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Showing posts from 2020

Siyasat-daan ho gaye ho kya!

  Pic credit: Unsplash dot com मेरे ज़ख्मों से तुम अनजान हो गए हो क्या, जहालत की पहचान हो गए हो क्या, मुझसे किए वादे तुम इतनी जल्दी भूल जाते हो, तुम भी आजकल सियासत-दान हो गए हो क्या। Mere zakhmon se tum anjaan ho gaye ho kya, Jahalat ki pahchaan ho gaye ho kya, Mujhse kiye waade tum itni jaldi bhool jate ho, Tum bhi aajkal siyasat-daan ho gaye ho kya. ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए:

Dard shayari- मासूम मोहब्बत का क़त्ल किया था उसने।

सिर्फ़ अपनी हिज़्र के ख़ातिर वस्ल किया था उसने, रक़ीब के जीस्त में अपना दख्ल दिया था उसने, तहक़ीकात करने पर बोलने लगे कि यही रिवायत है, मेरी मासूम मोहब्बत का कुछ यूँ क़त्ल किया था उसने। Sirf apani hizr ke khatir wasl kiya tha usne, Raqeeb ke jeest mein apna dakhal diya tha usne, Tahqiqaat karne par bolne lage ki yahi riwayat hai, Meri masoom mohabbat ka kuch yun katl kiya tha usne. ©नीतिश तिवारी।  

How to propose to your first love in new year 2021?

Photo credit: Pinterest. How to propose to your first love in New year 2021 ? नए साल में अपनी पहली मोहब्बत को कैसे प्रोपोज करें? अंग्रेज़ी नववर्ष दस्तक देने को है। साजिशन तैयार किए हुए वुहान वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया त्रस्त है। ऐसे में हो सकता है कि हर साल की भांति इस साल नए साल के स्वागत में उतना Celebration ना हो।  बाहर जाना सबके लिए मुमकिन ना हो और इस वक़्त avoid भी करना चाहिए। लेकिन ज़िंदगी में Celebration होते रहना चाहिए और नए साल के स्वागत में तो जरूर होना चाहिए। लेकिन सवाल तो ये है कि Celebration कैसे करें? अपने साथी, अपने महबूब, अपने दोस्त के साथ कैसे enjoy करें? Lockdown में रोज आपने नए नए पकवान जरूर बनाए होंगे। इस गुलाबी सर्दी में उस पकवान को बनाकर और खाकर अपने रिश्तों में गरमाहट ला सकते हैं। मैंने तो कल ही गाजर का हलवा खाया था। अपने साथी के लिए उसके मनपसंद का भोजन तैयार करिये और बस परोस दीजिए। फिर वो ये कहने से अपने आप को नहीं रोक पाएँगे। "मेरी चाहत को आज पूरी हो जाने दो  इस स्वादिष्ट व्यंजन को जी भर कर खा लेने दो"  प्यार के इज़हार करने का इससे बढिया तरीका नहीं हो

ख़त का जवाब रखा था हमने।

Pic credit: pinterest. मुलाक़ातों के दौर का ख्वाब देखा था हमने, उनके लिए हर रंग का गुलाब रखा था हमने, रश्क इतना कि वो हमारे मैय्यत पर भी ना आए, जनाज़े के बगल में ख़त का जवाब रखा था हमने। Mulaqaton ke daur ka khwab dekha tha humne, Unke liye har rang ka gulaab rakha tha humne, Rashk itna ki wo humare maiyyat par bhi naa aaye, Janaje ke bagal mein khat ka jawab rakha tha humne. उस बेवफ़ा का आज भी मैं एहतराम करता हूँ, अपनी शायरी में 'उसका' नहीं, 'उनका' लिखता हूँ। Us bewfa ka aaj bhi main ehtaraam karta hoon, Apni shayari mein 'uska' nahi, 'unka' likhta hoon. ©नीतिश तिवारी।  

गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत।

  गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत। मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है, रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है। मिलने जुलने की कोशिश में, सदियों मैंने गुजार दिया। 2 बाकी रहा ना अब कुछ मुझमें, दिल तो पहले ही हार दिया। कैसे बताऊँ तुझसे मैं, कितनी मोहब्बत करती हूँ। 2 तुमने भेजे थे ख़त जो, मैं हर रोज वो पड़ती हूँ। अबके सावन भी ना आए, फिर ये बारिश किसके लिए है। 2 मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है, रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है। ©नीतिश तिवारी।                               ये भी देखिए:

मुझे तीन बार इश्क़ हुआ है।

  Pic credit: Google. मुझे तीन बार इश्क़ हुआ है पर हर बार सिर्फ़ धोखा मिला है। पहला इश्क़ दोस्ती दूसरा इश्क़ मोहब्बत और तीसरा इश्क़ तो इश्क़ ही था। अफसोस बस ये रहा कि तीनों इश्क़ ने साथ नहीं निभाया बस किया और छोड़ दिया। ©नीतिश तिवारी। iwillrocknow.com

मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं।

  Pic credit: google. बेबसी का ये आलम, बिन बारिश का ये सावन, हक़ अदा करें भी तो कैसे, रूठ गया है मोरा साजन। Bebasi ka ye aalam, Bin barish ka ye savan, Haq ada karen bhi toh kaise, Rooth gaya hai mora sajan. पिछली दीदार के खूबसूरत लम्हों को आँखों में सजाए रखते हैं, हम उनसे मुलाक़ात के इंतज़ार में अपनी पलकें बिछाए रखते हैं, वो घड़ी मोहब्बत की, वो उनके चेहरे का भोलापन, हर रोज दिल में एक मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं। Pichhli deedar ke khoobsurat lamhon ko aankhon mein sajaye rakhte hain, Hum unse mulaqaat ke intzaar mein apni palken bichhaye rakhte hain, Wo ghadi mohabbat ki, wo unke chehre ka bholapan, Har roj dil mein ek milan ki aarzoo jagaye rakhte hain. ©नीतिश तिवारी।

दिल नादान, परेशान हो जाए तो क्या?

  मुझे नहीं मिलता सुकून, कहाँ गया वो जुनून, हर चीज को पाने की ज़िद। ना कुछ भी खोने  का डर। दिल नादान, परेशान हो जाये तो क्या, सामने वाला हैरान हो जाये तो क्या, अपनी धुन में जो मगन रहा, उसी का मस्त  जीवन रहा। ©नीतिश तिवारी।

गाना-- ये दिल धड़कने लगा है।

ये दिल धड़कने लगा है, ये जब से तुमसे मिला है। 2 तेरी साँवली सूरत पर क्यों, ये दिल अब मरने लगा है। 2 वो पहली नज़र में देखना तुमको, देखके तुमको यूँ मेरा तड़पना। और फिर इस दिल का धड़कना, इज़हार-ए- मोहब्बत को मेरा झिझकना। मेरा दिल धड़कने लगा है, ये जब से तुमसे मिला है। 2 मेरी ख्वाहिश  कि तुमको जी भर के देखूँ, हर पल मैं सिर्फ तुमको ही सोंचूं। 2 अब हर कोई ये कहने लगा है, मुझे इश्क़ ये होने लगा है। 2 मेरा दिल धड़कने लगा है, ये जब से तुमसे मिला है । 2 तेरी साँवली सूरत पर क्यों, ये दिल अब मरने लगा है। 2 ©नीतिश तिवारी।  

तूफ़ानों का रुख़ मोड़ देता हूँ।

  लोग जब ख़ैरियत तक नहीं पूछते मेरी, खुद से ही मोहब्बत कर लेता हूँ। जलते दीये को जब आँधियों का डर होता है, मैं तूफ़ानों का रुख मोड़ देता हूँ। Log jab khairiyat tak nahi poochhte meri, Khud se hi mohabbat kar leta hoon, Jalte diye ko jab aandhiyon se dar hota hai, Main toofan ka rukh mod deta hoon. ©नीतिश तिवारी।

