म-ओ-सितम की मैं उसे भी सुन लूँगा पर ये घड़ी है सुखद मिलन की। कितनी सदियाँ बीत गयी उसके बाद तो आये हो नखरे भी तेरे सह लूँगा क्योंकि तुम ही  रूह में समाये हो। ©नीतिश तिवारी।

उसे पा लूँगा एक दिन।

Pic credit: Pinterest. मोहब्बत मेरी अधूरी है तो क्या, अभी खत्म तो नहीं हुई, साँस बाकी है अभी उसमें, अभी वो दफ़्न तो नहीं हुई, उसे पा ही लूँगा एक दिन इतना यकीन है मुझे, अभी तो कुछ शब्द लिखे हैं, अभी ये गीत नज़्म तो नहीं हुई। Mohabbat meri adhoori hai toh kya, abhi khatm to nahi huyi, Saans baki hai abhi usmen, abhi wo dafn toh nahin huyi, Use paa hi lunga ek din itna yakin hai mujhe, Abhi toh kuch shabd likhe hain, abhi ye geet nazm toh nahin huyi. ©नीतिश तिवारी। ye bhi dekhiye.

Jab Ishq hua tumse.

Pic credit: Pinterest. मैं इश्क़ करके तुमसे किस्से  बनाना चाहता था। पर इश्क़ हुआ जब तुमसे तुम तो कहानी बन गयी। Main ishq karke Tumse kisse Banana chata tha. Par ishq hua Jab tumse Tum toh kahani Ban gayi. ©नीतिश तिवारी। ye bhi padhiye:  इंद्रधनुष बन जाओगे क्या!

इबादत मैं करूँ सिर्फ तेरी।

Pic credit : Google. ख्वाब भी तेरे,  रौशनी भी तेरी, हुस्न भी तेरा,  तिश्नगी भी तेरी। एक मैं ही अधूरा, शाम-ए-महफ़िल में, ज़ुल्फ़ भी तेरी, सादगी भी तेरी। तू मिले या ना मिले, इबादत मैं करूँ, अब सिर्फ तेरी। Khwab bhi tere, Raushni bhi teri, Husn bhi tera, Tishnagi bhi teri,. Ek main hi adhoora, Shaam-ae-mehfil mein, Zulf bhi teri, Saadgi bhi teri. Tu mile ya na mile , Ibadat main karun, Ab sirf teri. ©नीतिश तिवारी।

Happy Diwali 2019

दीप उत्सव आया है, रौशनी की करो तैयारी, प्रेम स्नेह से प्रकाशित हो, ऐसी ही दुनिया हो तुम्हारी। Deep utsav aaya hai, Raushni ki karo taiyari, Prem sneh se prakashit hi, Aisi ho duniya tumhari. ©नीतिश तिवारी। आप सभी को दीपावली को ढेर सारी शुभकामनाएँ। Happy Diwali.

शायरी का असर देखिए।

मेरे ख्वाब हक़ीक़त में बदल रहे थे, कुछ लोग दूसरी तरफ चल रहे थे, मेरी शायरी और गज़ल का असर देखिए, वो मेरे हर्फ़ हर्फ़ से मचल रहे थे। Mere khwab haqiqat mein badal rahe the, Kuch log doosri taraf chal rahe the, Meri shayari aur ghazal ka asar dekhiye, Wo mere harf harf se machal rahe the . ©नीतिश तिवारी।

मैं तेरे लिए ही जी रहा हूँ।

पहले तो तुमसे प्यार हुआ, फिर तुम मेरी मोहब्बत बनी, और अब मैं तुमसे, इश्क़ कर रहा हूँ, मैं तेरे लिए ही, जी रहा हूँ। Pahle toh tumse pyar hua, Fir tum meri mohabbat bani, Aur ab main tumse, Ishq kar raha hoon, Main tere liye hi, Jee raha hoon. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए।

'Jacqueline I am coming' is the obsession of Love.

'Jacqueline I am coming' is the obsession of Love.  नमस्कार दोस्तों, हाल ही में मैंने एक फ़िल्म देखी जिसका नाम है- Jacqueline I am coming . अब आप सोच रहे होंगे कि ये ग़ज़ल और शायरी लिखने वाला बंदा फ़िल्म का review क्यों लिख रहा है । इसका कारण ये है कि ये अपनी परिवार की फ़िल्म है। जी हाँ सही पढ़ा आपने, ये अपने परिवार की फ़िल्म है क्यूँकि  मेरे मामा इस फ़िल्म के लेखक और निर्देशक हैं। बड़े मामा Pinku Dubey ने इस फ़िल्म को लिखा है और इन्हीं  के अनुज Banty Dubey ने फ़िल्म को निर्देशित किया है। बरसों तक Mumbai में संघर्ष करने के बाद का सुखद परिणाम इस फ़िल्म के रूप में आया है।  किसी God father के बिना और किसी बड़े production house के support के बिना भी इस फ़िल्म का सफल रिलीज इस बात का प्रमाण है कि चाहे परिस्थितियाँ  कितनी भी प्रतिकूल हों, अगर आप मेहनत करेंगे तो मंजिल जरूर मिल जाएगी। Director Banty Dubey(middle) at BVFF If we talk about star cast of the movie तो इसमें Raghuvir Yadav मुख्य भूमिका में हैं। इनकी पत्नी का रोल प्ले किया है Diiva Dhanoya ने । साथ ही सह अ

इंद्रधनुष बन जाओगे क्या!

Pic courtesy: Pinterest. रात को ख़्वाब में मिलने मुझे आओगे क्या, फिर सुबह मीठी चाय मुझे पिलाओगे क्या। दिन भर की थकान से बदन टूट जाता है, शाम को घर आने पर मेरे पाँव दबाओगे क्या। ज़िन्दगी में नए रंग देखने की ख्वाहिश है, तुम मेरा इंद्रधनुष बन जाओगे क्या। ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए। 

कितने राम आएँगे।

Pic credit: Google. जब राम उठाएंगे धनुष फिर रावण जलेगा तो क्या  अंदर बाहर कितने रावण भरे हुए हैं जीवन में सबके फिर कितने राम आएंगे किस रावण को मारेंगे खुद ही करना होगा उद्धार राम नहीं अब तारण हार जल गई सोने की लंका अयोध्या भी है सरयू पार तुम गाँठ बाँध लो जीवन में त्रेता नहीं ये कलयुग है राम राज्य ना आएगा कितने राम आएंगे किस रावण को मारेंगे। ©नीतिश तिवारी।

Shayari fir se.

कलम का जोर कब तक दिखाओगे तुम, स्याही खत्म होने के बाद उसे भुलाओगे तुम, खत्म कर दो दास्ताँ बंद करो ये कहानी, बिखरे हुए पत्तों को कब तक जलाओगे तुम। Kalam ka jor kab tak dikhaoge tum, Syahi khatm hone ke baad use bhulaoge tum, Khatm kar do dastan band karo ye kahani, Bikhre huye patton ko kab tak jaaoge tum. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए।

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