Friday, 29 March 2019

इंतज़ार और आचार संहिता।


















अगर शब्दों में पिरो दूँ तुम्हें तो मेरी अमृता हो तुम,
इज़हार कैसे करूँ, चुनावी आचार संहिता हो तुम।


इंतज़ार की घड़ी खत्म हुई अब ऐतबार होगा,
तू जमाने की परवाह मत कर, अब सिर्फ प्यार होगा।


©नीतिश तिवारी।

Thursday, 28 March 2019

एक खयाल.... सिर्फ तुम।













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एक खयाल.... सिर्फ तुम।

तेरी सुनहरी यादों में विचरण करते हुए एक एहसास होता है। हमने रेत पर किले बनाए थे वो ढह गए होंगे। कसूर तुम्हारा था, मेरा था या उस हवा के झोंके का, मालूम नहीं। पर रेत का वो किला बहुत सुंदर था, बिल्कुल तुम्हारी तरह। मोहपाश के बंधन में जकड़ा हुआ प्रेम आखिर कब तक चलता। उसे तो बिखरना ही था, सो बिखर गया। ऊपर से जमाने के ज़ुल्म-ओ-सितम ने हमारे ज़ख्म को और गहरा कर दिया। लेकिन इन ज़ख्मों पर मरहम लगाने को तेरी बातें हैं। मेरे कानों में अभी भी गूँजती हैं तुम्हारी जादुई बातें, वही जो तुमने हमसे कहा था। तुमने कहा था कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ और ताउम्र करती रहूँगी। पर शायद हमारे प्यार की उम्र ज्यादा लंबी ना थी। थोड़ी थी पर हसीन थी। तुमने मुझे जीने का मकसद दे दिया। अगर इसे धोखा कहूँगा तो हमारे प्यार की बेइज्जती होगी। रहने दो, फिर लिखूँगा कभी, और जज़्बात, अपने दिल के हालात। 

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 26 March 2019

काश तुम...













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काश तुम बेवफ़ाई ना करती,
मजबूरियाँ ना गिनाती,
फिर हम एक दूजे के होते,
नदी किनारे सीप से मोती चुगते,
तन्हाई को मात देते,
ख्वाबों में हसीन सपने देखते,
एक दूसरे में समा जाते,
मोहब्बत के गीत गाते।
 उन लम्हों को मैं सहेज पाता,
जो तेरे संग बिताए थे,
उन गलियों में फिर से जा पाता,
जो हमारे मिलन की गवाह थी,
काश!


©नीतिश तिवारी।

Monday, 25 March 2019

तू हुस्न की रानी है।













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तेरी इन आँखों की पूरी दुनिया दीवानी है,
सब लोग तुमपे मरते हैं ये उनकी नादानी है,
इश्क़ तो तुमसे कोई भी कर लेगा क्योंकि,
जमाने को मालूम है कि तू हुस्न की रानी है।

Teri in aankhon ki poori duniya deewani hai,
Sab log tumpe marte hain ye unki naadani hai,
Ishq to tumse koi bhi kar lega kyunki,
Zamane ko maaloom hai ki tu husn ki rani hai.

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 24 March 2019

हमने तरक्की कर ली।









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हमने तरक्की कर ली।

घड़े के शीतल जल से नाता अब टूट गया,
प्यूरीफाइड वाटर से नाता अब जुट गया।
कुएँ के पानी की मिठास अब नहीं रही,
शहर के सप्लाई पानी ने उसकी जगह ले ली।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

मिलने जुलने का नहीं है समय किसी के पास,
वीडियो कॉलिंग में जताते हैं अपना होने एहसास।
हाल चाल पूछने में  हमको शर्म आ जाती है,
मिनटों में फेसबुक पर स्टेटस अपडेट हो जाती है।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