साहिल कर दिया।

तुम्हारे श्रृंगार के ओज ने  मेरे अस्तित्व को धूमिल कर दिया। प्रेम के सागर में डूबने की तमन्ना थी मेरी तुमने तो मुझे साहिल कर दिया। Tumhare shringaar ke ooj ne Mere astitwa ko Dhoomil kar diya. Prem ke sagar mein doobne Ki tamanna thi meri Tumne toh mujhe shahil kar diya. ©नीतिश तिवारी। ये भी सुनिए।  

इश्क़ करने की औकात नहीं होती।

  ज़ख्म-ए-ग़म ना मिले तो आँसुओं की बरसात नहीं होती, भटकते हैं उसकी गलियों में फिर भी मुलाक़ात नहीं होती, इश्क़ से परहेज़ करने को वही लोग कहते हैं, जिनकी इश्क़ करने की कभी औकात नहीं होती। Zakhm-e-gham na mile toh ansuon ki barsaat nahi hoti, Bhatakte hain uski galiyon mein phir bhi mulaqat nahi hoti, Ishq se parhez karne ko wahi log kahte hain, Jinki ishq karne ki kabhi aukaat nahi hoti. ©नीतिश तिवारी।

हर रोज वो नज़र रखते हैं।

फ़ोटो: गूगल से साभार। लहज़े में मोहब्बत और दिल में ज़हर रखते हैं, कुछ लोग दर्द देने का कमाल का हुनर रखते हैं, हमारे पुराने ज़ख्म को वो भरने भी नहीं देते, हमारी नयी मोहब्बत पर हर रोज वो नज़र रखते हैं। Lahze mein mohabbat aur dil mein zehar rakhte hain, Kuch log dard dene ka kamaal ka hunar rakhte hain, Humare purane zakhm ko wo bharne bhi nahi dete, Humari nayi mohabbat par har roj wo nazar rakhte hain. © नीतिश तिवारी। ye bhi dekhiye:  

WhiteHat Jr में पैसा देकर अपने बच्चे का बचपन बर्बाद मत करिए।

  आप सभी ने पिछले कई महीनों से और खासकर जब से lockdown हुआ है tv पर और सोशल मीडिया में एक ad जरूर देखा होगा। वो है वाइट हैट जूनियर का। White hat का हिंदी मतलब होता है सफेद टोपी और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सच में ये लोग इंडियन पेरेंट्स को टोपी ही पहना रहे हैं।  छोटे से जीव को जावा में उलझा रहे हैं जबकि इनके टीचर्स को जावा और जावा स्क्रिप्ट का बेसिक difference  नहीं पता।  चिंटू वाला एड तो आपने देखा ही होगा कि कैसे चिंटू ने एक app बनाया और उसके घर उस app को खरीदने के लिय इन्वेस्टर्स में लड़ाई होने लगी।  एक छोटी बच्ची बोल रही थी कि उसने एक app बनाया है जिससे कि गरीबी हट जाएगी। like seriously? White hat jr की उस बच्ची से सादर अनुरोध है कि उस app को भारत के सभी नेताओं के मोबाइल में इनस्टॉल करवाये और झारखंड और उड़ीसा लेकर जाए।  ऐसा नहीं है कि बच्चे सीख नहीं सकते या app नहीं बना सकते लेकिन जिस तरीके से इसका प्रचार किया जा रहा है वो समझ से परे है। मतलब मैंने mca किया है और मैं आपको बता सकता हूँ कि coding के लिए reasoning , logical ability और मैथ्स का आना बेहद जरूरी है। programming lanaguge तो ब

नया नया आशिक़ हुआ है।

  Pic credit: Google. उसकी यादों का ज़ख्म हर रोज चुभता है, इश्क़ का मरहम अब कहीं नहीं मिलता है, मेरा दोस्त आजकल नया नया आशिक़ हुआ है, वो भी अब मेरे साथ ही रहता है।  Uski yadon ka zakhm har roj chubhta hai, Ishq ka marham ab kahi nahi milta hai, Mera dost aajkal naya naya ashiq hua hai, Wo bhi ab mere saath hi rahta hai. ©नीतिश तिवारी।

