Tuesday, January 12, 2021

लघुकथा-घर की पंचायत।

Laghukatha--ghar ki panchayat





बेनीवाल जी अपने पंचायत के सरपंच रह चुके थे। अपने चार बच्चों में से तीन की शादी करने के बाद छोटी लड़की की शादी के लिए योग्य वर की तलाश में थे। 


"आजकल अच्छे लड़के मिलते कहाँ हैं हजारी जी"

बेनीवाल जी ने अपने बचपन के साथी और सुख दुख के सहयोगी हजारी जी के साथ अपनी चिंता ज़ाहिर किया।


"अरे मिलेंगे कैसे नहीं, आप प्रयास ही नहीं कर रहे हैं। मैंने बोला था आपसे कि अपने फौजी बेटे से बात करो। वो भी तो सरकारी नौकरी में है। कोई ना कोई उसका यार दोस्त होगा सर्विस में, बात बन जाएगी। आखिर सरकारी नौकरी की बात कुछ और ही होती है। बिटिया का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।"

हजारी जी ने अपने बहुमूल्य सलाह से अवगत कराया।


कुछ दिन बाद ही बेनीवाल जी का फौजी लड़का छुटियों में घर आया तो उन्होंने बेटी की शादी की बात छेड़ दी। 

"बेटा, हम कह रहे थे कि बड़े वाले दामाद जी सरकारी नौकरी में हैं, सुमन के लिए भी कोई सर्विस वाला लड़का मिल जाता तो अच्छा होता। तुम्हारे नजर में कोई ऐसा लड़का है?"

"अरे बाबूजी, कहाँ सरकारी के चक्कर में पड़े हैं। कई लाख देने होंगे। इतने में कई काम हो जाएँगे।"

"लेकिन बेटा, घर की आखिरी शादी है। धूमधाम से होनी चाहिए और पैसे की क्या बात है, इतना जमीन है, एक बीघा बेच देंगे और क्या?"


ये भी पढिए: लघुकथा- बेटी का बाप।


जमीन बेचने की बात सुनकर फौजी बेटे की भौहें तन गयी। चेहरा ऐसे हो गया मानो जंग के लिए जा रहा हो।

बगल वाले कमरे में से फौजी बेटे की बहू ने बोला," शादी के नाम पर सारा धन लुटा दीजिए। अभी कितने काम बाकी है घर में।"

फौजी बेटे की कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। बेनीवाल जी ने सरपंच रहते हुए ना जाने कितने झगड़ों को निपटाया था। लेकिन आज अपने घर के मामले को सुलझा नहीं पाए।


©नीतिश तिवारी।

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Fb/insta: poetnitish







 

Sunday, January 10, 2021

Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho.

Dushmani ki chahat aut dosti se tum parhez rakhte ho



 










दुश्मनी की चाहत और दोस्ती से तुम परहेज़ रखते हो,
मेरे लिए काँटे और अपने लिए फूलों की सेज रखते हो,
तुम्हारी ख़्वाहिश कि मैं ख़ाक हो जाऊँ दर्द-ए-तन्हाई में,
शायद इसलिए तुम चराग़-ए-नफ़रत बड़ी तेज़ रखते हो।


Dushmani ki chahat aur dosti se tum parhez rakhte ho,
Mere liye kaanten aur apne liye phoolon ki sej rakhte ho,
Tumhari khwahish ki main khaak ho jaun dard-e-tanhai mein,
Shayad isliye tum charag-e-nafrat badi tez rakhte ho.





मेरे आँसुओं के खरीदार तो बहुत मिले पर क़ीमत कोई लगा ना सका,
मैं बोली लगा रहा था अपने जज्बातों की, पर वो बेग़ैरत बाज़ार आ ना सका,
दावत-ए-सुख़न मिला था मुझे उसके सालगिरह की,
वो अपने यार के साथ पहली सफ़ में थे, मैं गीत कोई गा ना सका।


Mere aansuon ke khareedar toh bahut mile par keemat koi lagaa naa saka,
Main boli laga raha tha apne jajbaaton ki par wo begairat bazaar aa naa saka,
Dawat-e-sukhan mila tha mujhe uske saalgirah ki,
Wo apne yaar ke saath pahli saf mein the, main geet koi gaa naa saka.