पाँव छूने की जगह लोग घुटने छू कर जाते हैं,
पुराने रीति-रिवाज को ये ढोंग बतलाते हैं।
घर में बच्चों के लिए नैनी लगा कर रखते हैं,
बूढे माँ-बाप को वृद्धाश्रम छोड़कर आते हैं।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

लुका छिपी का खेल अब ना जाने कहाँ खो गया,
बच्चों का मनोरंजन वीडियो गेम अब हो गया,
बड़ों का उत्तर देने में पहले हाँ जी हाँ जी करते थे,
अब कुछ भी पूछो तो पब जी खेलते रहते हैं।
हाँ, हमने तरक्की कर ली।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, 23 March 2019

शहीदी दिवस 23 मार्च पर कविता।






















शहीदों के बलिदानों का कर्ज हम कैसे चुकाएंगे,
क्या नए हिन्दुस्तान में हम अपना योगदान दे पाएंगे।

वीर सपूतों ने दिलवाई हमें नयी आज़ादी थी,
उनकी वीरता के बदौलत अंग्रेजों की शामत आयी थी।

कितने कष्ट सहे उन्होंने कितनी गोली खाई थी,
भारत माता की खातिर  जान बाज़ी पर लगाई थी।

नमन उन वीर सपूतों को जो हमारे खातिर शहीद हुए,
आज़ाद भारत के लिए फाँसी के तख्ते पर झूल गए।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 20 March 2019

Happy Holi 2019.












Pic credit : Google.




Happy Holi.

कहीं उड़े रंग, कहीं उड़े गुलाल,
होली में लाल हुए हैं सबके गाल,
छुप ना जाना डर से तुम घर के अंदर,
नहीं तो खींचकर ले आएंगे तुम्हें निकाल।

फिर मत करना कोई जवाब सवाल,
रंग लगाकर कर देंगे तुम्हारा बुरा हाल,
फिर नहीं आएगा छुपने का तुम्हे खयाल
क्योंकि हमारे पास है खूब सारा गुलाल।

©नीतिश तिवारी।


Tuesday, 19 March 2019

मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा!


















मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा। 

"अरे मोदी जी, यहाँ अपने आवास पर यूँ अचानक क्यों बुलाया।" राहुल गाँधी ने सरप्राइज़ लुक देते हुए पूछा।
"तुम ज़िन्दगी भर पप्पू ही रहोगे, चुनाव आ गए, तुम्हें कुछ होश नहीं कि कैसे क्या करना है। बस राफेल का भूत सवार हो गया है।" मोदी जी ने डाँटते हुए कहा।
"नहीं सर, मैं तो जब से कांग्रेस का अध्यक्ष बना हूँ,  अप्रत्यक्ष रूप से आपका ही प्रचार कर रहा हूँ, और अब तो बहन प्रियंका भी है हमारे साथ।" 
"हाँ, राहुल ये तुमने अच्छा किया जो प्रियंका को भी साथ ले आये। बाकी सारे विपक्ष को पता ही नहीं चलेगा की तुम दोनों भाई बहन अंदर से भाजपाई ही हो।"
"भाजपाई नहीं सर, संघी, अब तो मैं भी अपने आप को संघ का आदमी मानता हूँ, वो बात अलग है कि मैं खाकी नेकर नहीं पहनता।"
राहुल गाँधी के इसी कथन के साथ राहुल और मोदी दोनों ठहाके मारकर हँसने लगते हैं। 
राहुल ने फिर से सवाल किया, " लेकिन ये क्या मोदी जी, मीटिंग में हम दो ही लोग, आपने तो बोला था कि तीन लोग होंगे, तीसरा कौन है?"
मोदी जी ने राहुल की पीठ पर थपथपाया और बोला , "इतना बेचैन क्यों हो रहे हो शहजादे,  इटली जाना है क्या? तीसरा आता ही होगा।"
इसी बीच दरवाजे पर जय श्री राम का उदघोष होता है। अरे ये क्या, ये तो अपने योगी जी हैं। 
"जय श्री राम योगी जी, आइये, आइये, ये अपना राहुल आपसे मिलने को बेचैन हो रहा था।" मोदी जी ने राहुल की तरफ इशारा करते हुए बोला। 
" जय श्री राम योगी जी, कैसे हैं आप?" राहुल ने नमस्ते करते हुए पूछा। 
"अरे  हम तो ठीक हैं, तुम बताओ, जनेऊ पहनना भूले तो नहीं हो ना?"
"नहीं योगी जी, जब से आपके साथ रहकर ज्ञान मिला है, तब से मैं भी जनेऊधारी पंडित हो गया हूँ"
"तुम दोनों चुप रहो। जिस काम के लिए आये हो उस पर बात करो।" मोदी ने दोनों को डाँटते हुए कहा।
"हाँ जी योगी जी और शहज़ादे, तो मंदिर बनाने का कार्यक्रम 2019 के चुनाव के बाद का तय हुआ है। तुम दोनों अपनी सभी चुनावी सभा में इस पर कोई बात नहीं करना। जनता बहुत सवाल करेगी, चुप रहना है। "
मोदी जी ने 30 हज़ार किलोग्राम वाले मशरूम खाते हुए दोनों को आदेश दिया और अपने कमरे की तरफ चल दिये। थोड़ी देर में राहुल और योगी जी ने भी अपनी अपनी कप से चाय खत्म करके बाहर निकले और दोनों ने एक सुर में कहा कि " मंदिर वहीं बनाएंगे।"

