कि कोई आए तो आए कैसे,
मुझको भाए तो भाए कैसे.

अपना बनाए तो बनाए कैसे,
हम दिल लुटाएं तो लुटाएं कैसे.

कोई खुश्बू महकाय तो महकाय कैसे,
कोई आरज़ू जगाए तो जगाए कैसे.

अपनी बेबसी बताएँ तो बताएँ कैसे,
अपनी खुशी छुपाएँ तो छुपाए कैसे.

©नीतीश तिवारी