©नीतिश तिवारी।


वीडियो भी देखिए:







Wednesday, January 6, 2021

Ishq phir se dubaara kar liya.

Ishq phir se dubaara kar liya

 












Photo credit: Unspoken voice.





लब खामोश हैं, दिल पर भी दस्तक ना हुआ,

हीर-राँझा वाला प्यार मुझे अब तक ना हुआ,

कोई आए और मुझे घायल करे अपनी अदाओं से,

बरसों बीत गए पर कभी ऐसा हरकत ना हुआ।


Lab khamosh hain, dil par bhi dastak na hua,

Heer- ranjha wala pyar mujhe ab tak naa hua,

Koi aaye aur mujhe ghayal kare apni adaon se,

Barson beet gaye par kabhi aisa harkat na hua.


मेरी मोहब्बत से उसने किनारा कर लिया,

मेरे बिना कैसे उसने अपना गुजारा कर लिया,

कल देखा मैंने उसे अपने रक़ीब की गली में,

लगता है उसने इश्क़ फिर से दुबारा कर लिया।


Meri mohabbat se usne kinara kar liya,

Mere bina kaise usne apna gujara kar liya,

Kal dekha maine use apne raqeeb ki gali mein,

Lagta hai usne ishq phir se dubaara kar liya.


आँधी भी है, बारिश भी है और मोहब्बत भी,

लफ्ज़ भी हैं, लहज़ा भी है और कड़वाहट भी,

कशमकश में है मंज़िल, रास्ता कैसे ढूँढ लूँ,

सजा भी है, साजिश भी है और शोहरत भी।


Aandhi bhi hai, barish bhi hai aur mohbbat bhi,

Lafz bhi hain, lahza bhi hai aur kadwahat bhi,

Kashmkash mein hai manzil, raasta kaise dhoondh lu,

Saja bhi hai, sajish bhi hai aur shohrat bhi.


©नीतिश तिवारी।


 ये वीडियो भी देखिए:








Tuesday, January 5, 2021

Two line romantic mohabbat shayari.

Two line romantic mohabbat shayari

 












Pic credit: unsplash.




Two line romantic mohabbat shayari.

दो लाइन की रोमांटिक मोहब्बत शायरी।


तेरा यूँ मुस्कुरा कर देखना हमें अच्छा लगता है,

तुम जब साथ होती हो तो प्यार सच्चा लगता है।


Tera yu muskura kar dekhna humen achcha lagta hai,

Tum jab saath hoti ho to pyar sachcha lagta hai.


कागज़ों पर उतर गए हैं जज़्बात हमारे,

तुमसे मिलकर अच्छे हुए हालात हमारे।


Kagazon par utar gaye hain jazbaat humare,

Tumse milkar achche huye halaat humare.


ख़्वाबों में दीदार हुआ था, हक़ीक़त में तुम समाई हो,

ऐसा लगता है कि तुम परियों के शहर से आई हो।


Khwabon mein deedar hua tha, haqeeqat mein tum samayi ho,

Aisa lagta hai ki tum pariyon ke shahar se aayi ho.


एक ख़त लिखा और लिफ़ाफे में बंद करके भेज दिया,

अपने दिल के जज़्बात मैंने उस ख़त में सहेज दिया।


Ek khat likha aur lifafe mein band karke bhej diya,

Apne dil ke jazbaat maine us khat mein sahej diya.


तारीफ़ कैसे करूँ जो खुद चाँद की मूरत है,

चाँद भी अब पूछ रहा, कैसी तेरी चाँद की सूरत है।


Tareef kaise karun jo khud chand ki murat hai,

Chand bhi ab pooch raha, kaisi teri chand ki surat hai.


©नीतिश तिवारी।


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Monday, January 4, 2021

Book review- Ibnebatuti by Divya Prakash Dubey.