©नीतिश तिवारी।


Monday, 18 March 2019

शाहरुख खान मेरे गाँव आये थे।

happy birthday shah rukh khan
















Shah Rukh Khan was in my village.

शाम के 4 बज रहे थे और शहर से लौटकर मैं गाँव पहुँचता हूँ तो दूर से ही कुछ लोगों की भीड़ दिखाई देती है। फिर दस साल का चिंटू दौड़ते हुए मेरी तरफ आता है। बोला, "नीतिश भईया" मैंने कहा "हाँ चिंटू तू दौड़ क्यों रहा है और ये भीड़ कैसी है?" "अरे भईया आपको पता नहीं शाहरुख खान आये हैं।" चिंटू ने बड़ी उत्सुकता से कहा। 

‌मुझे तो जैसे यकीन ही नहीं हो रहा था। मैं भी पहुँच गया । मेरे पहुंचते ही वहाँ मौजूद गाँव के सभी लोग ताली बजाने लगे जैसे सुपरस्टार मैं ही हूँ। एक ने शाहरुख से कहा, "ये लीजिये सर आ गया आपका सबसे बड़ा फैन। " शाहरुख ने मेरी ओर देखा और बुलाया। मैंने भी अभिवादन में उन्हें नमस्ते किया। फिर उनकी पास वाली कुर्सी पर बैठ गया। "तो तुम हो नीतिश, मेरे सबसे बड़े फैन" । "हाँ सर ऐसा ही कुछ समझ लीजिए, मैंने तो आपको पत्र भी लिखा था और कई बार ट्वीट भी किया लेकिन आपने जवाब भी नहीं दिया" 
‌फिर शाहरुख ने बड़े आश्चर्यजनक रूप से मेरी ओर देखा और बोला, "क्या था उस पत्र में?"
‌"कुछ खास नहीं सर आपके लिए प्यार"
‌"सर यूँ अचानक से मेरे गाँव में" मैंने पूछा।
‌"नहीं तो क्या ट्वीट करके आता! एक बार गया था ट्वीट करके मुंबई से दिल्ली ट्रेन से, बहुत बवाल हो गया था। और वैसे भी तेरे शहर में 15 दिन से शूटिंग चल रही है, तुम्हे पता नहीं।"
‌"नहीं सर, पता तो है, एक बार आपसे मिलने की कोशिश भी किया था लेकिन आपके सेक्युरिटी वालों ने होटल में जाने नहीं दिया।"
‌थोड़ी देर तक यूँ ही बाते होती रहीं । मैंने अपना लेटर शाहरुख सर को दिया।  उनके साथ सेल्फी लिया। इतने  में उनके टीम के बाकी लोग गाँव  से शूटिंग के लिए लोकेशन देख कर आ गए थे। शाहरुख खान अपने होटल जाने लगे तो उन्होंने मुझे गले लगाने के लिए पास बुलाया । जैसे ही मैं गले लगने जा रहा था, एक जोर का झटका लगा। ट्रेन के ड्राइवर ने जोर से ब्रेक लगाई थी। ऊपर वाली बर्थ पर नींद में जो सपना देख रहा था वो टूट चुका था। घड़ी में समय देखा तो सुबह के 4 बज रहे थे। मतलब अभी गाँव पहुंचने में 1 घंटा और बाकी था। मैंने बैग में से बोतल निकाला, पानी पिया और कंबल ओढ़कर सो गया।

