Tuesday, 19 March 2019

मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा!


















मंदिर वहीं बनाएंगे। मोदी, योगी और राहुल की बातचीत में हुआ खुलासा। 

"अरे मोदी जी, यहाँ अपने आवास पर यूँ अचानक क्यों बुलाया।" राहुल गाँधी ने सरप्राइज़ लुक देते हुए पूछा।
"तुम ज़िन्दगी भर पप्पू ही रहोगे, चुनाव आ गए, तुम्हें कुछ होश नहीं कि कैसे क्या करना है। बस राफेल का भूत सवार हो गया है।" मोदी जी ने डाँटते हुए कहा।
"नहीं सर, मैं तो जब से कांग्रेस का अध्यक्ष बना हूँ,  अप्रत्यक्ष रूप से आपका ही प्रचार कर रहा हूँ, और अब तो बहन प्रियंका भी है हमारे साथ।" 
"हाँ, राहुल ये तुमने अच्छा किया जो प्रियंका को भी साथ ले आये। बाकी सारे विपक्ष को पता ही नहीं चलेगा की तुम दोनों भाई बहन अंदर से भाजपाई ही हो।"
"भाजपाई नहीं सर, संघी, अब तो मैं भी अपने आप को संघ का आदमी मानता हूँ, वो बात अलग है कि मैं खाकी नेकर नहीं पहनता।"
राहुल गाँधी के इसी कथन के साथ राहुल और मोदी दोनों ठहाके मारकर हँसने लगते हैं। 
राहुल ने फिर से सवाल किया, " लेकिन ये क्या मोदी जी, मीटिंग में हम दो ही लोग, आपने तो बोला था कि तीन लोग होंगे, तीसरा कौन है?"
मोदी जी ने राहुल की पीठ पर थपथपाया और बोला , "इतना बेचैन क्यों हो रहे हो शहजादे,  इटली जाना है क्या? तीसरा आता ही होगा।"
इसी बीच दरवाजे पर जय श्री राम का उदघोष होता है। अरे ये क्या, ये तो अपने योगी जी हैं। 
"जय श्री राम योगी जी, आइये, आइये, ये अपना राहुल आपसे मिलने को बेचैन हो रहा था।" मोदी जी ने राहुल की तरफ इशारा करते हुए बोला। 
" जय श्री राम योगी जी, कैसे हैं आप?" राहुल ने नमस्ते करते हुए पूछा। 
"अरे  हम तो ठीक हैं, तुम बताओ, जनेऊ पहनना भूले तो नहीं हो ना?"
"नहीं योगी जी, जब से आपके साथ रहकर ज्ञान मिला है, तब से मैं भी जनेऊधारी पंडित हो गया हूँ"
"तुम दोनों चुप रहो। जिस काम के लिए आये हो उस पर बात करो।" मोदी ने दोनों को डाँटते हुए कहा।
"हाँ जी योगी जी और शहज़ादे, तो मंदिर बनाने का कार्यक्रम 2019 के चुनाव के बाद का तय हुआ है। तुम दोनों अपनी सभी चुनावी सभा में इस पर कोई बात नहीं करना। जनता बहुत सवाल करेगी, चुप रहना है। "
मोदी जी ने 30 हज़ार किलोग्राम वाले मशरूम खाते हुए दोनों को आदेश दिया और अपने कमरे की तरफ चल दिये। थोड़ी देर में राहुल और योगी जी ने भी अपनी अपनी कप से चाय खत्म करके बाहर निकले और दोनों ने एक सुर में कहा कि " मंदिर वहीं बनाएंगे।"

©नीतिश तिवारी।


12 comments:

  1. हा हा ... अच्छा व्यंग ...
    अपनी अपनी दूकान चलती रहेगी सब की ...

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    1. बिल्कुल सही। सब लोग दुकान चलाने में ही लगे हैं।

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  2. आज के राजनीतिक हालात पर सटीक व्यंग...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका।

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    1. मेरी रचना पढ़ने के लिए आपका शुक्रिया।

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  5. वाह ! रोचक कल्पनाएँ

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  6. बहुत बढ़िया।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

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