Book review- Ibnebatuti by Divya Prakash Dubey.



 











फ़ोटो: लेखक महोदय के फेसबुक से।





"पूरी दुनिया में एक भी डॉक्टर ऐसा नहीं है जो दवा के साथ दिन में दो बार प्रेमपत्र लिखने के लिए कहे। 

सब बीमारियाँ केवल दवा से कहाँ ठीक होती हैं!"


ऊपर लिखी हुई ये पंक्तियाँ, दिव्य प्रकाश दुबे जी की किताब इब्नेबतूती से हैं। इन्होंने चार और किताबें लिखी हैं और इब्नेबतूती इनकी पाँचवीं किताब है।


आप सोंच रहे होंगे कि मैं किताब का review क्यों लिख रहा हूँ? तो बात ऐसी ही कि जब अल्लू- गल्लू लोग किसी भी फ़िल्म का review कर सकते हैं तो मैं तो साहित्यकार हूँ। (अभी कोई मानता नहीं है इसलिए खुद ही उपाधि दे रहा हूँ), मैं तो किताब के बारे में लिख ही सकता हूँ।


अब दूसरा प्रश्न ये है कि क्या ये Sponsored post है? उत्तर है- बिल्कुल नहीं। दुबे सर ने इसके लिए एक रुपया भी नहीं दिया है और ना ही प्रकाशक Hind Yugm ने ये review लिखने के लिए कहा है। 

दुबे सर ने अगर कुछ दिया है तो अपनी बहुमूल्य सलाह, आशीर्वाद और बेहतरीन साहित्य। हिन्दी को हिंदी भाषी ( बाकी भाषा वालों से तो तब उम्मीद करेंगे जब अपने हिंदी वाले ही हिंदी को पढ़ लें।) तक  पहुँचाने के लिए बस यही प्रेरणा काफी है।


इब्नेबतूती में खास क्या है?


ये बिल्कुल वाज़िब सवाल है। ये किताब एक ऐसे बेटे की कहानी है जो अपनी माँ के जीवन में सिर्फ़ खुशियाँ देखना चाहता है। तब जबकि उसके पिता कब के उसे छोड़कर जा चुके हैं और वो भी अब साथ नहीं रहने वाला। ये किताब एक ऐसे माँ की कहानी है जिसने अपने बेटे की खुशी के ख़ातिर अपने खुशियों से समझौता तो कर लिया था लेकिन उसे कभी जगजाहिर नहीं होने दिया। कहते है कि हर रिश्ते में कुछ ना कुछ अधूरा रह ही जाता है। उसी अधूरे रिश्ते के पूरा होने की कहानी है इब्नेबतूती। 


इब्नेबतूती क्यों पढ़ें?


माँ और बेटे के रिश्ते पर लिखी हुई ये अपने आप में एक अलग तरह की कहानी है जो खत्म तो कभी नहीं होती, हाँ माँ के त्याग और समर्पण का एक एहसास  जरूर कराती है।


इब्नेबतूती क्यों ना पढ़ें?


मुझे तो ऐसी कोई वज़ह नज़र नहीं आती। अगर आपको पता लगे तो सूचित करिएगा।


निष्कर्ष।


मैंने कई किताबें पढ़ी हैं। रोज कुछ ना कुछ पढ़ता ही रहता हूँ। लेकिन ये किताब अपने आप में बिल्कुल अलग है। अलग इसलिए भी कि इस किताब का जो मूलभाव और उद्देश्य है वो बिल्कुल नया और अलग है। 

एक माँ के अतीत में कहीं विस्मृत हो चुके भावनाओं को वर्तमान के सुनहरे वक़्त के साथ अपनी शब्दों की जादूगरी से लेखक महोदय ने बखूबी से व्यक्त किया है।  


आज के लिए इतना ही। मिलते हैं फिर एक नए ब्लॉग पोस्ट के साथ। तब तक के लिए विदा दीजिए और पोस्ट अच्छी लगी हो तो शेयर कीजिए।


©नीतिश तिवारी।


ये भी पढ़िए: आलसी लोग आख़िर इतने स्वैग में क्यों रहते हैं?