हमरा पर भरोसा काहे नइखे।

हमरा पर भरोसा काहे नइखे। सुना ऐ माई, हमरा पर भरोसा काहे नइखे, तोहार बेटा हउवे क़ाबिल, क़ाबिल, मत तू समझ एकरा जाहिल, जाहिल। सुना ऐ माई हमरा पे भरोसा काहे नइखे। साहित्य बा एकरा ख़ातिर वंदन, वंदन। करेला सबके मनोरंजन, मनोरंजन एक दिन कमाई खूब पईसा, पईसा, रही स्टार के जईसा जईसा। ©नीतिश तिवारी।  

तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया।

  Pic credit : Twitter. बात करने से ही तो बात होती है, तुम आना इधर फिर मुलाक़ात होती है, इंतज़ार करते करते एक अरसा बीत गया, क्या ऐसी ही मोहब्बत की सौगात होती है। Baat karne se hi toh baat hoti hai, Tum aana idhar phir mulaqat hoti hai, Intzaar karte karte ek arsa beet gaya, Kya aisi hi mohbbat ki saugaat hoti hai. दर्द के बिस्तर पर, गम की चादर ओढ़कर, तुम्हारे बेवफ़ाई के तेवर को सुला दिया, कल चाँदनी रात में, चाँद का दीदार करके, तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया। Dard ke bistar par, Gham ki chadar odhkar, Tumhre bewfai ke tewar ko sula diya, Kal chandni raat mein, Chaand ka didaar karke, Tumhen humesha ke liye bhulaa diya. ©नीतिश तिवारी।

मुफ़्त की सलाह देने वालों के लिए एक सलाह।

आपके भी लाइफ में मुफ़्त की सलाह देने वाले लोग आपसे टकरा ही जाते होंगे।  जैसे मैं आपको बताता हूँ ।  बचपन में:  आंटी जी- "बेटा जब देखो तब तुम लड्डू ही खाते रहते हो, बड़े होने पर डॉयबिटीज हो जाएगा।" मैंने कहा, " आँटीजी सुनिए, हमारे पिताजी ला रहे हैं तो हम लड्डू खा रहे हैं।  अब आप चिंटू को लड्डू नहीं खिला रहीं और अभी से डायबिटीज के दवाई का खर्चा बचा रही हैं तो हम क्या करें।" वही आँटीजी कुछ दिन बाद: "बेटा घर में चीनी है? लाओ एक ग्लास दे दो जरा, चिंटू के पापा के लिए चाय बनानी है।" हमने भी तपाक से जवाब दे दिया, "क्यों आँटीजी, उस दिन तो आप मुझे लड्डू खाने पर बहुत ज्ञान दे रहीं थी। अब कहाँ चला गया आपका डायबिटीज?" "अरे बेटा चाय तो बनानी ही पड़ेगी नहीं तो चिंटू के पापा को डायबिटीज तो बाद में होगा, उससे पहले उनके चिल्लाने से हार्ट अटैक मुझे जरूर हो जाएगा।" बचपन खत्म होने के बाद कॉलेज में : दोस्त: "यार, तेरी कोई गर्लफ्रैंड भी नहीं है, मैं तो खूब  मस्ती करता हूँ। लड़कियों को घुमाना, पिक्चर दिखाना और..." मैंने कहा, " अबे कौन से शास्त्र में

तुम आग नहीं बनना अबकी बार, मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा।

Pic credit: Google. तुमने खामोशी इख़्तियार करने को कहा था,  मैं गीत नहीं गाऊँगा, तुम्हारी यादें सिरहाने पर दस्तक देती हैं,  मैं तुम बिन नहीं सो पाऊँगा, मोम का दिल था मेरा,   इसलिए ये जलकर पिघल गया ,   तुम आग नहीं बनना अबकी बार,  मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा।  Tumne khamoshi ikhtiyaar karne ko kaha tha, main geet nahi gaunga, Tumahri yaden sirhane par dastak deti hain, main tum bin nahi so paunga, Mom ka dil tha mera, isliye ye jalkar pighal gaya, Tum aag nahi banna abki baar, main pathar dil ban jaunga. ©नीतिश तिवारी।  