Read this too : My Letter for Shah Rukh Khan.

‌©नीतिश तिवारी।


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Friday, 15 March 2019

Ishq aur Kashmir.













Pic credit : Google.






Chaal usne aisi chali ki main shatranj ka nazeer ho gaya,
Bachne ki koshish kiya magar ishq mera kashmir ho gaya.

चाल उसने ऐसी चली कि मैं शतरंज का वज़ीर हो गया,
बचने की कोशिश किया मगर  इश्क़ मेरा कश्मीर हो गया।
©नीतिश तिवारी।


Wednesday, 13 March 2019

मुक़म्मल मोहब्बत की दास्तान।













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रात में नीले स्याही से तुम्हारा नाम लिखने की कोशिश करता रहा, लेकिन तुम्हारा नाम धुंधला नज़र आ रहा था। शायद स्याही भी बेवफ़ाई कर रही थी, बिल्कुल तुम्हारी तरह। पर मैं तेरे नाम को मिटने नहीं देना चाहता था, ना तो पन्ने से और ना ही अपने दिल से। इसलिए मैंने बार बार तुम्हारा नाम लिखा जब तक पन्ने पर तुम्हारा नाम साफ नजर नहीं आने लगा। फिर गौर से मैंने देखा तो तुम्हारे नाम में भी वही चमक बरकरार थी , वही चमक जब पहली बार तुम मिली थी। इतना प्यार है हमें तुमसे फिर भी बहुत खफा खफा रहती हो, शायद ये नाराज़गी लाजमी है। मैं ही तो तुम्हें वक़्त नहीं दे पा रहा हूँ। जिम्मेदारियों के बोझ ने वक़्त को कम कर दिया है। पर मैं कोशिश कर रहा हूँ ,जिंदगी को साथ लेकर चलने की, तुम्हें साथ लेकर चलने की। एक दिन होगी मुलाकात, फिर वही नहर के किनारे, शाम के डूबते किरण के साथ। और फिर से हमारा प्यार मुकम्मल हो जाएगा।

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 12 March 2019

चुनावी महाभारत 2019- कृष्ण कहाँ हैं? अर्जुन पुकार रहे!




















चुनावी महाभारत 2019- कृष्ण कहाँ हैं? अर्जुन पुकार रहे!

लोकसभा चुनाव 2019 का ऐलान हो चुका है। 11 अप्रैल से चुनाव शुरू होंगे। परिणाम 23 मई को घोषित होंगे। 2014 में आई मोदी सरकार के 5 वर्ष पूरे होने वाले हैं। सरकार को जो करना था वो कर लिया। किसी के हाथ लॉलीपॉप लगा तो किसी को मिला झुनझुना-- ऐसा लोगों का मानना है। हालाँकि सरकार का कहना है कि हमने 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को चरितार्थ कर दिया है। हाँ, प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न देकर ये बात मोदी जी ने जरूर साबित कर दिया है कि वो सबका साथ सबका विकास करना चाहते हैं। काँग्रेस भले ही अटल जी को भारत रत्न ना दे पायी हो लेकिन भाजपा सरकार ने प्रणब मुखर्जी को ये सम्मान देकर कांग्रेसियों को कुछ तारीफ करने का मौका तो दे ही दिया है। 