Tuesday, December 29, 2020

Siyasat-daan ho gaye ho kya!

 

Siyasat-daan ho gaye ho kya

Pic credit: Unsplash dot com






मेरे ज़ख्मों से तुम अनजान हो गए हो क्या,
जहालत की पहचान हो गए हो क्या,
मुझसे किए वादे तुम इतनी जल्दी भूल जाते हो,
तुम भी आजकल सियासत-दान हो गए हो क्या।

Mere zakhmon se tum anjaan ho gaye ho kya,
Jahalat ki pahchaan ho gaye ho kya,
Mujhse kiye waade tum itni jaldi bhool jate ho,
Tum bhi aajkal siyasat-daan ho gaye ho kya.

©नीतिश तिवारी।


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Saturday, December 26, 2020

Dard shayari- मासूम मोहब्बत का क़त्ल किया था उसने।

Dard hindi urdu shayari






सिर्फ़ अपनी हिज़्र के ख़ातिर वस्ल किया था उसने,
रक़ीब के जीस्त में अपना दख्ल दिया था उसने,
तहक़ीकात करने पर बोलने लगे कि यही रिवायत है,
मेरी मासूम मोहब्बत का कुछ यूँ क़त्ल किया था उसने।

Sirf apani hizr ke khatir wasl kiya tha usne,
Raqeeb ke jeest mein apna dakhal diya tha usne,
Tahqiqaat karne par bolne lage ki yahi riwayat hai,
Meri masoom mohabbat ka kuch yun katl kiya tha usne.

©नीतिश तिवारी।




 

Monday, December 21, 2020

How to propose to your first love in new year 2021?

How to propose a girl in new year 2020









Photo credit: Pinterest.









How to propose to your first love in New year 2021 ?

नए साल में अपनी पहली मोहब्बत को कैसे प्रोपोज करें?


अंग्रेज़ी नववर्ष दस्तक देने को है। साजिशन तैयार किए हुए वुहान वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया त्रस्त है। ऐसे में हो सकता है कि हर साल की भांति इस साल नए साल के स्वागत में उतना Celebration ना हो। 


बाहर जाना सबके लिए मुमकिन ना हो और इस वक़्त avoid भी करना चाहिए। लेकिन ज़िंदगी में Celebration होते रहना चाहिए और नए साल के स्वागत में तो जरूर होना चाहिए। लेकिन सवाल तो ये है कि Celebration कैसे करें? अपने साथी, अपने महबूब, अपने दोस्त के साथ कैसे enjoy करें?


Lockdown में रोज आपने नए नए पकवान जरूर बनाए होंगे। इस गुलाबी सर्दी में उस पकवान को बनाकर और खाकर अपने रिश्तों में गरमाहट ला सकते हैं। मैंने तो कल ही गाजर का हलवा खाया था। अपने साथी के लिए उसके मनपसंद का भोजन तैयार करिये और बस परोस दीजिए। फिर वो ये कहने से अपने आप को नहीं रोक पाएँगे।


"मेरी चाहत को आज पूरी हो जाने दो

 इस स्वादिष्ट व्यंजन को जी भर कर खा लेने दो"


 प्यार के इज़हार करने का इससे बढिया तरीका नहीं हो सकता। 


अगर आपके साथी किताबें पढ़ने के शौकीन हैं तो नए साल में उन्हें अच्छी किताबें Gift करें।  रोमांस से भरपूर उपन्यास हो या कोई रोमांटिक फिल्म, अपनी पसंद के अनुरूप आप enjoy कर सकते हैं। फिर भी अगर तन्हाई पीछा ना छोड़े तो जॉन एलिया को याद कर लें।


"तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे 

मेरी तन्हाई में ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहीं 

मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें 

मेरे कमरे में किताबों के सिवा कुछ भी नहीं "


पकवान, किताब और फ़िल्म के बाद अगर सम्भव हो तो एक दिन की आउटिंग कर सकते हैं। नए साल में नजदीक के पार्क में जाकर  उन्हें गुलाब दीजिए। मेरी लिखी इन पंक्तियों को कहना कारगर साबित होगा।