शाम को सहर कर गयी है।

                        Pic credit: Google. जहरीले इश्क़ की दवा थोड़ी असर कर गयी है, अजीब दुआ थी उसकी जो शाम को सहर कर गयी है, रात भर करती रही वो सज़दा मुझसे बिछड़ने की, सुबह खबर आई कि मेरी फाँसी मुकर्रर हो गयी है। Zahreele ishq ki dawa thodi asar kar gayi hai, Ajeeb duwa thi uski jo shaam ko sahar kar gayi hai, Raat bhar karti rahi wo sazda mujhse bichchdne ki, Subah khabar aayi ki meri fansi mukarr ho gayi hai. ©नीतिश तिवारी।  

बेटा या बेटी --समाज की सच्चाई।

Pic credit : pinterest. घरवाले परेशान हैं उनकी तबियत देखकर, लोग मिलने आ रहे हैं उनकी हैसियत देखकर, बेटी होती तो आज रोने लगती बाप के हश्र पर, बेटे ने आने से मना कर दिया वसीयत देखकर। Gharwale pareshaan hain unki tabiyat dekhkar, Log milne aa rahe hain unki haisiyat dekhkar, Beti hoti toh aaj rone lagti baap ke hasrr par, Bete ne aane se mana kar diya wasiyat dekhkar. ©नीतिश तिवारी।  

गाँव की लड़कियों में भी अजीब चलन का दौर है।

Pic credit: pinterest. सुनहरी यादें दिल में बसर कर जाती हैं, महबूब शायराना हो तो शायरी असर कर जाती है, गाँव की लड़कियों में अजीब चलन का दौर है, पानी भरने भी वो खूब  सँवर कर जाती हैं। Sunahari yaden dil mein basar kar jaati hain, Mehboob shayarana ho toh shayari asar kar jaati hai, Gaon ki ladkiyon mein bhi ajeeb chalan ka daur hai, Paani bharne bhi wo khoob sanwar kar jaati hai. ©नीतिश तिवारी।  

मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

  दिल को फिर से तोड़ने का हौसला कर लिया है, रोजाना मोहब्बत करने का फैसला कर लिया है, तुम कहते हो इश्क़ के समंदर में मैं डूब जाऊँगा, किनारों से कह दो, मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है। Dil ko phir se todne ka hausla kar liya hai, Rojana mohabbat karne ka faisla kar liya hai, Tum kahte ho ishq ke samandar mein main doob jaunga, Kinaron se kah do, maine unse fasla kar liya hai. ©नीतिश तिवारी।

ख़त में महकते हुए फूल मज़ार तक पहुँच गए।

  Pic credit: Google. अरमानों की अर्थी को ख्वाबों की चिता पर सुलाती है, ज़िन्दगी कुछ नहीं कर पाती जब मौत बेवक़्त आती है। टूटे नाव की सवारी करके  दरिया पार करने से, ज़िन्दगी दूर चली जाती है, मौत अपने पास बुलाती है। हिज़्र की फिक्र तब नहीं थी जब वस्ल ने दामन थामा था, अब जो कारवाँ उजड़ गया तो ज़िन्दगी कहाँ रह जाती है। बाग से फूल निकले, ख़त में महकते हुए मज़ार तक पहुँच गए, पर अब भी उसके यादों की खुशबू इस दिल को बहुत सताती है। ©नीतिश तिवारी।

अपने दूर हो रहे हैं।

अतीत के जख्म,  भविष्य के सुनहरे ख़्वाब, ज़िन्दगी में हैं कई सवाल, जिसके ढूँढने हैं हमें जवाब। उम्र लंबी होती जा रही, परछाईं छोटे हो रहे हैं, सौतेला व्यवहार है ये किसका, अपने दूर हो रहे हैं। ©नीतिश तिवारी।