महाभारत अगर आपको याद हो तो वहाँ एक ही दुर्योधन थे जो सत्ता की खातिर कुछ भी हथकंडे अपनाने को तैयार थे। वर्तमान में भी कई हथकंडे अपनाये जा रहे हैं, वो बात अलग है कि आज के महाभारत में एक नहीं कई दुर्योधन हो गए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि सत्ता के लोभी इन दुर्योधनों को कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि इस बार अर्जुन को जिताने के लिए एक नहीं बल्कि करोड़ों कृष्ण खड़े हैं, और वो करोड़ों कृष्ण हैं भारत की जनता।

इतिहास में शायद ये पहली बार हुआ होगा कि सत्ता पक्ष को बदनाम करने के लिए अलग- अलग प्रपंच किये गए हों। चाहे वो असहिष्णुता हो या अवार्ड वापसी या फिर विदेश में जाकर भारत की बुराई करना। सत्ता पक्ष की आलोचना करना जरूरी है, खूब करिए लेकिन अपने देश के बारे में पाकिस्तान में जाकर ये कहना कि मोदी जी को हटाइये, ना तो तर्कसंगत है और ना ही समझदारी।

ये भी पढ़िए: मंदिर वहीं बनाएंगे।

बरसों से हिंदुस्तान, अपने सांस्कृतिक विरासत के कारण जाना जाता रहा है। आज जब मोदी जी के शासन में एक नए भारत का उदय हो रहा है तो बहुत से लोगों को मिर्ची लगने लगी है।  उन सभी लोगों से मैं बस इतना कहना चाहूँगा कि भाई मिर्ची लग रही है तो मिठाई खाओ, अरे नहीं, तुम्हें तो वो भी हज़म नहीं होगा। डायबिटीज जो है तुम लोगों को। 

चलिए और विस्तार से लिखेंगे अगले पोस्ट में । मेरा लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। 
और हाँ, एक बार फिर से दोहरा दूँ, 2019 में आएंगे तो मोदी जी ही।
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जय भारत। जय हिंद।
©नीतिश तिवारी।

Sunday, 10 March 2019

तेरा सज़दा करूँगा।























परम पिता परमेश्वर की कृपा से आज हमने अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। आज ही के दिन 2018 में हमने जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाई थी। सभी का आशीर्वाद बना रहे। सभी खुश रहें स्वस्थ रहें। आज इस पावन दिवस पर प्रभु से यही कामना करता हूँ। कुछ पँक्तियाँ अपनी अर्धांगिनी के लिए..

















तेरी हँसी, तेरी बातों का सज़दा मैं करूँगा,
तेरी ज़िन्दगी से हर गम को जुदा मैं करूँगा,
मेरे दिल पर सिर्फ मालिकाना हक़ तुम्हारा है,
तेरी मोहब्बत के बदले मोहब्बत अदा मैं करूँगा।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 7 March 2019

ग़ज़ल को उम्दा रखेंगे।












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हम तेरे वजूद को ज़िंदा रखेंगे, 
अमावश में भी एक चंदा रखेंगे।

लोग मुझे बहका हुआ आशिक़ समझें,
हम अपनी ग़ज़ल को थोड़ा उम्दा रखेंगे।

कोई पहचान ना ले भीड़ में हमको,
हम घर से निकलते वक्त पर्दा रखेंगे।

 इश्क़-ए- क़लाम से तक़लीफ़ है तो,
 हम आवाज़ को थोड़ा मंदा रखेंगे।

मेरी मोहब्बत का यकीन होगा तुम्हें,
हम साथ में फाँसी का फंदा रखेंगे।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 4 March 2019