"तुम बताओ तो सही तेरा हाल क्या है,

जवाब दे दूँगा मैं तेरा सवाल क्या है।


जी करता है तुझे एक गुलाब दे दूँ,

इस बारे में तेरा खयाल क्या है।


 सर्दी में भी माहौल गर्म हो रहा है,

जरा पता तो करो ये बवाल क्या है।


मेरा दिल तो रोज़ धड़कता है यहाँ,

उधर तेरे दिल का हाल क्या है।"


और फिर बाहर से घूम कर आने के बाद और अपने साथी के लिए ढेर सारा प्यार लुटाने के बाद आपको ये सुनने को मिल सकता है।


"तू जो मुस्कुराए तो मौसम में बहार आ जाए,

बंजर जमीन में भी बरखा की फुहार आ जाए,

मोहब्बत गर है तो फिर इज़हार कर दे,

कहीं देर ना हो जाए और  इतवार आ जाए।"


Enjoy. Happy New year 2021.


©नीतिश तिवारी।


ये भी देखिए: शायरी इश्क़ वाली।




 

Sunday, December 20, 2020

ख़त का जवाब रखा था हमने।

Hindi bewfai dard shayari









Pic credit: pinterest.



मुलाक़ातों के दौर का ख्वाब देखा था हमने,
उनके लिए हर रंग का गुलाब रखा था हमने,
रश्क इतना कि वो हमारे मैय्यत पर भी ना आए,
जनाज़े के बगल में ख़त का जवाब रखा था हमने।


Mulaqaton ke daur ka khwab dekha tha humne,
Unke liye har rang ka gulaab rakha tha humne,
Rashk itna ki wo humare maiyyat par bhi naa aaye,
Janaje ke bagal mein khat ka jawab rakha tha humne.


उस बेवफ़ा का आज भी मैं एहतराम करता हूँ,
अपनी शायरी में 'उसका' नहीं, 'उनका' लिखता हूँ।


Us bewfa ka aaj bhi main ehtaraam karta hoon,
Apni shayari mein 'uska' nahi, 'unka' likhta hoon.


©नीतिश तिवारी।





 

Thursday, December 17, 2020

गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत।

 

Bollywood romantic Hindi song




गाना- मेरे ख़्वाबों की दौलत।

मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है,
रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है।

मिलने जुलने की कोशिश में,
सदियों मैंने गुजार दिया। 2
बाकी रहा ना अब कुछ मुझमें,
दिल तो पहले ही हार दिया।

कैसे बताऊँ तुझसे मैं,
कितनी मोहब्बत करती हूँ। 2
तुमने भेजे थे ख़त जो,
मैं हर रोज वो पड़ती हूँ।

अबके सावन भी ना आए,
फिर ये बारिश किसके लिए है। 2

मेरे ख़्वाबों की दौलत तुम, नींद पे पहरा फिर क्यों है,
रोज तुम्हें मैं याद हूँ करती, ज़ख्म ये गहरा फिर क्यों है।

©नीतिश तिवारी।

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Monday, December 14, 2020

मुझे तीन बार इश्क़ हुआ है।

 

Pic credit: Google.



मुझे तीन बार
इश्क़ हुआ है
पर हर बार
सिर्फ़ धोखा मिला है।

पहला इश्क़ दोस्ती
दूसरा इश्क़ मोहब्बत
और तीसरा इश्क़ तो
इश्क़ ही था।

अफसोस बस ये रहा
कि तीनों इश्क़ ने
साथ नहीं निभाया
बस किया और
छोड़ दिया।

©नीतिश तिवारी।
iwillrocknow.com



Saturday, December 12, 2020

मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं।

 

Pic credit: google.






बेबसी का ये आलम,
बिन बारिश का ये सावन,
हक़ अदा करें भी तो कैसे,
रूठ गया है मोरा साजन।

Bebasi ka ye aalam,
Bin barish ka ye savan,
Haq ada karen bhi toh kaise,
Rooth gaya hai mora sajan.