वस्ल का इंतज़ार मत कर।

अंधेरों का बोलबाला है, रौशनी का इंतज़ार मत कर, तू टूटी हुई नाव में कभी दरिया पार मत कर, जिसके हिज़्र में तुमने तमाम गज़लें लिख डालीं, ऐसे शख्स से कभी वस्ल का इंतज़ार मत कर। Andheron ka bolbala hai, raushni ka intzaar mat kar, Tu tooti huyi naaw mein kabhi dariya paar mat kar, Jiske hizr mein tumne tamaam gazalen likh dali, Aise shaksh se kabhi wasl ka intzaar mat kar. ©नीतिश तिवारी।  

इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो...

Pic credit: Google. सिर्फ़ पा लेना ही प्यार नहीं, उसे मरते दम तक चाहना भी प्यार है। ये बात कहने वाले ये नहीं समझ पाते कि उस चाहत में तड़प ज्यादा होती है। तड़प होती है किसी और के लिए उसे मुस्कुराते देखते हुए। तड़प होती है जब वो किसी और की बाहों से लिपटकर उससे मोहब्बत करती है। चाहत और मोहब्बत के बीच के फर्क को सिर्फ़ वो आशिक़ बयाँ कर सकता है जिसने आठों पहर, बारह मास, अब भी उसे पाने के ख़्वाब देखता है। आशिक़ को फर्क ही नहीं पड़ता कि वो किसी और की हो चुकी है। शायद इसलिए कि उसने उसे तन से तो जुदा हो जाने दिया लेकिन अपने मन से कभी निकाल नहीं पाया। भूलकर करता भी तो क्या? इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो इश्क़ की दास्तानें ना होतीं। वफ़ा अगर इतना खुदगर्ज़ होता तो आशिक़ इतने दिवाने ना होते। ©नीतिश तिवारी। पोस्ट पसंद आयी हो तो इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं। @poetnitish  

वक़्त का हिसाब देखो।

  सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो, नींद में भी खिलता गुलाब देखो, मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या, वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो। So jao aur tum khwab dekho, Neend mein bhi khilta gulab dekho, Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya, Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho. ©नीतिश तिवारी। इंस्टाग्राम पर फॉलो करिये। @poetnitish

जब सीख लेना इश्क़।

  Pic credit: Google . जब देखना मुझे तो किसी और को ना देखना, जब चाहना मुझे तो सिर्फ मुझे ही चाहना, इस उम्र में अक्सर हो जाया करती हैं नादानियाँ, जब सीख लेना इश्क़ तो किसी और से मत करना। Jab dekhna mujhe toh kisi aur ko na dekhna, Jab chahna mujhe toh sirf mujhe hi chahna, Iss umr mein aksar ho jaya karti hain nadani ham, Jab seekh lena ishq toh kisi aur se mat karna. आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ। ©नीतिश तिवारी।

तुझमें मेरा कुछ नहीं।

                                             Pic credit : pinterest.       तुझमें मेरा कुछ नहीं तो        बस इतना ही एहसान कर दे,     जो इश्क़ किया था तुझसे      उसको अब वापस कर दे।        मैं सहेज लूँगा तेरी यादों को,       दिल में रखूँगा तेरी बातों को        नींद आये मुझे या ना आये,        मैं रोज देखूँगा उन ख्वाबों को।        ©नीतिश तिवारी। Please like my facebook page. facebook.com/poetnitish    

उसको तुम बता देना...

निभा सको तो मेरा किरदार निभा देना, जता सको तो तोड़ा प्यार जता देना, इस नाउम्मीद जिंदगी में तुमसे है उम्मीद ज़रा, तड़पू जो किसी की ख़ातिर तो उसको तुम बता देना. ©नीतिश तिवारी। Ye bhi padhiye:  My letter to Dhoni  

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