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यूँ ना देखो ऐसे, मैं घायल हो जाऊँगा,
तेरे इस हुस्न का, मैं कायल हो जाऊँगा,
मेरे गीतों की गुनगुन सुनाई नहीं देती तो,
तेरे इन पैरों का, मैं पायल हो जाऊँगा।

अब के बरस प्यासी मत रहना तुम,
सावन का नया, मैं बादल हो जाऊँगा।
अश्कों को गिरने ना दूँगा पलकों से,
तेरी इन आँखों का, मैं काजल हो जाऊँगा।

सजने को जी करे जब तेरा तो बता देना,
तेरी इन बाहों का, मैं आँचल हो जाऊँगा
अब कितनी मोहब्बत करेगी रहने दे ना, 
 इश्क़ में एक दिन, मैं पागल हो जाऊँगा।

©नीतिश तिवारी।