पिछली दीदार के खूबसूरत लम्हों को आँखों में सजाए रखते हैं,
हम उनसे मुलाक़ात के इंतज़ार में अपनी पलकें बिछाए रखते हैं,
वो घड़ी मोहब्बत की, वो उनके चेहरे का भोलापन,
हर रोज दिल में एक मिलन की आरज़ू जगाए रखते हैं।

Pichhli deedar ke khoobsurat lamhon ko aankhon mein sajaye rakhte hain,
Hum unse mulaqaat ke intzaar mein apni palken bichhaye rakhte hain,
Wo ghadi mohabbat ki, wo unke chehre ka bholapan,
Har roj dil mein ek milan ki aarzoo jagaye rakhte hain.

©नीतिश तिवारी।


Tuesday, December 8, 2020

दिल नादान, परेशान हो जाए तो क्या?

 





मुझे नहीं मिलता सुकून,
कहाँ गया वो जुनून,
हर चीज को पाने
की ज़िद।
ना कुछ भी खोने 
का डर।

दिल नादान, परेशान
हो जाये तो क्या,
सामने वाला हैरान
हो जाये तो क्या,

अपनी धुन में जो
मगन रहा,
उसी का मस्त 
जीवन रहा।

©नीतिश तिवारी।


Sunday, December 6, 2020

गाना-- ये दिल धड़कने लगा है।






ये दिल धड़कने लगा है,
ये जब से तुमसे मिला है। 2
तेरी साँवली सूरत पर क्यों,
ये दिल अब मरने लगा है। 2

वो पहली नज़र में देखना तुमको,
देखके तुमको यूँ मेरा तड़पना।
और फिर इस दिल का धड़कना,
इज़हार-ए- मोहब्बत को मेरा झिझकना।

मेरा दिल धड़कने लगा है,
ये जब से तुमसे मिला है। 2

मेरी ख्वाहिश  कि तुमको जी भर के देखूँ,
हर पल मैं सिर्फ तुमको ही सोंचूं। 2
अब हर कोई ये कहने लगा है,
मुझे इश्क़ ये होने लगा है। 2

मेरा दिल धड़कने लगा है,
ये जब से तुमसे मिला है । 2
तेरी साँवली सूरत पर क्यों,
ये दिल अब मरने लगा है। 2

©नीतिश तिवारी।


 

Saturday, November 28, 2020

तूफ़ानों का रुख़ मोड़ देता हूँ।

 





लोग जब ख़ैरियत तक नहीं पूछते मेरी,
खुद से ही मोहब्बत कर लेता हूँ।
जलते दीये को जब आँधियों का डर होता है,
मैं तूफ़ानों का रुख मोड़ देता हूँ।

Log jab khairiyat tak nahi poochhte meri,
Khud se hi mohabbat kar leta hoon,
Jalte diye ko jab aandhiyon se dar hota hai,
Main toofan ka rukh mod deta hoon.

©नीतिश तिवारी।



Wednesday, November 25, 2020

साहिल कर दिया।








तुम्हारे श्रृंगार के ओज ने 
मेरे अस्तित्व को
धूमिल कर दिया।

प्रेम के सागर में डूबने
की तमन्ना थी मेरी
तुमने तो मुझे साहिल कर दिया।

Tumhare shringaar ke ooj ne
Mere astitwa ko
Dhoomil kar diya.

Prem ke sagar mein doobne
Ki tamanna thi meri
Tumne toh mujhe shahil kar diya.

©नीतिश तिवारी।

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Thursday, November 19, 2020

इश्क़ करने की औकात नहीं होती।

 





ज़ख्म-ए-ग़म ना मिले तो आँसुओं की बरसात नहीं होती,
भटकते हैं उसकी गलियों में फिर भी मुलाक़ात नहीं होती,
इश्क़ से परहेज़ करने को वही लोग कहते हैं,
जिनकी इश्क़ करने की कभी औकात नहीं होती।

Zakhm-e-gham na mile toh ansuon ki barsaat nahi hoti,
Bhatakte hain uski galiyon mein phir bhi mulaqat nahi hoti,
Ishq se parhez karne ko wahi log kahte hain,
Jinki ishq karne ki kabhi aukaat nahi hoti.

