Sunday, 15 September 2019

Arrested in love.


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उसकी आहट है और उसका दीदार होगा,
वो जो आनेवाला है वो मेरा प्यार होगा,
तमाशें देखने का शौक है तो रुक जाओ,
अभी ये आशिक़ इश्क़ में गिरफ्तार होगा.

uski aahat hai aur uska deedar hoga,
wo jo anewala hai wo mera pyar hoga,
tamashen dekhne ka shauk hai toh ruk jao,
abhi ye ashiq ishq mein giraftar hoga.

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 10 September 2019

पतंग और इश्क़।

























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सच्चाई की दुहाई खुद्दारी के कसीदों से देते हो,

पुरानी मोहब्बत को तुम झूठी उम्मीदों से ढोते हो,
इश्क़ के पतंग की डोर तो कब की टूट चुकी है,
फिर भी उसके नाम की कॉफ़ी हर रोज पीते हो।

Sachhai ki duhai khuddari ke karodon se dete ho,

Purani mohabbat ko tum jhuthi umeedon se dhote ho,
Ishq ke patang ki dor to kab ki toot chuki hai,
Fir bhi uske naam ki coffee har roj peete ho.

©नीतिश तिवारी।

Monday, 9 September 2019

समंदर वाली मोहब्बत।

















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लहरों को किनारे
से देखते हुए
जब उसमें डूबने
का मन करे
तो उन आँधियों
के बीच
तूफानों को
चीरते हुए
आ जाना
मेरी बाहों में
मैं जी भरके
प्यार करूँगा
और किनारों
का एहसास
नहीं होने दूँगा।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 8 September 2019

इश्क़ में बदनामी।


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अभी परिंदों को मत उड़ाओ,
इन्हें तो बस गुलामी पसंद है,
वो इश्क़ करने से नहीं डरता,
उसे तो बस बदनामी पसंद है।

Abhi parindon ko mat udao,
Inhen to pas gulami pasand hai,
Wo ishq karne se nahin darta,
Use to bas badnaami pasand hai.

मैं हैरान हूँ, मैं परेशान हूँ और मैं हूँ खफा,
तुम पास आ जाओ, मेरे दर्द की मिलेगी दवा,

Main hairaan hoon, main pareshan hoon aur main hoon khafa,
Tum paas aa jao, mere dard ki milegi dawa.


©नीतिश तिवारी।

Friday, 6 September 2019

My first book- फिर तेरी याद आई।
























पिछले 6 वर्षों से अधिक समय तक ब्लॉग पर लिखते हुए
कभी ख्याल ही नहीं आया कि एक किताब भी लिखूँ। इस किताब में मैंने अपनी चुनिंदा शायरी, ग़ज़ल, कविता और लघुकथा को संग्रहित करने का प्रयास किया है। लेखन क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने वाले मित्रों का शुक्रिया। 

मैं आभार व्यक्त करता हूँ उन लोगों का भी जो मेरे ब्लॉग को निरंतर पढ़ते आये हैं।  अभी के लिए बस इतना ही, बाकी एक फिक्शन उपन्यास लिख रहा हूँ। उसके लिए आपका आशीर्वाद चाहूँगा।

बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रहा हूँ कि मेरी पहली पुस्तक अमेज़न पर उपलब्ध है। आप यहाँ से खरीदकर पड़ सकते हैं। पढ़ने के बाद review जरूर पोस्ट करें। धन्यवाद।

©नीतिश  तिवारी।

Wednesday, 4 September 2019

रूप बड़ा या गुण।

























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रूप बड़ा या गुण
अक्सर ये सवाल
भ्रम पैदा करता है

पर तुझे देखने
के बाद
तुझसे मिलने
के बाद

मैं भ्रम में
नहीं रहता
दोनों तो हैं
तुम्हारे पास

रूप ऐसा कि
चाँदनी बिखेरे है
गुण ऐसा कि
हीरे की तारीफ़
कम पड़ जाए

©नीतिश तिवारी।

Monday, 2 September 2019

हरितालिका तीज की शुभकामनाएं।






















आज गणेश चतुर्थी के साथ साथ हरितालिका तीज भी है। तीज का त्योहार  सुहागिन महिलाएं अपने पति की खुशी और लंबी उम्र के लिए रखती हैं। 24 घंटे तक बिना पानी के और खाना के ये व्रत रखा जाता है। 

वैसे तो श्रीमती जी की ये दूसरी तीज है लेकिन मेरे साथ पहली । पिछले वर्ष हम लोग साथ नहीं थे। वैवाहिक जीवन में कदम रखने के बाद तीज त्यौहार का महत्व धीरे धीरे समझ आने लगा है। 


कुछ पंक्तियाँ।


तीज का त्यौहार आया, 

खुशियों की बहार लाया,
पिया का साथ मिला है,
दिलों में खुमार आया।

सपनों की सौगात मिली,

आपनो का साथ मिला,
दो पल की ज़िंदगी में,
ढेर सारा प्यार मिला।

©नीतिश तिवारी।



Sunday, 25 August 2019

Main raat kaise guzarun.

























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मैं बदन को सवारूँ या अपने नसीब को सवारूँ,
तुझे दिल में बसा लूँ या अपने दिल से उतारूँ,
ख़्वाबों की ताबीर ऐसी हुई कि नींद टूटी चुकी है,
तू ही बता ओ ज़ालिम अब ये रात मैं कैसे गुजारूँ।

Main badan ko sanwarun ya apne naseeb ko sanwarun,
Tujhe dil mein basa lun ya apne dil se utarun,
Khwabon ki tabeer aisi huyi ki neend tut chuki hai,
Tu hi bata oo zalim ab ye raat main kaise guzarun.

©नीतिश तिवारी।





Saturday, 24 August 2019

Hindi Shayari- Parwane huye hain


















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दीवानों की बस्ती में मस्ताने हुए हैं हम,
शम्मा के इंतजार में परवाने हुए हैं हम,
यूँ तो यहाँ हर शख्स की मौजूदगी है,
अपनों की महफ़िल में बेगाने हुए हैं हम।

Deewanon ki basti mein mastane huye hain hum,
Shamma ke intzaar mein parwane huye hain hum,
Yun to yahan har shaks ki maujoodagi hai,
Apnon ki mahfil mein begane huye hain hum.

©नीतिश तिवारी।



Friday, 23 August 2019

तू राधा मेरी, मैं तेरा कान्हा।
























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आज कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर एक कविता 


तू मेरे लिए 16108 रानियों के बराबर है,
और मेरा दिल तुझे राधा की भाँति अपनाता है,
तू मेरे लिय इतना खास है, 
जैसे सावन का पहला एहसास है।

जो मेरे सीने में धड़क रही है,
उसकी तू कमजोरी है, 
मैं द्वापर का कृष्ण तो नहीं मगर,
फिर भी अपनी कहानी अभी तक अधूरी है।

मेरी तरफ से तो बातें पूरी है,
पर तेरी भी कुछ मजबूरी है,
तेरी बस एक मुस्कान ने
फेरी दुनिया मेरी है।

तू राधा रुक्मिणी जिस भी रूप में,
आजा तुझे स्वीकारने में,
ये दिल करता नहीं देरी है,
तू मेरी तरफ से पूरी की पूरी मेरी है।

मेरी धड़कनो पर राज तेरा ही है,
फिर किस बात की देरी है,
तू ही मेरी दुनिया है या,
तुझसे मेरी दुनिया है,
इसी द्वंद में फसी कहानी मेरी है।

©शांडिल्य मनिष तिवारी।