Why heart is so delicate

















Pic courtesy: Google









ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है ,
जब धड़कते हो मेरे सीने में,
तो किसी और के लिए यह शोर क्यों है,
ए दिल तू इतना कमजोर क्यों है।

तेरी इस बेरुखी से मैं अनजान हूँ,
तेरी इन गलतियों से मैं परेशान हूँ,
जब तू ऐसा करेगा, तो सोच मेरा क्या होगा,
मशीन ना समझा कर मुझे, मैं भी एक इंसान हूं।

सोच नहीं पाता हूँ कि,
तुझ पर उसका जोर क्यों है,
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है,
जब धड़कते हो मेरे सीने में,
तो किसी और के लिए यह शोर क्यों है।
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है।

बता तो सही, या फिर मैं कुछ कर जाऊँ,
तुझे निकाल कर फेंक दूँ , या जीते जी मर जाऊँ,
मुझे यूँ जो तू वक्त-बेवक्त तड़पाएगा,
क्या मेरे बिन तू मुकम्मल रह पाएगा।

जब चलता हूँ मैं सीधी राह पर,
तो तू अक्सर लेता मोड़ क्यों है,
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है,
जब धड़कते हो मेरे सीने में,
तो किसी और के लिए शोर क्यों है।
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है।

तू महफिलों में अकेला कर देता है,
तन्हाइयों में मुझे घेर लेता है,
जानते हो कि मैं नहीं सह सकता,
तो तू क्यों इतना दर्द देता है।

ये भी पढ़िए: तुझे लगता है।

मैं दिखता हूँ मजबूत बेशक,
पर तेरा नाजुक ये डोर क्यों है,
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है,
जब धड़कते हो मेरे सीने में तो,
किसी और के लिए शोर क्यों है।
ऐ दिल तू इतना कमजोर क्यों है।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।