©नीतिश तिवारी।



Wednesday, November 11, 2020

हर रोज वो नज़र रखते हैं।

फ़ोटो: गूगल से साभार।






लहज़े में मोहब्बत और दिल में ज़हर रखते हैं,
कुछ लोग दर्द देने का कमाल का हुनर रखते हैं,
हमारे पुराने ज़ख्म को वो भरने भी नहीं देते,
हमारी नयी मोहब्बत पर हर रोज वो नज़र रखते हैं।

Lahze mein mohabbat aur dil mein zehar rakhte hain,
Kuch log dard dene ka kamaal ka hunar rakhte hain,
Humare purane zakhm ko wo bharne bhi nahi dete,
Humari nayi mohabbat par har roj wo nazar rakhte hain.

© नीतिश तिवारी।


 

Monday, November 9, 2020

WhiteHat Jr में पैसा देकर अपने बच्चे का बचपन बर्बाद मत करिए।

 





आप सभी ने पिछले कई महीनों से और खासकर जब से lockdown हुआ है tv पर और सोशल मीडिया में एक ad जरूर देखा होगा। वो है वाइट हैट जूनियर का। White hat का हिंदी मतलब होता है सफेद टोपी और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सच में ये लोग इंडियन पेरेंट्स को टोपी ही पहना रहे हैं। 

छोटे से जीव को जावा में उलझा रहे हैं जबकि इनके टीचर्स को जावा और जावा स्क्रिप्ट का बेसिक difference  नहीं पता। 
चिंटू वाला एड तो आपने देखा ही होगा कि कैसे चिंटू ने एक app बनाया और उसके घर उस app को खरीदने के लिय इन्वेस्टर्स में लड़ाई होने लगी। 
एक छोटी बच्ची बोल रही थी कि उसने एक app बनाया है जिससे कि गरीबी हट जाएगी। like seriously? White hat jr की उस बच्ची से सादर अनुरोध है कि उस app को भारत के सभी नेताओं के मोबाइल में इनस्टॉल करवाये और झारखंड और उड़ीसा लेकर जाए। 

ऐसा नहीं है कि बच्चे सीख नहीं सकते या app नहीं बना सकते लेकिन जिस तरीके से इसका प्रचार किया जा रहा है वो समझ से परे है। मतलब मैंने mca किया है और मैं आपको बता सकता हूँ कि coding के लिए reasoning , logical ability और मैथ्स का आना बेहद जरूरी है। programming lanaguge तो बाद की चीज है। 

किसी ने मेरे से पूछा कि बच्चे को वाइट हैट जूनियर में कोडिंग सीखाना है, क्या देना होगा। 
मैन कहा, बच्चे का बचपन। 
तो अगर आप अपने बच्चे का बचपन नहीं छीनना चाहते हैं तो हजारों लाखों रुपये देकर उसके बचपन को बर्बाद मत होने दीजिए। बेसिक कोर्स पढ़ने दीजिए। 
खेलने कूदने दीजिए। 

आप यूट्यूब पर भी सर्च करके देख सकते हैं।

ये स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया से मिला है। ध्यान से पढिए।





©नीतिश तिवारी।

Saturday, November 7, 2020

नया नया आशिक़ हुआ है।

 

Pic credit: Google.




उसकी यादों का ज़ख्म हर रोज चुभता है,
इश्क़ का मरहम अब कहीं नहीं मिलता है,
मेरा दोस्त आजकल नया नया आशिक़ हुआ है,
वो भी अब मेरे साथ ही रहता है। 

Uski yadon ka zakhm har roj chubhta hai,
Ishq ka marham ab kahi nahi milta hai,
Mera dost aajkal naya naya ashiq hua hai,
Wo bhi ab mere saath hi rahta hai.

©नीतिश तिवारी।