Gazal- Ishq Mein Awara


















हम सबके हो गए, कोई हमारा ना हुआ,
एक बार हुआ इश्क़, फिर दुबारा ना हुआ।

दिल को संभालने को शराब पीना था,
मयखाना दूर था, जाम हमारा ना हुआ।

वो रुसवा कर गए, बरसों पहले लेकिन,
उनकी यादों के बिना कभी गुजारा ना हुआ।

शेर से शुरुआत करके, ग़ज़ल लिख डाली,
इश्क़ में मुझ जैसा कोई आवारा ना हुआ।

कब्र पर मेरे फूल चढ़ाने वाले कह रहे हैं,
इस जैसा आशिक़ यहाँ दुबारा ना हुआ।

©नीतिश तिवारी।














Sunday, 3 March 2019

प्रेम कहानी।


















Main din ka surymukhi tha wo thi raat-rani,
Har mausam mein zinda thi hamari prem kahani,
Kaun si khata huyi, kiski hamen nazar lagi,
Fir ek toofaan aaya, doob gayi kashti purani.


मैं दिन का सूर्यमुखी था वो थी रात-रानी,
हर मौसम में जिंदा थी हमारी प्रेम कहानी,
कौन सी खता हुई, किसकी हमें नज़र लगी,
फिर एक तूफान आया, डूब गई कश्ती पुरानी।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, 2 March 2019

इंतज़ार की इन्तेहा।













Image Courtesy: Google.












तुमसे मिलने की कोशिश हर बार की थी 
खुद पर विजय पाने की भी कोशिश हर बार की थी 
पता नही ऐसी कौन सी खता हमने की थी 
जो सारी कोशिशें नाकाम हो गयी थी 

पर हमने आस न छोड़ा 
खुद को न तोड़ा 
तुमसे मुँह कभी न मोड़ा 
फिर भी तुमने हमसे अपना दिल न जोड़ा 

सपनों में ही सही मैंने तुम्हें अपना बना लिया था 
रैनो ने मुझे जीना सीखा दिया था 
मेरी रूह ने तुम्हारे साये को पास बुला लिया था 
तुम्हारे साये ने मुझे तुम्हारे होने का एहसास दिला दिया था 

संयोगवश एक दिन तुमसे मुलाकात हुई
न जाने नज़रो में क्या बात हुई 
मेरे नैनों से अश्कों की बरसात हुई 
न जाने कैसी  ये घटना   मेरे साथ हुई 

मेरे सोये अरमान फिर से जाग रहे थे
तुम्हें पा लेने की चाह में मेरे नैन बरस रहे थे 
मुझे लगा दो दिल मिल रहे थे 
तुम्हारे साये को छोड़ कर फिर से हम तुम पर फिसल रहे थे 

 © शांडिल्य मनिष तिवारी।






Friday, 1 March 2019

Veer Ras Ki Kavita- Manzil.









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मंज़िल 

हो मन उदास या तन थका 
तू अपनी मंज़िल की ओर चला 
राह में रोड़े आये या पहाड़ बड़ा 
तू चरण पादुका को अग्रसर बढ़ा
रख खुद पर भरोसा तेरे सर पर होगा ताज सजा 

अगर तू थम जायेगा 
तेरा स्वपन अधूरा रह जाएगा 
तेरा मेहनत धरा का धरा रह जाएगा
तू अपने सपनों का हत्यारा कहलायेगा 
फिर शायद तू कोई लक्ष्य हासिल ना कर पायेगा 

एक पड़ाव को मंज़िल समझ तू थम ना जा
मृगतृष्णा की इस दुनिया में आने वाले कल को ना भुला
एक दिन ऐसा आयेगा जो मंज़िल को तू पायेगा
तेरा मेहनत तेरा रंग लायेगा
तू भी सफलता के गीत गायेगा ।।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।